Paper-VI-Information-Technology-in-Hindi-munotes

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सूचना ौोिगक
अथ, क परभाषा , वप और िवकास
इकाई क पर ेखा :
१.० इकाई का उ ेय
१.१ तावना
१.२ सूचना ौोिगक अथ , परभाषा , वप और िवकास
१.३ सूचना ौोिगक स मयाए ँ, सीमाएँ और च ुनौितया ँ
१.४ सारांश
१.५ दीघरी
१.६ लघुरीय
१.७ संदभ पुतक
१.० उेय
इस इकाई क े अययन क े उपरा ंत आप ,
 सूचना ौोिगक क अवधारणा को समझ सक गे ।
 सूचना ौोिगक को परभािषत कर सकगे एवं उसका वण न कर सक गे ।
 सूचना ौोिगक समयाए ं, सीमाए ं और च ुनौितया ं आिद जान सक गे ।

१.१ तावना
इस इकाई क े मायम स े सूचना ौोिगक का अथ एवं वप पर काश डाला गया ह ै ।
िविभन िवान ारा दी गई परभाषाओ ं के आधार पर स ूचना ौोिगक क े वप को
प करन े का यास िकया गया ह ै । वतमान समय म सूचना ौोिगक क या समयाए ं
और सीमाए ं है, तथा इस े म िकन च ुनौितय का सामना करना पड़ रहा ह ै |
१.२ सूचना ौोिगक अथ , परभाषा , वप और िवकास भाषा अिभयि का सश मायम ह ै । संेषण क े ारा ही मन ुय सूचनाओ ं का आदान -
दान एव ं उसे संिहत करता ह ै । सामािजक , आिथक, धािमक अथवा राजनीितक कारण
से िविभन मानवी सम ूह का आपस म संपक बना रहन े से गत शतादी म सूचना और munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

2 संपक के े म अुत गित हई ह ै । इलेािनक मायम क े फलवप िव का अिधका ंश
भाग ज ुड गया ह ै । सूचना ौोिगक ा ंती ने ान क े ार खोल िदय े है । बुि एव ं भाषा क े
िमलाप स े सूचना ौोिगक क े सहार े आिथ क संपनता क ओर भारत असर हो रहा ह ै ।
इलेािनक वािणय क े प म ई-कॉमस तथा ऑनलाईन सरकारी कामकाज िवषयक ई -
शासन , ई-बिकंग ारा ब क यवहार ऑनलाईन , िशा सामी क े िलए ई -एयूकेशन आिद
मायम स े सूचना ौोिगक का िवकास हो रहा ह ै ।
सूचना ौोिगक अथ एवं वप
सूचना ौ ोिगक यह शद अ ंेजी के( इंफॉमशन ट ेनोलॉजी ) शद का िह ंदी अन ुवाद ह ै ।
और इसका स ंबंध कंयूटर, सूचना और स ंचार स े है । सूचना ौोिगक -सूचना और
ौोिगक इन दो शद स े बना हआ ह ै । इन दो शद को हम ठीक स े समझना होगा ।
सूचना (इंफॉमशन) के कई अथ होते ह जैसे संचार, िनयंण, आंकड़ा, (डेटा) आदेश, ान,
अथ ,पैटन आिद । सूचना को हम जानकारी , खबर, अवगत तथा स ूिचत करना आिद अथ
म भी ल े सकत े ह । अवगत करान े, जतान े के िलए कही गई बात को स ूचना कह सकत े ह ।
तकनीक प म सूचना ौ ोिगक क े संदभ म यह शद आ ंकड़ (डेटा) ान (नॉलेज) ा
िववेक और ब ुिमा (िवडम ) आिद क े साथ ज ुड़ा हआ ह ै । ौोिगक (तकनीक
टेनोलॉजी ) यह शद उोग पर उपसग लगाकर बनाया गया ह ै । ौोिगक का े अय ंत
यापक ह ै । अलग -अलग े म काम आन े वाली ौोिगक अलग -अलग नाम स े जानी
जाती ह ै । जैसे- जैव िविवधता स े जुड़ी तकनीक ज ैव ौोिगक , उपकरण एव ं युिय स े
जुड़ी कृिष े क ौोिगक , सूचना तथा स ंचार स े जुड़ी सूचना ौोिगक ह ै । दैिनक
जीवन म काम आन े वाले यं उपकरण स े जुड़ी जीवन जीन े के िलए उपय ु ौोिगक ह ै ।
सूचना ौोिगक (इनफाम शन ट ेनोलॉजी ) के वप को समझन े के िलए िवान ारा दी
गई परभाषा को द ेखने क आवयकता ह ै । िवान ारा दी गई स ूचना ौोिगक क
परभाषाए ं िनन कार है ।
परभाषाए ं
१) मैकिमलन िडशनरी ऑफ़ इनफ़ोम शन ट ेनोलाजी म दी गई परभाषा क े अ नुसार,
"कंयूिटंग और द ूरसंचार क े संिमण पर आधारत माईो -इलेािनस ारा मौिखक ,
िचामक , मूलपाठ िवषयक और संया स ंबंधी स ूचना का अज न, संसाधन (ोसेिसंग),
भंडारण और सार ह ै ।"
२) अमेरक रपोट के अनुसार स ूचना ौोिगक को इन शद म े परभािषत िकया गया ह ै-
"सूचना ौोिगक का अथ है, सूचना का एकिकरण , भंडारण, ोसेिसंग, सार और
योग । यह क ेवल हाड वेअर अथवा सॉटव ेअर तक ही सी िमत नह ह ै । बिक इस
ौोिगक क े िलए मन ुय क महा और उसक े ारा िनधा रत लय को ा करना , इन
िवकप क े िनमाण म िनिहत म ूय, यह िनण य लेने के िलए य ु मानद ंड है िक या मानव
इस ौोिगक को िनय ंित कर रहा ह ै । और इसस े उसका ान स ंवधन हो रहा ह ै ।"
३) युनेको क े अनुसार स ूचना ौोिगक क परभाषा इस कार दी ह ै - सूचना
ौोिगक , "वैािनक , ौोिगकय और इ ंजीिनयर ंग िवषय ह ै । और स ूचना क ोस ेिसंग, munotes.in

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सूचना ौोिगक अथ, क परभाषा, वप और िवकास
3 उपरो परभाषा ओं के आधार पर हम कह सकत े ह िक वह य ेक ौोिगक िजसक
सहायता स े सूचनाओ ं क ाि हो , सूचना ौोिगक कहलाती ह ै । उनक े अनुयोग क
बंध तकनीक है । कंयूटर और उनक मानव तथा मशीन क े साथ अ ंत:िया एव ं संब
सामािजक , आिथक तथा सा ंकृितक िवषय ।'
४) डॉ जगिदर चत ुवदी ने सूचना ौ ोिगक क े सूचना तकनीक शद को परभािषत
करते हए िलखा ह ै - सूचना तकनीक (ौोिगक ) के िकसी भी उ ेय के िलए इत ेमाल
िकया जाए वह वत ुत: उपकरण तकनीक ह ै । यह स ूचनाओ ं को अम ूत संसाधन क े प म
मथती ह ै । यह 'हाडवेअर और सॉटव ेअर' दोन पर आित है । इसम उन तव का
समाव ेश भी ह ै, जो "हाडवेअर और सॉटव ेअर' से वतं है ।'
५) डॉ अमरीश िसहा क े अनुसार, "सूचना ौोिगक एक ऐसा अन ुशासन ह ै, िजसम
सूचना का स ंचार अथवा आदान -दान वरत गित स े दूरथ समाज म , िविभन तरह क े
साधन तथा स ंसाधन के मायम स े सफ़लता प ूवक िकया जाता ह ै ।'
६) रौले के अनुसार- ‘‘सूचना तकनीक का अथ सूचना क े एकीकरण , संहण, संचालन ,
सारण तथा उपयोग स े है । इसका आशय हाड वेयर अथवा सॉटव ेयर स े नह ह ै, बिक
इस तकनीक क े ारा मानव क महवप ूण आवयकता एवं िविभन स ूचनाओ ं क
पूित से है ।’’
७) वेबटर य ू इनसाइलोपीिडया क े अनुसार- ‘‘सूचना तकनीक िविभन तकनीक का
संयु पद ह ै, िजसम िविभन तकनीक ारा स ूचना क े संचालन एव ं थानातरण का काय
िकया जाता ह ै । मायम क े प म कय ूटर, दूरसंचार तथा माइो -इलेॉिनस
शािमल ह ।’’
८) हेरॉडस लाइ ेरयस लौसरी क े अनुसार- ‘‘सूचना तकनीक स ूचना ोत का िवकास
है, िजसे कय ूटर एव ं संचार मायम ारा िनयित िकया जाता ह ै ।’’
९) वैसटस िडशनरी क े अनुसार, “डाटा तुितकरण और िवतरण ह ेतु कय ूटर तं,
साटव ेयर,नेटवक के िवकास , रख-रखाव और उपयोग स े सबिधत ौोिगक को स ूचना
ौोिगक कहत े ह ।“
१०) आई.टी. एसोिसएशन आफ अमरीका क े अनुसार, ‘‘कय ूटर आधारत स ूचना त ं
िवशेष प स े साटव ेयर अन ुयोग और कय ूटर हाड वेयर क े अययन , अिभकप ,
िवकास , कायावयन , समथन अथवा बधन को स ूचना ौोिगक कहत े ह’’।
सूचना ौोिगक का िवकास
सूचना ौोिगक का इितहास लगभग पा ँच हजार वष पुराना ह ै । इसका िवकास या ंिक
तथा इल ेॉिनक प म हआ ह ै । अपनी िवकास याा म यह आिदकालीन स ंकेत िचह ,
िच िलिप , वणमाला ल ेखन, मुण और िफर क ंयूटर टाइप क े प म पलिवत हआ । हाल
ही म टेलीफोन , रेिडयो, टेलीिवजन ,उपह , संेषण ,ांिजटर ,कंयूटर और माइो
ोसेसर के कारण स ूचना ौ ोिगक म गुणामक परवत न आया ह ै । सूचना ौोिगक को munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

4 हम समत नवीन िवकार को समािहत करन े वाले एक स ंयु पद क े प म वीकार करना
होगा । वत ुतः सूचना ौोिगक स ूचना स ंचालन का िवान ह ै । िजसक े अंतगत वैािनक
तकनीक आिथ क तथा सामािज क ान का क ंयूटर समिथ त संचार िकया जाता ह ै ।
सूचना ौोिगक क े संदभ म हम जब स ूचना शद का योग करत े है, तब यह एक
तकनीक पारभािषक शद होता ह ै । वहाँ सूचना क े संदभ मे "आँकडा (data) और "ा'
"िववेक' "बुिमा ' (intelligence) आिद शद का भी योग िमलता ह ै । ौोिगक ान
क एक ऐसी शाखा ह ै, िजसका सरोकार या ंिकय कला अथवा योजन परक िवान
अथवा इन दोन क े समिवत प स े है । भारत म सूचना ौोिगक सवा िधक रोजगार
दान करन े वाले े म से एक बन गया ह ै । सूचना ौ ोिगक क े बह आयामी उपयोग क े
कारण िवकास क े न ये ार ख ुल रह े ह । भारत म सूचना ौोिगक का े तेजी स े
िवकिसत हो रहा ह ै । इस े म िविभन योग का अन ुसंधान करक े िवकास क गित को
बढाया गया ह ै । सूचना ौोिगक म सूचना, आँकडे (डेटा ) तथा ान का आदान दान
मनुय जीवन क े हर े म फ़ैल गया ह ै । हमारी आिथ क, राजनीितक , सामािजक ,
सांकृितक, शैिणक , यावसाियक तथा अय बहत स े े म सूचना ौोिगक का
िवकास िदखाई पड़ता ह ै । इलेािनक तथा िडजीटल उपकरण क सहा यता से इस े म
िनरंतर योग हो रह े ह । आिथ क उदारतावाद क े इस दौर क े वैिक ाम (लोबल िवल ेज)
क स ंकपना स ंचार ौोिगक क े कारण सफ़ल हई ह ै । इस नय े युग म ई-कॉमस , ई-
मेडीिसन , ई-एयूकेशन, ई-गवनस, ई-बिकंग, ई-शॉिपंग आिद इल ेािन क मा यम का
िवकास हो रहा ह ै । सूचना ौोिगक आज शि एव ं िवकास का तीक बनी ह ै । कंयूटर
युग के संचार साधन म सूचना ौोिगक क े आगमन स े हम स ूचना समाज म वेश कर रह े
ह । िवान एव ं ौोिगक क े इस अिधकतम ान एव ं इनका साथ क उपयोग करते हए,
उनसे लाभािवत होन े क सभी को आवयकता ह ै ।
आज स ूचना ौोिगक क समत ियाए ं कंयूटर के मायम स े वचािलत प स े क जा
सकती ह । इसीिलए क ंयूटर इसक े िलए वरदान िस हआ ह ै । ारंभ म कंयूटर का योग
वैािनक स ंथान और िवाल य तक ही सीिमत था । उस समय क ंयूटर का योग
िकसी िविश उ ेय क प ूित के िलए ही िकया जाता था ल ेिकन बदलत े समय क े साथ
धीरे-धीरे इसक जरत हर एक यि को पडन े लगी यिक वह इसक े ारा अपन े काय
को और भी सरल बना सकता था इसिलए जब क ंयूटर का यावसाियक योग बढ़ा तो
कंयूटर सामाय सभी क े काय म योग िकया जान े लगा । वतमान म कंयूटर एक ऐसा य ं
है, जो जीवन क े सभी े म काय कर रहा ह ै । वतमान म कंयूटर का योग सभी ब क,
अपताल योगशाला , अनुसंधान क , िशा एव ं कई े म िकया जाता ह ै । आज क े
समय म शायद ही कोई ऐसा े बचा हो जहा ं कंयूटर का योग ना हो रहा हो , जो वह
संसार का एक महवप ूण साधन बन गया ह ै । नेटवक के मायम स े देश के मुख थान
को एक द ूसरे के साथ जोड़ िदया गया ह ै । अंतर िव ान के े म तो कंयूटर ने कमाल
ही कर िदखाया ह ै । कंयूटर क सहायता स े करोड़ मील द ूर के अंतर म िथत ह ,
उकाओ ं, धूमकेतु और आकाशग ंगाओं के िच खच िलए जा सकत े ह । और इन िच का
िवेषण भी क ंयूटर ारा ही िकया जा रहा है । सुरा क े िकोण स े उन पर सद ैव नजर
रखी जा सकती ह ै । संसार क े िकसी भी े म हो रह े अनुसंधान क े बारे म िकसी भी क म
बैठे यि को पलक झपकत े ही इंटरनेट के मायम स े उसक जानकारी ा हो जाती ह ै । munotes.in

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सूचना ौोिगक अथ, क परभाषा, वप और िवकास
5 वतमान समय म इन कंयूटर के मायम स े नए- नए भवन का िनमा ण, मोटर गाड़ीय , हवाई
जहाज , तथा कपड़ा आिद क े िडजाइन आसानी स े तैयार िकए जा रह े ह । सबस े मुय बात
यह है िक क ंयूटर के ारा आज क े समय म कुछ ऐस े कंयूटर रोबोट त ैयार कर िदए गए ह
जो औोिगक े म अय िधक जान जोिखम वाल े काय को िबना कोई जोिखम उठाए ं
सफलताप ूवक कर सकत े ह । जहा ं िकसी काय को सौ यि एक साथ िमलकर करत े ह,
वही क ंयूटर रोबोट उस काय को अक ेला ही कर सकता ह ै । िजसस े उस काय को आसानी
से और िबना जोिखम क े कम लागत तथा कम समय लगाए ं िकया जा सकता ह ै ।
१.३ सूचना ौोिगक समयाए ं, सीमाए ं और च ुनौितया ं
जहां एक ओर क ंयूटर मानव जीवन क आवयकताओ ं क प ूित के िलए सबस े महवप ूण
मान िलया गया ह ै, िकतु दुसरी ओर उसक काफ समयाए ं तथा च ुनौितया ँ भी है, िजसका
भाव प प स े िदखाई द ेता है ।
बेरोजगारी म वृि
वतमान य ुग म िकसी भी काया लय, संथा तथा उपम म अिधका ंश काय कंयूटर के ारा
ही िकए जान े लगे ह । िजस काय को पहल े कई यि िमलकर करत े थे, आज उस काय
को केवल सीिमत यिय ारा िकया जाता ह ै । साथ ही यहा ँ तकनीक काय - कुशल
यि को ही रोजगार ाि होती ह ै । इस कार ब ेरोजगारी म िनरंतर वृि होती जा रही ह ै ।
गोपनीयता का खतरा
कंयूटर म हम जो भी काय करत े ह, या िकसी भी कार क े दताव ेज , जानकारी , आकड े,
िनजी जानकारया ं, बक जमा प ूँजी इया िद क जानकारया ं आिद रखत े ह, तो वह सभी
कार क े डेटाबेस कंयूटर म टोर रहता ह । कोई भी यि क ंयूटर म डेटाबेस के अंतगत
इसक सभी जानकारया ं ा कर सकता ह ै । इसिलए क ंयूटर म संिहत िकए गए आ ंकड़
पर गोपनीयता का खतरा बढ़ जान े क स ंभावना बनी रहती ह ै ।
कंयूटर और क ेलकुलेटर क बढ़ती आदत
आज क े समय म अिधका ंश से यि क ंयूटर एव ं केलकुलेटर के आदी हो च ुके ह, कोई भी
यि वय ं अपना िदमाग लगाकर कोई अंको को जोड़ना या घटाना नह चाहता हर यि
कंयूटर या अपन े माट फोन केलकुलेटर का उपयोग करक े जोड़ना , घटाना , गुणा ,भाग,
आिद कर ल ेता है । िजस कारण बाद म उसको क ेलकुलेटर के अभाव म गिणतीय ियाओ ं
को करन े म काफ पर ेशानी होती ह ै । इसिलए क ेलकुलेटर ने मानव जीवन म गिणतीय
ियाओ ं को आसान तो बनाया ह ै, लेिकन हमार े िदमाग म लगे केलकुलेटर क काय मता
को भािवत कर िदया ह ै । कंयूटर तथा माट फोन क बढ़ती आदत न े मानव जीवन को
काफ भािवत िकया ह ै । आजकल लगभग सभी यि क ंयूटर पर ग ेम िवज तथा
मोबाईल म सोशल मीिडया पर बना रहना , रील बनाना आिद म अपना अिधकतर समय
यतीत करत े ह । कंयूटर चलात े समय ायः वातान ुकूिलत कमर े म बैठते ह, िजसस े
इसक आदत पड़ जाती ह ै । लेिकन व े यह नह जानत े िक यह सब उनक े वाय क े िलए
िकतना हािनकारक हो सकता ह ै । munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

6  टेलीिवजन का वॉय ूम बहत अिधक करन े से विन द ूषण हो सकता ह ै ।
 इलेॉिनक मीिडया के अिधक उपयोग स े समय क बबा दी होती ह ै ।
 तकनी िक वत ुओं का बहत अिधक समय तक उपयोग करने से शरीर म थूलता क
समया स े जूझना पड़ता ह ै ।
 तकनीक का बहत अिधक उपयोग छा क े िलए क े िलए हािनकारक ह ै ।
 छा तकनीक के अनगल योग से मूयवान समय खच होता है, जो उह अययन के
िलए उपयोग म लाना चािहए ।
सीमाए ं
बड़े पैमाने पर सुचना ौधौिगक के लाभ के बावज ूद सूचना संचार ौोिगक के
कायावयन िया म कई सीमाए ं ह िजसन े आधारक संरचना का िनमाण और गवनस क
ओर बढ़ने म ौोिगक के सार को धीमा कर िदया है । इसक िनन सीमाए ं ह ।
असुरितता
आज क े समय म लगभग हर यि अपन े बक अकाउ ंट को इल ेॉिनक डाटा क े प म
रखते ह । धन रािश िनकालन े के िलए ाहक ारा एटीएम काड का योग िकया जाता ह ै ।
इस कार आ ज रकॉड कागज म ना रखकर म ैनेिटक मायम स े कंयूटर म रखा
जाता ह ै । यिद क ंयूटर िसटम म वायरस आ जाए तो प ूरा का प ूरा डेटा कुछ ही स ेकंड म
न िकया जा सकता ह ै । यिद ड ेटाबेस का ब ैकअप नह रखा गया हो तो प ूरे के पूरे रकॉड
न हो सकत े ह । इस कार डाटा द ेश क स ुरा को सद ैव खतरा बना रहता ह ै ।
िवुत पर िनभ र
ौोिगक का बड़ े पैमाने पर िवकास हो च ुका ह ै िकत ु उसे िव ुत पर िनभ र रहना
पड़ता ह । आज भी द ूरदराज क े गांव म िबजली क पह ंच नह क े बराबर ह ै । ऊजा के
अभाव स े तकनीक काम नह कर सकती ह ै । ौोिगक का बड़ े पैमाने पर िवकास हो जान े
के बावज ूद भी समा ज का बाडा भाग इसका उपयोग नह क र सकता ह ै ।
वायरस का खतरा
वायरस फ ैलाना -साइबर अपराधी क ुछ ऐस े सॉटव ेयर आपक े कय ुटर पर भ ेजते ह,
िजसम वायरस िछप े हो सकत े ह, इनम वायरस , वम, टाजन हॉस , लॉिजक हॉस आिद
वायरस शािमल ह , यह आपक े कं यूटर को काफ हािन पह ंचा सकत े ह । यह वायरस
कंयूटर म संिचत स ूचना और िनद श को द ूिषत कर न भी कर द ेता है । साथ ही उसक े
रहते कंयूटर के काय क गित धीमी पड़ जा ती है । इस तरह तकनीक क े िवकास क े साथ-
साथ वायरस का खतरा भी बना रहता ह ै ।
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सूचना ौोिगक अथ, क परभाषा, वप और िवकास
7 साइबर अपराध
साइबर अपराध एक ऐसा अपराध ह ै, िजसम कंयूटर और न ेटवक शािमल ह ै । िकसी भी
कंयूटर का अपरािधक थान पर िमलना या क ंयूटर स े कोई अपराध करना क ंयूटर
अपराध कहलाता है कंयूटर अपराध भी कई कार स े िकये जाते है जैसे िक प ैम ईमेल,
हैिकंग, िफिशंग, वायरस को डालना , िकसी क जानकारी को ऑनलाइन ा करना या
िकसी पर हर वत नजर रखना , जानकारी चोरी करना , जानकारी िमटाना , जानकारी म
फेर बदल करना , िकसी क जानकारी को िकसी और को द ेना या कंयूटर के भागो को चोरी
करना या न करना , उसका गलत इत ेमाल करना आिद साइबर अपराध िकए जा रह है ।
महंगे संसाधन
सूचना ौोिगक क े संसाधन अिधक खचल े होते ह । कंयूटर क े हाडवेयर तथा
सॉटव ेयर काफ मह ंगे होते ह साथ साथ इह समय -समय पर अपड ेट भी करना पड़ता ह ै ।
इंटरनेट क अस ुिवधा
सूचना ौोिगक म इंटरनेट क महवप ूण भूिमका ह ै । आज भी द ूर दराज क े गांव तक
िबजली पह ंची नह ह ै । अगर पह ंची भी ह ै तो वह सीिमत समय तक ही उपलध होती ह ै ।
िबजली क उपलधता न होन े से इंटरनेट क अस ुिवधा हो जा ने से रेिडयो, टीवी, िसनेमा,
कंयूटर आिद स े कोस द ूर गाँव तक व ैिक गितिविधया ं नह पह ंचती ह ै ।
सारता क कमी
सूचना स ंचार ौोिगक क े लाभ क े बारे म जागकता क े साथ-साथ सफलताप ूवक g2c
g2c व g2b गवनस ोज ेट के ियावयन म शािमल ोस ेस क कमी स ूचना ौोिगक
सारता म कमी सबस े बड़ी सीमा ह ै । शासिनक स ंरचना ई गवन स सूचना क े बंध और
ा करन े का उपकरण नह ह ै ।
सरकारी कम चारय क े ोसाहन म कमी
सरकारी कम चारय का मनोिवान ाइव ेट सेटर क े कमचारय स े अलग है । परंपरागत
प स े सरकारी कम चारय न े इस तय को अपनाया ह ै िक, सरकारी आ ंकड़ को लाग ू
करने का या िसटम म बदलाव लान े का कोई भी यास ितरोध का सामना करना ह ै ।
अतः सरकारी िवभाग म सूचना स ंचार ौोिगक क े ित ोसाहन म कमी द ेखी जा ती है ।
िवशेषता का अभाव
ई-गवनस सूचना स ंचार ोोिगक क े सफल स ंचालन क े िलए शासिनक ियाओ ं के
पुनगठन क बहत आवयकता होती ह ै, िकंतु इसक े िवपरीत िवभाग क े कमचारय म
वेबसाइट पर क ंटट इका करन े, अपडेट करन े म िवशेषता का अभाव पाया जाता ह ै । इस
तरह का परय िकसी भी कार स े सूचना स ंचार ौोिगक क े इिछत परणाम को ा
करने म असमथ होता ह ै ।
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िहदी म सूचना ौोिगक

8 अय समयाए ं
कई िवभाग म कंयूटर का उपयोग क ेवल वड ोसेिसंग के उेश के िलए िकया जाता ह ै ।
िजसका परणाम यह ह ै िक, जब तक एलीक ेशन साटव ेयर उपयोग क े िलए त ैयार होता
है, तब तक हाड वेयर अचिलत हो च ुका होता ह ै ।
िविभन िवभाग म बुिनयादी स ुिवधाओ ं म कमी ह ै ।
डाटा ा ंसिमशन कन ेिटिवटी का उपयोग क ेवल ईम ेल व इ ंटरनेट उ ेय के िलए िकया
जाता ह ै ।
आधारक स ंरचना स ंबंधी उच ार ंिभक लागत ।
दशन, मूयांकन म किठनाई ।
मनोवृि परवत न क आवयकता ।
सूचना स ंचार ोोिगक म ूल प स े एक िवतरण णाली ह ै ।
सतत िशण क आवयकता ।
सूचना ौोिगक एक मौिलक और अिभनव ा ंित है, िजसन े िपछली शतादी म मानव
जीवन को काफ हद तक छ ुआ है । वातव म , जीवन क े सभी पहल ुओं म सूचना और
संचार ौोिगक का अभी -अभी उपयोग जाने लगा है, जो एक दीिमान घटना , या एक
गुजरने वाली व ृि स े दूर है । अिधका ंश यि इस नीित का योग कर रहे है, जो कंपनी
और कमचारय दोन के काय सुलभ बना रहा है । सूचना ौोिगक क बदौलत आज क
दुिनया को एक छोटा गा ंव माना जाता ह ै । संचार और स ूचना क े सारण क िया इतनी
तेज हो गई ह ै िक इसन े दुिनया भर म यापक प स े सार िकया ह ै, और इसन े मानव
जीवन को बहत भािवत िकया है और एक आम ूल परवत न लाया ह ै । दुिनया अब प ूरी तरह
से ौोिगक पर िनभ र है । यह जानत े हए िक यह तकनीक समाज को न करन े के िलए
एक महवप ूण जोिखम वहन करती ह ै । सूचना और स ंचार क नई तकनीक और द ैिनक
जीवन पर पड़न े वाले सकारामक एव ं नकारामक भाव को िननिलिखत म ु के आधार
पर वाह को समझ ने क कोिशश करत े है ।
१.४ सारांश
इस अयाय का म ुय उ ेय आपको स ूचना ौोिगक क अवधारणा तथा वप एव ं
िवकास स े परिचत कराना ह ै । साथ ही स ूचना ौोिगक क समया , सीमाए ं और
चुनौितया ं आिद स े परिचत करत े हए उसक े सकारामक एव ं नकारामक भाव स े अवगत
कराना ह ै । इस उ ेय क प ूित के िलए स ंि प म बुिनयादी बात क जानकारी द ेने का
यास िकया गया ह ै । इस अयाय म सूचना ौोिगक क परभाषा क े मायम स े वप
एवं अवधारणाओ ं को समझा या गया ह । सूचना ौोिगक क कौन सी समयाए ं, सीमाए ं
और च ुनौितया ं ह इह मु के आधार पर िवव ेचन िकया गया ह ै । munotes.in

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सूचना ौोिगक अथ, क परभाषा, वप और िवकास
9 १.५ दीघरी
1. सूचना ौोिगक क परभाषा द ेते हए िवकास पर काश डािलए ।
2. सूचना ौोिगक समयाए ं, सीमाए ं और च ुनौितय को र ेखांिकत किजए ।
१.६ लघुरीय
१. मनुय सूचनाओ ं का आदान - दान एंव उसे संिहत करने के िलए या करता है ?
उर : संेषण
२. सूचना ौोिगक शद को अ ंेजी म या कहा गया ह ै ?
उर : इफॉमषण टेनोलॉ ं जी
३. सूचना ौोिगक या ह ै ?
उर : िजसक सहायता स े सूचनाओ ं क ाि हो , सूचना ौोिगक कहलाती ह ै |
४. सूचना ौोिगक क सभी ियाए ँ िकसक े मायम स े क जाती ह ै ?
उर : कंपुटर के मायम स े
५. कंपुटर या तकनीक ारा िकय े गये अपराध को या कहत े है ?
उर : सायबर अपराध
१.७ संदभ पुतक

१) आधुिनक जनस ंचार और िह ंदी - हरमोहन
२) सूचना ौोिगक क ंयूटर और अन ुसंधान - हरमोहन
३) योजन म ूलक िहदी – ो. माधव सोनटक े
४) सूचना ौोिगक सोशल मीिडया और िडिजटल इ ंिडया - डॉ. अमरीश िसहा



munotes.in

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10 २
सूचना ौोिगक के भाव
इकाई क पर ेखा
२.० इकाई का उ ेय
२.१ तावना
२.२ सूचना ौोिगक के भाव
२.२.१ सूचना ौोिगक के सकारामक भाव
२.२.२ सूचना ौोिगक के नकाराम क भाव
२.३ सारांश
२.४ िदघतरी
२.५ लघुरी
२.६ संदभ पुतके
२.० इकाई का उ ेय
इस इकाई क े अययन के उपरा ंत आप :
 सूचना व ौोिगक के योग स े होने वाले भाव को समझ सक गे |
 सूचना व ौोिगक के सकारामक भाव को समझ सकगे |
 सूचना ौोिगक के नकारामक भाव को समझ सक गे |
२.१ तावना
इस इकाई क े मायम स े सूचना ौोिगक क े सकारामक एव ं नकारामक भाव क े मुय
िबंदुओं पर काश डाला गया ह ै । सूचना ौोिगक शदावली य ु ऐसी स ंकपना ह ै, जो
सूचनाओ ं के संजाल का िनत न ूतन तकनीक क े मायम स े िवकास को र ेखांिकत करती ह ै ।


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सूचना ौोिगक के भाव
11 २.२ सूचना ौोिगक के भाव
२.२.१ सूचना ौोिगक के सकारामक भाव :
सूचना ौोिगक हमार े दैिनक जीवन का अिभन अ ंग बन च ुक है । कंयूटर और इ ंटरनेट
के िवकास क े कारण हम अपन े जीवन क े हर पहल ू म िवकास कर रह े ह । आज इस
तकनीक न े हमार े सभी काय आसान कर िदए ह ै । कम लागत क े साथ-साथ समय क भी
बचत क ह ै । हमारी जरत क े अनुसार तकनीक का योग हम कर रह े ह । हमार े जीवन म
इसका उपयोग हो रहा ह ै ।
संचार का े
सूचना ौोिगक तथा इ ंटरनेट इत ेमाल करक े आजकल हम बहत आसानी स े कह द ूर
हजार िकलोमीटर ब ैठकर हम लोग का स ंपक बना सकत े ह । पहल े यह काम बहत म ुिकल
था लेिकन तकनीक क े कारण हम एक द ूसरे के नजदीक आ गए ह । अपन े िय जन का
इसके जरए स ंपक िकया जा स कता ह ै जैसे - वीिडयो कॉ िसंग,संवाद, शेयरंग ई म ेल,
सोशल न ेटविकग, वेब समाचार , इसके आिद कई उदाहरण ह ै । एक साधारण यि क े िलए
यह स ुिवधाए ँ उपयोगी होती ह ै ।
िशा का े
सूचना ौोिगक िशा , सािहय , अनुसंधान क े िलए महवप ूण है । छा क
आवयकताओ ं के अनुसार पाठ ्य सामी उपलध करायी जा सकती ह । तकनीक श ैिक
एवं यावसाियक िशण म सहायक ह , तथा इ ंटरनेट के योग स े ौोिगक यह मायम
पढ़ने- पढ़ाने म आसान ह ै । साथ ही द ूरथ िशा े म सूचना ौोिगक न े अयंत
सुलभता ला यी है । जिटल िवषय को समझन े तथा महवप ूण सूचनाओ ं को टोर िकया
जाता ह ै । ाइमरी क ूल से लेकर बड़ े -बड़े िविवालय , िशण स ंथान ारा क ंयूटर
क िशा इसक े मायम स े छा को दान क जाती ह ै, यिक समय क े साथ जब सबकुछ
परवित त हो रहा ह ै, तो कंयूटर के आन े के बाद स े िशा म भी परवत न हआ ह ै ।
जानकार क े अन ुसार पार ंपरक िशा क त ुलना म लासम म कंयूटर क े
ोजेटर,ऑिडयो , वीिडयो , लेचरस , ेजटेशन क े मायम स े छा क कापिनकता एव ं
रचनाम कता म वृि होती ह ै िजसस े उनका माइ ंड अिधक डेवलप होता ह ै । अतः इस तरह
िशा क े े म कंयूटर का उपयोग व ृहत पैमाने पर िकया जा रहा ह ै | शुआत म हाला ंिक
कंयूटर तक लोग क पह ंच काफ कम थी , लेिकन यिद हम बात कर वष 2022 क तो
कंयूटर से िडिज टल पढ़ाई करन े का यह चलन काफ फल -फूल रहा ह ै ।
सूचना ौोिगक न े िशा िया को अिधक भावी और उपादक बना िदया ह ै । इसस े
छा क स ेहत म इजाफा हआ ह ै । िशा क े िवकिसत तरीक न े इस िया को आसान
बना िदया ह ै- जैसे िक िकताब को ट ैबलेट और लैपटॉप स े बदलना । इसक े अलावा , ई-
लिनग लेटफॉम का उदय जो छा को अपन े घर स े सीखन े क अन ुमित द ेता है । ये मंच
उन लोग क े िलए एक भावी िवकप हो सकत े ह जो क ूल से बाहर ह , या िजह का म
अपने िशक क े साथ रहन े म किठनाई होती ह ै । ये मंच छा को हर पल सरल और munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

12 अिधक ठोस पीकरण क े साथ पाठ ्यम क समीा करन े का मौका द ेते ह और यह
शैिक िया को मजब ूत करता ह ै और अिधका ंश छा क े िलए क ूल म बेहतर परणाम
देता है ।
वाय णाली पर भाव
सूचना ौोिगक क वाय एव ं िचिकसा क े े म बहत ही महवप ूण भूिमका रही ह ै ।
यिक इसक े जरए िविभन बीमारय का त ुरंत पता लग जाता ह ै । और उसका िनवारण
भी िकया जा सकता ह ै । िसटीक ॅन, इसीज , चेकअप, जानकारी ,लगने वाली दवा ,
ऑपर ेशन, डॉटर ारा माग दशन िलया या िकया जा सकता ह ै । तकनीक क े ारा िकसी
एक द ेश म रहने वाले मरीज का िकसी द ूसरे देश के डॉटर क े जरए ऑपर ेशन िकया जा
सकता ह ै । आध ुिनक दौर म कंयूटर का उपयोग अपताल म भी बड़ी माा म िकया जाता
है । जहा ं कंयूटर का उपयोग मरीज क े मेिडकल रपोट , मेिडकल रकॉड ्स इयािद का
डाटा ब ेस तैयार करन े के हेतु से िकया जाता ह ै । परंतु इसक े साथ-साथ डॉटस के िलए
तथा म ेिडकल क े िविभन काय म फायद ेमंद होती ह ै । अपताल म कंयूटर एलीक ेशन
और क ंयूटर का उपयोग लड टेट, यूरन ट ेट, ैन, बॉडी च ेकप आिद ज ैसे अित
महवप ूण काय म भी होता ह ै ।
“वाय द ेखभाल िवतरण क े िलए स ूचना ौोिगक का िवश ेष महव ह ै । अवय
यि रकॉड के िवकास स े वाय द ेखभाल क दता , भावशीलता और िवतरण म
वृि हो गी । जैसे-जैसे बंिधत द ेखभाल काय म िवकिसत होत े ह, वाय द ेखभाल
दाताओ ं और साव जिनक वाय सम ुदाय क े िलए जनस ंया-आधारत जानकारी का
महव बढ़ जाएगा । टेलीमेिडिसन सिहत ट ेलीकय ुिनकेशन िल ंकेज के मायम स े इस
जानकारी को सारत करन े क म ता ामीण और शहरी आबादी दोन सिहत , कम स ेवा
वाले े म वाय द ेखभाल क पह ंच म ांितकारी बदलाव लाएगी । ये घटनाम
गोपनीयता और गोपनीयता क े संबंध म पया िचंताएं पैदा कर गे यिक वाय स ंबंधी
जानकारी रोजगार और बीमा योयता क े िलए बहत ास ंिगक हो सकती ह ै । कुशल, भावी ,
िवसनीय स ूचना णाली वातव म , िनयिमत ड ेटा संह के बजाय न ैदािनक िनणय लेने
और रोगी वरीयताओ ं पर यान क ित करक े रोगी / िचिकसक क बातचीत क मानवीय
गुणवा म वृि करना । इस स ंबंध म, सूचना ौ ोिगक वातव म उस बातचीत क
गुणवा को बढ़ा सकती ह ै |" िचिकसा क े े का िवकास मानवता क े िलए महवप ूण है ।
यह बीमारी और दद से दूर वथ जीवन जीन े का आधार ह ै ।
राजनीितक भाव
ौोिगक शि क भ ूिमका रखती ह ै । सूचना ौोिगक द ेश के राजनीितक परय म
िनणायक भ ूिमका िनभाती ह ै । जनता क राय को भािवत करन े और िवश ेष प स े युवा
लोग को राजनीितक जीवन म शािमल करन े के िलए च ुनावी अिभयान म उनका यापक
प स े उपयोग िकया जाता ह ै ।
राजनेता अपन े-अपने े म जनता को भा िवत करन े के िलए कई तरह स े ौोिगक का
उपयोग करत े ह । ट्िवटर, फेसबुक और य ूट्यूब जैसे शिशाली स ंचार मीिडया ल ेटफॉम ह munotes.in

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सूचना ौोिगक के भाव
13 जो आसानी स े राजन ेताओ ं क र ेिटंग बढ़ा सकत े ह । अिधका ंश राजनीितक दौड़ म
ौोिगक एक परभािषत कारक ह ै । ौोिगक क े माय म से, राजनेता धन का उपयोग
करने, राजनीितक समथ न हािसल करन े और च ुनाव चार और अपनी उमीदवारी को आग े
बढ़ाने पर कम खच करन े म सम ह । हाउसली का दावा ह ै िक "ौोिगक एक िविश
जनसांियकय क े िलए अपील करती ह ै : समृ, िशित और य ुवा |" इसके अलावा,
"जबिक एक YouTube वीिडयो भीड़ म दादा-दादी को भािवत नह कर सकता ह ै, सबसे
कम उ क े मतदाता स ुन रहे ह । या तकनीक म राजनीित का च ेहरा बदलन े क ताकत ह ै?
अमेरका के युवा वत मान म एक सिय वोिट ंग लॉक नह ह , और यह क ेवल क ुछ समय
पहले क बात है जब तकनीक च ुनाव म महवप ूण भूिमका िनभा रही है ।”
आिथ क भाव
तकनीक गित और स ंगठनामक परपवता न े उपादन म वृि, पूंजी स ंचय और
िनमाताओ ं के बीच ती ितपधा के िनमा ण म योगदान िदया ह ै । इस ितयोिगता क े
ितिब ंब के प म , अनुसंधान एव ं िवकास अवधारणा व ैािनक िवचार क े सामंजय और
इंजीिनयर और व ैािनक ारा उनक े यावहारक अन ुयोग क े मायम स े नवाचार क एक
रणनीित क े प म उभरी , जो बनाए रखन े म तकनीक , कानूनी और शासिनक कौशल क े
साथ बड़ े वग म आर ए ंड डी क भ ूिमका िनभा रही ह ै ।
िव अथ यवथा त ेजी स े परवत न के बीच म है । इंटरनेट, मोबाइल ौोिगक , सोशल
मीिडया और िबग ड ेटा ड ने नवाचार क एक लहर को जम िदया ह ै, जो हजार नए
टाटअप और नौकरी क िथित प ैदा कर रहा ह ै, और पार ंपरक उोग को िफ र से
थािपत कर रहा ह ै । आजकल , हम बड़ े तकनीक झान द ेख रह े ह, जो समाज क े साथ-
साथ यापार और अथ यवथा को भी बदल रह े ह । लाउड , सोशल मीिडया , िबग ड ेटा
जैसे सूचना ौोिगक झान स े पूरी तरह भािवत नह होन े पर हर उोग अब अयिधक
भािवत ह ै, जो वैिक अथ यवथा क े परय को िफर स े तैयार कर रह े ह ।
इस उव का म ुख परणाम क ुछ नौकरय का िवथापन ह ै, िजसन े वैिक बाजार म सबस े
अिधक अन ुरोिधत नौकरय का नशा बदल िदया ह ै और नई नौकरी क िथ ित ोफाइल
को और सम बना र ही है ।
सामािजक भाव
यह कहा जा सकता ह ै िक, सूचना ौोिगक क े सामािजक भाव क े दो पहलु ह । यह एक
सौ ितशत नकारामक और न ही सौ ितशत सकारामक हो सकता ह ै । यह दो तरफा
हिथयार ह ै । समाजशािय न े समाज पर स ूचना ौोिगक क े भाव क त ुलना लोग और
रतेदार को अलग करन े वाले िवशाल महाीप स े दुिनया को प ूरी दुिनया क आबादी को
शािमल करन े वाले एक बहत छोट े गांव से क , िजसे वैीकरण कहा जाता ह ै । सूचना
ौोिगक स े पहल े लोग क े बीच स ंचार को एक -दूसरे तक पह ंचने म महीन यहा ं तक िक
वष भी लग जाते थे | सूचना ौोिगक का धयवाद , दुिनया के िविभन िहस म लोग के
बीच संचार िविभन तरीक से एक आसान और तेज़ िया बन गया है । वरत संदेश,
फोन कॉल या वीिडयो कॉल के मायम से कुछ ही पल म दूर परदेश म बैठे यि को देख munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

14 सकत े है या उसस े बातचीत कर सकत े है | कॉस कॉल के ारा अब यह भी सुिवधा आ
गयी है िक एक या एक से अिधक लोगो से भी बातचीत कर सकत े है या उह देख सकत े
है।इस सुिवधा म भी एक समय पर एक से अिधक थान पर कॉस कॉल लगाया जा
सकता है िफर देश म हो या परदेश म |
सूचना ौोिगक न े लोग क े वातिवकता को द ेखने के तरीक े को बदल िदया ह ै, और
इसने कुछ अवधारणाओ ं और धारणाओ ं म काफ िवकार प ैदा कर िदया ह ै । आध ुिनक
तकनीक न े कई अवधारणाओ ं पर हमार े िकोण को बदल िदया ह ै । इसन े कई पर ंपराओ ं
और रीित -रवाज क े साथ हमार े यवहार को भी बदल िदया , िजह कभी पिव और समाज
के तंभ माना जाता था ।
वैािनक का े
इस तकनीक स े उपकरण क े आधार पर व ैािनक खोज क े ारा भिवयवाणी क े प म
पूव अनुमान लगाया जा सकता ह ै । जैसे -िविभन कार क ाक ृितक आपदाओ ं, आंधी
तूफान, सूखा व मौसम स ंबंधी परवत न तथा असाय बीमारय क जानकारी एव ं बचाव क े
उपाय भी कर सकत े ह ।
शासन का े
िविभन द ेश म ई -गविनग के िलए स ूचना ौोिगक म ुय आधार ह ै । िजसक े फलवप
पारदिश ता आन े से देश के अंतगत चलन े वाला ाचार द ूर हो सकता ह ै । साथ ही समाज
के िविभन घटक का उथान एव ं समृ बनान े म बहत ही लाभदायक ह ै । चाहे िनजी े
का ऑिफस हो या िफर कोई सरकारी काया लय हर जगह आप क ंयूटर का उपयोग
आसानी स े कर सकत े ह । आज स े लगभग तीन दशक प ूव िकसी सरकारी कायालय म
जाने पर आपको लोग का डाटा , रकाड ्स बड़ी -बड़ी फाइस क े प म े देखने को िमलता
था । वह आज आपको क ंयूटर पर डाटा म टेन करत े हए कम चारी द ेखने को िमल गे ।
यिक सरकारी काया लय या स ंथाएं भली-भांित जानती ह ै िक, कंयूटर के जरए तीता
एवं कुशलता स े डाटा का ब ंधन िकया जा सकता ह ै । इसिलए ऑिफस म कंयूटर का
उपयोग आज सामाय हो च ुका है ।
यापार एव ं यवसाय का े
आज हम जो भी खरीदना चाहत े ह, वह हमारी द ैनंिदन जीवन क जरत क हर चीज
खरीद सकत े ह । िजसक े िलए अम ेजॉन, िलपकाट , नैपडील आिद ज ैसी बहत सारी
कंपनीज ह ै िजसक े जरए ऑनलाइन शॉिप ंग क जा सकती ह । यह क ंपिनया ं लोग को
म होम िडलीवरी सिव सेज भी द ेती है । इस े म िविभन ऐप क े जरए भी हम हमार े
िबजन ेस को भी लाख लोग तक पह ंचा सकत े ह । अपना ोडट प ूरी दुिनया को िदखा
सकत े ह और उस े बेच भी सकत े ह ।
ौोिगक क यापार क े मायम स े लोग तक पह ंच बनी हई ह । िजसस े यि को यापार
से नई खोज क उमीद ह ै । समाज या रा क सम ृि यापार पर िनभ र होती ह ै । पहल े
के समय म यापार को चलान े हेतु, कटमस के डाटा को म टेन करन े,िहसाब िकताब रखन े munotes.in

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सूचना ौोिगक के भाव
15 इयािद काय क े िलए प ेपस का बड़ा ढ ेर लगा होता था , लेिकन क ंयूटर के आने के बाद स े
इस मशीन न े इन सभी काय को आसान बना िदया ह ै । यही वजह ह ै क छोटी सी िकराना
क दुकान स े लेकर आपको ब ड़ी-बड़ी कंपिनय म कंयूटर का उपयोग आजकल द ेखने को
िमल जाता ह ै । कंयूटर के जरए िबजन ेस म काय को तीता , कुशलता एव ं कम खच म
िकया जा सकता ह ै इसिलए यापार म कंयूटर का उपयोग अिनवाय बन च ुका ह ।
िव तर
िव तर पर स ूचना ौो िगक का लाभ यिय , समुदाय, संघ, कंपिनय एव ं अनेक
कार क े रा को भी ा हो रहा ह ै । आज मोबाइल , इंटरनेट, फैस, ईमेल आिद
सुिवधाओ ं का योग करक े आवयक जानकारय एव ं सूचनाओ ं को पलक झपकत े ही कुछ
ही पल म े संसार क े एक कोन े से दूसरे कोने म भेजा जा सकता ह ै, और पल भर म ही िकसी
भी सूचना को स ंसार क े िकसी भी कोन े से ा िकया जा सकता ह ै । सूचना ौोिगक क
पहंच िव क े दूर-दराज क े े तक ह ै । िजसम सभी जाित , धम, अमीर , गरीब सभी आय ु
वग के लोग, बचे, युवा और ब ुजुग मिहला एं िकसी भी िल ंग और र ंग के लोग इसका लाभ
उठा सकत े ह । भेद भाव रिहत मानव समाज का िनमा ण कर सकत े ह ।
िनणय लेने म सहायक
सूचना ौोिगक क सहायता िकसी भी यवसाय म उसको चलान े वाला या उसस े
संबंिधत िकसी भी यिय ारा आिथ क एव ं आनुपाितक िनण य सही समय पर िलए जा
सकत े ह िजसका परणाम यह होगा िक भिवय म होने वाली ुिटय तथा हािनय स े सुरा
ा हो जाती ह ै, और उसस े कोई जोिखम भी नह होगी । स ूचना ौोिगक का िनण य
िया म भी काफ योगदान ह ै ।
अनुसंधान का े
अनुसंधान कता को स ैकड़ प ुतक का अययन करना पड़ता ह ै । सूचना ौोिगक क े
वजह स े इस अन ुसंधान का काय जो पहल े किठन था आज वह आसान बन च ुका है । हम
आसानी स े अनुसंधान क े िवषय को खोज सकत े ह और आसानी स े कम समय म और कम
लागत म अपना अन ुसंधान काय कर सकत े ह । अन ुसंधान को त ुरंत कािशत भी कर
सकत े ह ।
कमचारय को िशण
सूचना ौोिगक का कम चारय क े िलए भी अयिधक महव ह ै । सूचना ौोिगक क े
अंतगत िकसी भी स ंथान क े कमचारय को क ंयूटर काय का िशण दान िकया जाता
है । उह इसक े बारे म संपूण प स े िशित िकया जाता ह ै । वह िशित हो जान े पर
उह िवशेष काय सप िदए जात े ह । कम चारी क ंयूटर का उपयोग िजतनी अिधक क ुशलता
से करगे वह स ंथान क े िलए उतना ही अिधक उपयोगी माना जाएगा ।

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िहदी म सूचना ौोिगक

16 कमचारय का रकॉड रखन े म मददगार
िकसी भी स ंथान म कमचारय का रकॉड रखन े के िलए यह बहत मददगार सािबत हआ
है । िकसी स ंथान म कमचारय का रकॉड बनाए रख के िलए ड ेटाबेस को इस कार
बनाया गया ह ै िक वह िविभन कम चारय क े संबंध म आवयक जानकार य का रकॉड
रख सक । इससे फायदा यह होगा िक आवयकता पड़न े पर काय कुशल लोग स े िवशेष
काय को सफलताप ूवक संपन कराया जा सक े ।
िलिखत काय म कमी
कंयूटर के आने के बाद िलिखत काय म बहत यादा कमी द ेखने को िमली ह ै । आज स े
कुछ समय पहल े संथान म िजस काय को करन े हेतु कई कम चारय क िनय ुि करनी
पड़ती थी आज उस काय को क ेवल एक ही यि क ंयूटर क सहायता स े कम स े कम
समय म पूरा कर सकता ह ै । इसका सबस े बड़ा फायदा यह हआ ह ै िक स ंथान पहल े क
तुलना म यादा ितयोगी एव ं गुणवा वाल े उपाद और स ेवाएं कम खच म दान कर
सकत े ह ।
बिकंग का े
इंटरनेट के आ जान े से िविभन कार क े िबल भ ुगतान करना , पैसा जमा करना ,पैसा
िनकालना यह सब आसान हो गया ह ै । इसक े पहल े बड़ी िदकत होती थी । कई समय तक
हम लंबी- लंबी कतार म खड़ा रह ना पड़ता था , लेिकन इस इ ंटरनेट बिकंग के कारण हम
घर बैठे- बैठे बिकंग सेवा का लाभ ल ेने लगे ह ।
अय े
 सुचना ौधौिगक के गत होने के पूव समाचार प पर ही िनभ र रहना पड़ता था । बाद
म रेिडयो, टीवी क े मायम स े हम समाचार िमलत े रह िकंतु आज हम माट फोन क े
जरए ताजा समाचार िमल रहा ह ै । देश-िवदेश, खेल -कूद, मनोरंजन आिद हर तरह क े
समाचार हम अपन े मोबाइल पर द ेख, सुन, पढ सकत े ह ।
 • आप अपने िवचार को आप इस लॉिग ंग के मायम से मनमािफक िलख सकत े ह
और उसे कािशत भी कर सकत े ह । यिद आप लेखन म िच रखते है और आपका
लेखन आकिष त होता है तो काफ संया म पाठक आपस े जुड़ सकत े ह और इसके
जरए हम पैसा भी कमा सकत े ह । हो सकता है कोई कंपनी हम लॉग िलखवान े के
िलए ऑफर दे |
 सूचना व स ंचार तकनीक का बहआयामी योग सभी कार क े शैिक यावसाियक
िशण को दान करन े म है ।
 सूचना और स ंचार ौोिगक ारा अिधगम को चीर थाई अवधान को क ित करन े म
सहायक ह ै ।
 जनसाधारण को सामाय िशा दान करन े व जन जागकता व च ेतना क े िवकास म
अयंत उपयोगी ह ै । munotes.in

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सूचना ौोिगक के भाव
17  सूचना स ंचार ौोिग क स े जानकारी श ैिक जगत म हो रह े परवत न वह िकसी भी
िवषय क ामािणक जानकारी आसानी स े सव सुलभ करान े म सहायक ह ै ।
 ामीण व स ुदूर दुगम व िपछड़ े े को राीय न ेटवक से जोड़न े म सहायक ह ै । यह
तकनीक द ैिनक जीवन क े िविध काय ज ैसे- बक, बीमा, यापार , िशा, वाय , कृिष
व जमीन और स ंपि स ंबंधी काय म महवप ूण भूिमका िनभाती ह ै ।
 इस तकनीक क े मायम स े वैािनक शोध उपकरण म िव ेषण क े आधार पर
भिवयवाणी क जा सकती ह ै । या प ूवानुमान लगाया जा सकता ह ै जैसे िविभन कार
क ाक ृितक आपदाओ ं व असाय बीमारय क जानकारी व बचाव क े उपाय ढ ूंढने म
सहायक ह ै ।
 पहले बस, ेन, लेन आिद ारा अगर सफर करना हो तो हम वहां जाकर ब ुिकंग करनी
होती थी । ल ेिकन आज तकनीक क वजह स े हम क ुछ पल म ही घर ब ैठे- बैठे िकसी
भी कार क ऑनलाइन ब ुिकंग आसानी स े सफलताप ूवक कर सकत े ह ।
 हम इ ंटरनेट के माय म से िविभन कार क नौकरया ं पा सकत े ह । नौकरी स े
सबंिधत स ूिचत करन े वाली कई ऐसी व ेबसाइट ह, िजसक े जरए हम वहा ं रिजटर
कर सकत े ह । आव ेदन प भी भर सकत े ह । ऑनलाइन परीा एं दे कर सााकार भी
हम दे सकत े ह । नौकरी खोजन े म तथा अछी नौकरी च ुनने म इसक मदद होती ह ै ।
 आज इ ंटरनेट और सत े म िमलन े वाला जो डाटा ह ै । उसक े कारण फ ेसबुक,
हाट्सएप, िट्वटर, इंटााम आिद सिव सेज अिधक माा म माट फोन क े जरए
उपयोग म लाई जा रही ह ै । इनक े जरए वॉइस म ैसेज, वीिडयो , ऑिडयो आिद प म
हम बात कर सकत े ह । इसक े वजह स े लोग क े बीच क द ूरी खम हो च ुक ह ।
 सूचना ौोिगक का िविवध े म यापक योग होन े से िविभन े म युवा वग के
िलए च ुर माा म रोजगार क उपलिध तथा अवसर िनमा ण हो च ुके है ।
आज क े संचार धान समाज म सूचना ौोिगक क े िबना हम जीवन क कपना नह
कर सकत े । हमारी जीवनश ैली पर स ंचार का ज़बरदत असर ह ै । अखबार पढ़ े िबना हमारी
सुबह नह होती । जो अखबार नह पढ़त े, वे रोज़मरा क खबर क े िलए र ेिडयो या टी .वी.
पर िनभ र रहत े ह । हमारी महानगरीय य ुवा पीढ़ी समाचार और स ूचनाओ ं के आदान -दान
के िलए इ ंटरनेट का उपयोग करन े लगी ह ै । खरीद -फरोत क े हमार े फ़ैसल तक पर
िवापन का असर साफ़ द ेखा जा सकता ह ै । यहाँ तक िक शादी -याह के िलए भी लोग
क अखबार या इ ंटरनेट के मैिमोिनयल पर िनभ रता बढ़न े लगी ह ै । िटकट बुक करान े और
टेलीफ़ोन का िबल जमा करान े से लेकर सूचनाओ ं के आदान -दान के िलए इंटरनेट का
इतेमाल बढ़ा है । इसी तरह फुरसत के ण म टी.वी-िसनेमा पर िदखाए जाने वाले
धारावािहक व फचर िफम को देख सकत े है िजनक े ज़रय े हम अपना मनोरंजन करते ह
।और अपनी सेहत, धम-आयाम , से संबंिधत कायकम टेलीिवजन पर देख सकत े है जो
हमारे वाय और जीवनश ैली को भािवत करते है |

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िहदी म सूचना ौोिगक

18 २.२.२ सूचना ौोिगक नकारामक भाव
तकनीक न े जहाँ एक ओर लोग को सच ेत और जाग क बनान े म अहम भ ूिमका िनभाई
है, वह उसक े नकारामक भाव स े भी इनकार नह िकया जा सकता । जनस ंचार मायम
के िबना आज सामािजक जीवन क कपना नह क जा सकती । ऐसे म यह ज़री ह ै िक
हम स ूचना ौोिगक ा रा ा सामी को िनिय तरीक े से हण करन े के बजाए उस े
सिय तरीक े से सोच-िवचार करक े और आलोचनामक िव ेषण के बाद ही वीकार िकया
जा सकता ह ै ।
समाज पर नकारामक भाव
समाज पर नकारामक भाव "खराब भाषा दता " है । भाषा वीणता िकसी यि क
अिधहीत भाषा म बोलन ेs या दश न करन े क मता ह ै । समाज पर इस िवकासशील
सूचना ौोिगक क े बारे म िचंता करन े के िलए यह एक बहत ही ग ंभीर मामला ह ै । ऐसा
इसिलए ह ै यिक आध ुिनक तकनीक छा को लाइन , वीचैट और हाट ्सएप ज ैसे
एिलक ेशन का उपयोग करके अपन े परवार और सहयोिगय क े साथ त ुरंत संवाद करन े
क अन ुमित द ेती है । यह एिलक ेशन एक द ूसरे के बीच स ंवाद करन े के िलए जीवन को
आसान बना द ेगा । हाला ँिक, यह उह िविभन शद क वत नी और उिचत याकरण क े
उपयोग क उप ेा करन े का कारण बन ेगा । इसक े अला वा, वेब पर जानकारी क बढ़ती माा
के साथ इंटरनेट उपयोगकता ओं को गलत जानकारी िमल सकती ह ै और गलत स ूचना या
सोचन े का तरीका थोड़ा िवक ृत हो सकता ह ै" । इस तय क े बावज ूद िक स ंचार क े आधुिनक
साधन न े दुिनया को स ंचार क स ुिवधा द ेने वाला एक छोटा सा गा ँव बना िदया , हालाँिक
इसने परवार क े भीतर एक तरह का अलगाव और िवचलन प ैदा कर िदया । एक ही परवार
के सदय क े बीच स ंचार लगभग न क े बराबर ह ै । सामाय प स े लोग क े बीच बदतर
संचार आभासी हो गया ह ै । हम मानवीय स ंबंध के गायब होन े पर यान द ेते ह ।
िवशेष क आवयकता
इस आध ुिनक तकनीक क कारण मानवीय समाज म अय ंत तेज गित ा हो च ुक है ।
इसके जरए हम त ेजी स े काम कर सकत े ह िकंतु यह तकनीक िजतनी लाभदायक ह ै,
उतनी इसम जिटलता भी ह ै । अगर इसका कोई प ुरजा िबगड़ जाता ह ै, या कोई पाट चला
जाता ह ै, तो इसक मरमत कर ने म काफ समय लग सकता ह ै और इस े से संबंिधत
िवशेष क आवयकता महस ूस होती ह ै ।
बेरोजगारी बढ़ना
तकनीक क े अिवकार क े कारण रोजगार क े नए- नए अवसर िनमा ण हो सकत े ह िकंतु
नौकरी क ेवल क ुशल लोग को ही िमलती ह ै । तकनीक क े कारण काया लयीन तथा अय
े म कई लोग का काम सीिमत यि या रोबोट ारा प ूण िकया जा रहा ह ै । यह
बेरोजगार बढ़ने का गंभीर कारण भी हो सकता है ।
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सूचना ौोिगक के भाव
19 गोपनीयता का खत रा
कंयूटर म हम जो भी काय करत े ह या िकसी भी कार क े फॉम इयािद हम भरत े ह तो वह
सभी कार क े डेटाबेस कंयूटर म टोर रहत े ह, िजसम हमारी िनजी जानकारया ं बक
इयािद क जानकारया ं टोर रहती ह ै । कोई भी यि क ंयूटर म डेटाबेस के अंतगत
इसक सभी जानकारया ं ा कर सकता ह ै । इसिलए क ंयूटर म संिहत िकए गए आ ंकड़
पर गोपनीयता का खतरा बना रहता ह ै ।
तकनीक का भाव
कंयूटर क बढ़ती आदत न े मानव जीवन को काफ भािवत िकया ह ै आजकल लगभग
सभी यि क ंयूटर पर ग ेम िवज आिद म अपना अिधकतर समय यतीत करत े ह
कंयूटर चलात े समय वह ाय वातान ुकूिलत कमर े म बैठे रहत े ह िजसस े उह इसक
आदत पड़ जाती ह ै लेिकन शायद वह यह नह जानत े िक यह सब उनक े वाय क े िलए
िकतना हािनकारक हो सकता ह ै ।
सुरा को खतरा
आज क े समय म लगभग हर यि अपन े बक अकाउ ंट को इल ेॉिनक डाटा क े प म
रखते ह । धन रािश िनकालन े के िलए ाहक ारा ऑनलाइ न तथा एटीएम काड का योग
िकया जाता ह ै । इसम े ओटीपी तथा िपन का योग होता ह ै ,यिद यह िकसी क े हात लग
जाता ह ै तो बक रािश उसक े खाते म जाने क स ंभावना होती ह ै । आज कल रकॉड कागज
म ना रखकर म ैनेिटक मायम स े कंयूटर म रखा जाता ह ै । यिद क ंयूटर िसटम म
वायरस आ जाए तो प ूरा का प ूरा डेटाबेस कुछ ही स ेकंड म न िकया जा सकता ह ै, यिद
डेटाबेस का ब ैकअप नह रखा गया हो तो प ूरे के पूरे रकॉड न हो जात े ह । इस कार
डाटा द ेश क स ुरा को सद ैव खतरा बना रहता ह ै ।
दूषण
आधुिनक तकनीक क े योग से जल, वायु और विन द ूषण बढ़न े लगा ह ै । पया वरण का
िवनाश होकर वयजीव तथा वय जाितया ं खम होती जा रही ह ै । ाक ृितक स ंसाधन भी
दुलभ होत े जा रह े ह ।
िशा
िशा क े े म नई ौोिगक क े कारण अयापक छा को व ैयिक प स े यान नह द े
पाएंगे । ऑनलाइन िशा म छा अयापक स े ब ना होन े से उनका पढ़ाई पर यान
नह लग सकता ह ै । सभी छा मह ंगी ौोिगक हाड वेयर, सॉटव ेयर, कंयूटर आिद
खरीद नह सक गे । तकनीक का हम ेशा योग करन े से छा क े आंख को नुकसान प हंच
सकता ह ै । छा को अक ेले रहने क आदत पड़ सकती ह ै ।

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िहदी म सूचना ौोिगक

20 मनोरंजन
जनसंचार मायम क े कुछ नकारामक भाव भी ह । अगर सावधानी स े इतेमाल न िकया
जाए तो लोग पर उनका ब ुरा भाव भी पड़ता ह ै । सबस े पहली बात तो यह ह ै िक िसन ेमा
और टी .वी. जैसे जनस ंचार मायम कापिनक और ल ुभावनी कथाओ ं के ज़रय े लोग को
एक नकली द ुिनया म पहँचा देते ह िजसका वातिवक जीवन स े कोई स ंबंध नह होता ह ै ।
इस कारण लोग उसक े वैसे ही यसनी बन जात े ह, जैसे िकसी मादक पदाथ के । नतीजा
यह होता ह ै िक व े अपनी वातिवक समयाओ ं का समाधान कापिनक द ुिनया म ढूँढ़ने
लगते ह । इसस े लोग म पलायनवादी व ृि पैदा होती ह ै ।
जनसंचार मायम खासकर िसन ेमा पर यह आरोप भी लगता रहा ह ै िक उहन े समाज म
िहंसा, अीलता और असामािजक यवहार को ोसािहत करन े म अगुआ क भ ूिमका
िनभाई ह ै । हाला ँिक िवश ेष का यह मानना ह ै िक जनस ंचार मायम का लोग पर उतना
वातिवक भाव नह पड़ा िजतना िक उसक े बारे म समझा जाता ह ै । लेिकन जनस ंचार
मायम क े भाव को ल ेकर कुछ धारणाए ँ इस कार ह -जनसंचार मायम लोग क े यवहार
और आदत म परवत न के बजाए उनम थोड़ा -बहत फ ेरबदल और उह और यादा
मज़बूत करन े का काम करत े ह ।
२.३ सारांश
इस अयाय म सूचना ौोिगक क े सकारामक तथा नकारामक भाव को ब ुिनयादी तौर
पर समझान े क कोिशश क ह ै । आशा क जाती ह ै िक, इस इकाई म दी गई ह ै याया तथा
िववेचन स े नातक तर क े छा स ूचना ौोिगक क अवधारणा , समया , भाव को
समझन े म सहायता ा होगी ।
२.४ िदघतरी
१. सूचना ौोिगक सकारामक एवं नकारामक भाव का िववेचन किजए ।
२. सूचना ौोिगक के सकारामक भा व का वणन किजए ।
३. सूचना ौोिगक के नकारामक भाव का वणन किजए ।
२.५ लघुरीय
१) सूचना ौोिगक के मायम स े िकस तकनीक क े जरीय े िवाथ घर स े िशा ले
सकत े है |
उर : ई- लिनग पोट ल
२) आज क े समय म सरकारी काया लय म बडी ब डी फाइल म रखे जाने वाले
रीकाड स कहा ँ रखे जाने लगे है ?
उर : कय ुटर डाटा रीकाड स म munotes.in

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सूचना ौोिगक के भाव
21 ३) घर बैठे बैिकंग सुिवधा क ैसे संभाव हो सक ?
उर : इंटरनेट बैिकंग ारा
४) फेसबुक, हाट्सएप, इंटााम आिद सिवस िकसक े जरए उपयोग म लायी जा
रही है ?
उर : माट फोन
५) िशा क े े म तकनीक क े योग स े कौनसा खतरा बढ गया ह ै ?
उर : आँखो क रोशनी खराब होन े का खतरा , शरीर क थ ूलता और आलय का
खतरा , अयापक स े ब न हो ने पर पढाई मन लगाकर न करन े का खतरा |
२.६ संदभ पुतक

१) आधुिनक जनस ंचार और िह ंदी - हरमोहन
२) सूचना ौोिगक क ंयूटर और अन ुसंधान - हरमोहन
३) योजन म ूलक िहदी – ो. माधव सोनटक े
४) सूचना ौोिगक सोशल मीिडया और िडिजटल इ ंिडया - डॉ. अमरीश िसहा










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22 ३
सूचना ौोिगक का यवहार े : सामाय परचय
सूचना ौोिगक का जनस ंचार क े े
म योगदान और महव
इकाई क पर ेखा
३.० ईकाई का उेय

३.१ तावना

३.२ सूचना ौोिगक का यवहार े : सामाय परचय
३.३ सूचना ौोिगक का जनस ंचार क े े म योगदान और महव
३.४ सारांश
३.५ िदघतरी
३.६ लघुरी
३.७ संदभ पुतक
३.० उेय
इस इकाई क े अययन क े उपरा ंत आप ,
 सूचना ौोिगक का यवहार े : सामाय प रचय स े परिचत हो जाए ंगे ।
 सूचना ौोिगक का जनस ंचार क े े म योगदान और उसक े महव को जान
पाएंगे ।

३.१ तावना
इस इकाई क े मायम स े सूचना ौोिगक क े यवहार े से परिचत करान े का यास
िकया गया ह ै । इसम सूचना ौ ोिगक क े उपयोग एव ं महव का सामाय परचय भी िदया
गया ह ै । साथ ही स ूचना ौोिगक का ि ंट मीिडया और इल ेॉिनक मीिडया क े प म
जनसंचार क े े म या योगदान ह ै, और उसका महव िकस कार ह ै इस पर िवव ेचन
िकया गया ह ै ।

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सूचना ौोिगक का यवहार े :
सामाय परचय सूचना ौोिगक का
जनसंचार क े े म योगदान और महव
23 ३.२ सूचना ौो िगक का यवहार े : सामाय परचय
संचार तकनीक तथा इ ंटरनेट के इत ेमाल करक े बहत आसानी स े कह द ूर हजार
िकलोमीटर ब ैठकर वीिडयो कॉ िसंग ारा अपन े िय जन का स ंपक बना सकत े ह ।
पहले यह काम बहत म ुिकल था ल ेिकन इस क े कारण हम एक द ूसरे के नजदीक आ गए
ह । हम इसक े ारा स ंपक बनाए रख सकत े ह। िकया जा सकता ह ै । एक साधारण यि क े
िलए यह स ुिवधा सबस े महवप ूण है । ई -मेल, सोशल न ेटविकग, वेब समाचार , इसके कई
उदाहरण ह ै । साथ ही ट ेलीफोन एव ं ांसिमशन क े ारा हम िकसी स ंदेश को क ुछ ही सेकंड
म िव म कह भी भ ेज सकत े ह । वतमान म तो ट ेलीफोन भी इ ंटरनेट के मायम स े िकया
जाता ह ै । संचार का काय काफ गितशील हआ ह ै । कंयूटर और इ ंटरनेट के िवकास क े
कारण हम अपन े जीवन क े हर पहल ू म िवकास कर रह े ह । कम लागत क े साथ-साथ समय
क भी बच त करने वाली इस तकनीक न े सभी काय आसान कर िदए ह ै । सूचना ौोिगक
हमारे दैिनक जीवन का अिभन अ ंग बन च ुक है ।
िशा का े
िशा स े संबंिधत सभी आयाम म सूचना व स ंचार तकनीक का महव ह ै । िशण अिधगम
मापन और म ूयांकन, तुतीकरण , शोध, काशन, सारण श ैिक आ ंकड़ क े संकलन व
िवेषण िशण िविधय िविधया ं युिय क े िवकास द ूरथ िशा म समाज व
अिधगमकता के अनुकूल शैिक योजनाओ ं के िनयोजन व त ुतीकरण म सूचना व स ंचार
तकनीक का अय ंत भावकारी महव ह ै । वतमान समय म कई िवालय म मैस,
िफिजस , बायोलॉजी आिद िवषय क िशा क ंयूटर आधारत सॉटव ेयर स े दान क
जाती ह ै । िशा क े े म सी बी एल , सी ए एल , सी ए आई , ई लिन ग, आिद शद का
योग क ंयूटर के इतेमाल क प ुि करता ह ै । ौोिगक तथा इ ंटरनेट क स ुिवधा हो जान े
के कारण माट फोन, कंयूटर, लैपटॉप आिद क े ारा िविभन मायम ज ैसे- गूगल सच
इंजन, यूट्यूब के जरए हमारी अययन सामी ढ ूंढ सकत े ह । इसक े अलावा आभासी
काक ( वचुअल लासम ) भी िशा क े े म कंयूटर के योग का एक उदाहरण ह ै ।
एम एस ट ूडट सॉटव ेयर शायद िशा क े े म कंयूटर के योग का सबस े बेहतरीन
उदाहरण ह ै ।
अनुसंधान कता को स ैकड़ प ुतक का अययन करना पड़ता ह ै । सूचना ौोिगक क े
वजह स े इस अन ुसंधान का काय जो पहल े किठन था आज वह आसान बन चुका है । हम
आसानी स े अनुसंधान क े िवषय को खोज सकत े ह, और आसानी स े कम समय म और कम
लागत म अपना अन ुसंधान काय कर सकत े ह । अन ुसंधान को त ुरंत कािशत भी कर
सकत े ह ।
यवसाय म
सूचना ौोिगक क े इत ेमाल स े काम क क ुछ ियाओ ं को वचािल त बनाया जा
सकता ह ै, जैसे-िव- रकॉड किप ंग, लेन-देन के िव ेषण, मुय िवीय िववरण त ैयार
करने और जब सबस े अिधक जरत हो तब डाटा क तकाल उपलधता को स ुगम बनान े
के िलए वचालन िकया जा सकता ह ै । मानव स ंसाधन वचालन म पे-रोल का वचालन munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

24 सबसे महवप ूण है । साथ ही , मािसक एमआईएस जनर ेशन, छुी िनधा रण और आयोजना
आिद को भी मानव स ंसाधन स ंबंधी वचािलत सॉटव ेयर स े संपन िकया जा सकता ह ै ।
उपादन णािलय को माल -सूची वचालन क े मायम स े जोड़ा जा सकता ह ै, िजसक े
ज़रए कोई भी अिधक ृत यि एक बटन दबाकर पूरे माल क े रकॉड देख सकता ह ै । इसस े
लैिनंग म सुधार लाया जा सकता ह ै । समतः सभी ियाओ ं को ईआरपी णािलय म
जोड़ा जा सकता ह ै । िवपणन क े काय को व ेबसाइट और ई -कॉमस जैसे उपकरण का लाभ
उठाया जा रहा ह ै । ई-कॉमस से उपाद क ऑनलाइन स ूची, ऑनलाइन भ ुगतान णाली
तथा स ंगठन क े िलए िव -तर पर यता उपलध हो पाती ह ै । आज हम जो भी खरीदना
चाहते ह वह हमारी द ैनंिदन जीवन क जरत क हर चीज खरीद सकत े ह । िजसक े िलए
अमेजॉन, िलपकाट , नैपडील आिद ज ैसी बहत सारी क ंपनीज ह ै िजसक े जरए
ऑनलाइन शॉिप ंग करत े ह । यह क ंपिनया ं लोग को म होम िडलीवरी सिव सेज देती है ।
इस े म िविभन ऐप क े मायम स े हमार े िबजन ेस को भी लाख लोग तक पह ंचा सकत े
ह । अपना ोडट प ूरी दुिनया को िदखा सकत े ह और ब ेच सकत े ह। अतः यवसाय क े े
म भी सूचना स ंचार ौोिगक अपना भ ुव बनाए हए ह । ेता -िवेता दोन आध ुिनक
संचार मायम स े एक थान स े दूसरे थान स े ही वत ुओं का य -िवय िडिजटल
मायम स े सूचना ौोिगक क े कारण ही कर पा रह े ह ।
बिकंग े
बक म कोर ब िकंग िसटम होन े के बाद स े इस े म कंयूटर का योग बढ़ गया ह ै । बिकंग
बंधन, ऑिफस ऑटोम ेशन एव ं ए. टी. एम. बंधन िसफ कंयूटर के मायम स े ही स ंभव
है । इंटरनेट के आ जान े से िविभन कार क े िबल भ ुगतान करना , पैसा जमा करना ,पैसा
िनकालना यह सब आसान हो गया ह ै । इसक े पहल े बड़ी िदकत होती थी । कई समय तक
हम लंबी -लंबी कतार म खड़ा रहना पड़ता था , लेिकन इस इ ंटरनेट बिकंग के कारण हम
घर बैठे- बैठे बिकंग सेवा का लाभ ल ेने लगे ह ।
मीिडया एव ं लॉिग ंग
िंट मीिडया क े समय म हम समाचार प को कह जाकर खरीद कर लाना पड़ता था । बाद
म रेिडयो टीवी क े मायम स े हम समाचार िमलत े थे । िकंतु आज हम माट फोन क े जरए
ताजा समाचार िमल रहे है । साथ ही द ेश-िवदेश, खेल -कूद, मनोरंजन आिद हर तरह क े
समाचार हम अपन े मोबाइल पर द ेख, सुन, पढ सकत े ह । आज इ ंटरनेट और सत े म
िमलन े वाला जो डाटा ह ै । उसक े कारण फ ेसबुक, हाट्सएप, िट्वटर, इंटााम आिद
सिवसेज अिधक माा म माट फोन क े जरए उपयोग म लाई जा रही ह ै । इनक े जरए वॉइस
मैसेज, वीिडयो , ऑिडयो आिद प म हम बात कर सकत े ह । इसक े वजह स े लोग क े बीच
क दूरी खम हो च ुक ह । कहानी , काय, लेख आिद क े ारा अपन े िवचार को आप इस
लॉिग ंग के मायम स े मनमािफक िलख सकत े ह । और उस े कािशत भी सकत े ह । अगर
आपका ल ेखन पढ़न े म ठीक होता ह ै, तो काफ स ंया म पाठक जोड़ सकत े ह । और इसक े
जरए हम प ैसा भी कमा सकत े ह । हो सकता ह ै कोई क ंपनी अपन े िलए हम लॉग िलखवा
सकती ह ै ।
munotes.in

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सूचना ौोिगक का यवहार े :
सामाय परचय सूचना ौोिगक का
जनसंचार क े े म योगदान और महव
25 िचिकसा का े
िचिकसा क े े म इस तकनीक क बहत आवयकता महस ूस होन े लगी ह ै । नेट सवर का
इतेमाल करक े मरीज का रकॉड दज करके ऑनलाइन रखा जाता ह ै । तकनीक क े ारा
िकसी एक द ेश म रहने वाले मरीज का िकसी द ूसरे देश के डॉटर क े जरए ऑपर ेशन िकया
जा सकता ह ै । सूचना ौोिगक क े योग स े िचिकसा े म हए तकनीक िवकास स े
जीवन जीन े क औसत आय ु को एक नए िशखर तक पह ंचा िदया ह ै, आधुिनक
िचिकसकय तकनीक न े अनेक बीमारय क े समाधान खोज िलए ह , जैसे -एंडोकोपी ,
कािडयोाफ , अासाउ ंड, इको ट ेट, एसर े , िसटीक ॅन आिद ।
मनोरंजन क े े म
मूवी, एिनमेशन, यूज़पेपर, टीवी क े ोाम को बनान े के िलए अलग -अलग कार क े
एलीक ेशन का योग िकया जाता ह ै । जैसे मूवीस एिडिट ंग एलीक ेशन, साउंड एिडिट ंग
एलीक ेशन, एनीमेशन सॉटव ेयर टाइप ए ंड पेज िडजाइन एलीक ेशन आिद । आजकल तो
िसनेमा हॉल म भी म ूवीस क ंयूटर तथा स ंचार उपकरण क सहायता स े सारत िकया
जाता ह ै ।
िवान क े े म
कंयूटर का योग व ैािनक शोध काय म सबस े पहल े िकया गया । कंयूटर क पीड एव ं
एयूरेसी ने वैािनक िव ेषण को गित दान िकए ह । कंयूटर ारा िनय ंित रोबोट ्स का
योग उन े म होता ह ै, जहां मानव क े जीवन क े िलए खतरा या स ुरा का अभाव होता
है। कंयूटर का योग भौितक , रासायिनक , जैिवक तथा नािभकय (यूिलयर ) शोध काय
के े म भी होता ह ै । कंयूटर का योग िडजाइन स े लेकर िनपादन तक ह ै । इस प ूरी
िया म हर एक सोपान ज ैसे- िडजाइन , मैयुफैचरंग, टेिटंग एवं मॉिडफाई हर जगह
पर कंयूटर का योग िकया जाता ह ै । सूचना स ंचार ौोिगक न े िवान क े े म अपन े
कितमान थािपत िकए ह बिक तकनीक िवकास को आधारभ ूत धरातल दान िकया ह ै ।
इसी कारण ही भ ूकंप, तूफान, अितव ृि, अनाव ृि, सुनामी खगोलीय घटनाओ ं का पता
लगाकर इनस े होने वाली ित को य ून िकया जाता ह ै ।
अय े म
अंतर िवान , नैनोटेनोलॉजी , सैय िवान , रा े, तकनीक इ ंजीिनयर ंग े,
केिमकल इ ंडी, िफम े आिद सभी स ूचना ौोिगक क े अधीन े ह । सूचना ा ंित
ने सूचना स ंचार ौोिग क के े को मानव जीवन क े हर एक े से संबंिधत कर िदया
है । चाह े वह स ूम तर हो या समि तर। इ ंटरनेट से एफआईआर ,यायालय क े िनणय
आनलाइन उपलध कराय े जा रह े ह।िकसान क े भूिम रकाड का कय ूटरीकरण िकया जा
रहा ह ै।आनलाइन परीा एं । कई िवभाग क े टडर आनलाइन भर े जा रह े ह । पासपोट , गाडी
चलान े के लाइस स आिद भी आनलाइन भर े जा रह े ह । कई िवभाग क े 'कांिफडिसयल
रपोट' आनलाइन भर े जा रह े ह । िशकाय ेत आनलाइन क जा सकत ह ै । सभी िवभाग कई
बहत सारी जानकारी आनलाइन उपलध ह ै । सूचना का अिधकार ' के तहत भी बहत सी
जानकारी ऑनलाईन दी जा रही ह ै । आयकर क फाइिल ंग ऑनलाईन क जा सकती ह ै । munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

26 अतः यह प ह ै िक मानव जीवन स े जुड़े सभी काय सूचना ौोिगक क े मायम स े पूरे
िकए जा रह े ह वतमान समय म यह हमारा अिभन अ ंग बन च ुक है ।
३.३ सूचना ौोिगक का जनस ंचार क े े म योगदान और महव
(िहदी पकरता िट मीिडया और इल ेॉिनक मीिडया क े संदभ म )
कोई स ूचना, िवचार या भाव द ूसर तक पह ंचाना, अपने अनुभव को द ूसर क े साथ बा ंटना
यह स ंचार कहलाता ह ै । देश िवद ेश क जानकारी पान े के िलए कई तरह क े संचार उपकरण
का सहारा िलया जाता ह ै । जैसे -समाचार प , रेिडयो, टेलीिवज़न आिद इनक े जरए बहत
सारे लोग एक ज ैसी जानकारी ा कर ल ेते ह । इनक े अितर िफम ट ेप रकॉड र वीिडयो
एचडी क ंयूटर इंटरनेट फेजर एिलफोन सोशल मीिडया आिद अन ेक साधन इसी ेणी म
आते ह। इन मायम स े हम सूचना िमलती ह ै तो हमारा ान वध न होता ह ै । मनोर ंजन होता
है, और साथ ही साथ िशा भी िमलती ह ै । जन मायम म ुय प स े तीन वग म रखे गए
ह । वे इस कार ह ै-
१. शद स ंचार मायम :मुण मा यम ,िंट मीिडया , समाचार प , पिकाए ं ,पुतक आिद ।
२. य स ंचार मायम : ऑिडयो मीिडया , रेिडयो, ऑिडयो ,कैसेट, टेप रकॉड र
3. य स ंचार मायम : वीिडयो मीिडया , टेलीिवजन ,वीिडयो , कैसेट, िफम आिद ।
िंट मीिडया
जनसंचार मायम म मुण माय म सबस े ाचीन मायम ह ै इस मायम क े अंतगत
समाचार प , पिकाए ं, जनल, पुतक आिद आत े ह । इस िलिखत मायम स े आज भी
अय आध ुिनक जनस ंचार मायम क अप ेा अिधक िवसनीयता िमलती ह ै । इसक
ामािणकता म जनता ारा भरोसा िकया जाता ह ै ,यिक रेिडयो तथा ट ेलीिवजन ज ैसे
संचार मायम पर सरकार का िनय ंण होता ह ै । लेिकन उनक अप ेा यह अिधक वत ं
है, यिक यह वशािसत ह ै। देश के नविनमा ण म िंट मीिडया का योगदान को ल ेकर
हरमोहन जी िलखत े ह 'ेस म राीय च ेतना क े िवकास म अंेजी क नीितय क े िवरोध म
सामािजक क ुरीितय क े उम ूलन म सािहियक सा ंकृितक जागरण म सु जनता म
राजनीितक च ेतना जाग ृत करन े म महवप ूण भूिमका िनभाई इस जनस ंचार मायम म देश
के कोने - कोने म वतंता समानता और ब ंधुव का म ं फूंका । साा य शाही अिभशाप
से जूझने क च ेतना का सार िकया इस स ंदभ म हम डॉ. बाबासाह ेब आंबेडकर के
'मूकनायक ' पिका का भी उल ेख करना जरी समझत े ह ।' अत: पुतक तथा पिकाओ ं
ने सामािजक गितिविधय म महवप ूण भूिमका िनभाई ह ै । जनस ंचार क सबस े मज़ब ूत कड़ी
प-पिकाए ँ या ि ंट मीिडया ह ै । हाला ँिक अपन े िवशाल दश क वग और तीता क े कारण
रेिडयो और ट ेलीिवज़न क ताकत यादा मानी जा सकती ह ै आरंिभक मायम होन े क
वजह स े िंट मीिडया का महव हम ेशा बना रह ेगा । आज भल े ही ि ंट, रेिडयो, टेलीिवज़न
या इंटरनेट, िकसी भी मायम स े खबर क े संचार को पकारता कहा जाता हो लेिकन
आरंभ म केवल ि ंट मायम क े ज़रय े खबर क े आदान -दान को ही पकारता कहा
जाता ह ै ।
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सूचना ौोिगक का यवहार े :
सामाय परचय सूचना ौोिगक का
जनसंचार क े े म योगदान और महव
27 इलेॉिनक मीिडया
िंट मीिडया क े बाद जनस ंचार क े े म इलेॉिनक मीिडया क े अंतगत रेिडयो य
मायम ह ै । यह मायम वण इ ंिय क े जरए सारी द ुिनया को ोता क े िनकट ल े जाता ह ै
और स ुदूर दुगम थान तक म रहने वाले लाख करोड़ िनरर लोग तक अपनी पह ंच
बनाई ह ै । मनोर ंजन एव ं ान वध क काय म क े कारण लोकिय मायम बन चुका है ।
ांिजटर स ंचार का सता स ुिवधाजनक एव ं लोकिय साधन बन गया ह ै । जहा ं समाचार
प नह पह ंच सकता जहा ं िनरीण लोग रहत े ह, वहां रेिडयो न े अपना अलग थान िनमा ण
िकया ह ै । इसक े जरए मनोर ंजनामक काय म, देश िवद ेश के समाचार , तथा जानकारया ं
पा सकत े ह । रेिडयो क े महव को ल ेकर जवरीमल पारख न े िलखा ह ै, - 'रेिडयो िनरर
के िलए भी एक वरदान ह ै । िजसक े ारा व े िसफ सुनकर अिधक स े अिधक स ूचना, ान
और मनोर ंजन हािसल कर ल ेते ह । रेिडयो और ा ंिजटर क कमत भी बहत अिधक नह
होती । इस का रण वह सामाय जनता क े िलए भी स ुलभ ह ै । यही कारण ह ै िक टी .वी. के
यापक सार क े बावज ूद तीसरी द ुिनया क े देश म रेिडयो का अपना महव आज भी
कायम ह ै ।'
य मायम र ेिडयो जो द ूरदराज क े े तथा िनरर क े बीच महवप ूण भूिमका िनभाई तो
है, लेिकन य य मायम िफम तथा द ूरदशन ने इसी े म तहलका मचा िदया ह ै ।
दूरदशन ने य िदखाकर लोग का िवास जीत िलया ह ै । इसक े साथ- साथ मनोर ंजन का
भरपूर खजाना परोस िदया ह ै । वैसे यह मायम र ेिडयो तथा समाचार प स े महंगा है, उच
वग तक सीिमत ह ै । िफर भी इस मायम समाज क े िवशाल सम ूह का यान अपनी ओर
खचन े म अय सभी मायम स े आगे ह। इसन े िव क तमाम द ूरय को िमटा िदया ह ै ।
आज ट ेलीिवज़न जनस ंचार का सबस े लोकिय और ताकतवर मायम बन गया ह ै । िंट
मीिडया क े शद और र ेिडयो क विनय क े साथ जब ट ेलीिवज़न क े य िमल जात े ह तो
सूचना क िवसनीयता कई ग ुना बढ़ जाती ह ै । पिमी द ेश म रेिडयो क े िवकास क े साथ
ही टेलीिवज़न पर भी योग श ु हो गए थ े । टेलीिवज़न क े बाद जनस ंचार का सबस े
लोकि य और भावशाली मायम ह ै - िसनेमा हालाँिक यह जनस ंचार क े अय मायम क
तरह सीध े तौर पर स ूचना द ेने का काम नह करता ल ेिकन परो प म सूचना, ान और
संदेश देने का काम करता ह ै । िसन ेमा को मनोर ंजन क े एक स श मायम क े तौर पर द ेखा
जाता रहा ह ै ।
इंटरनेट जनसंचार का सबस े नया ल ेिकन त ेज़ी स े लोकिय हो रहा मायम ह ै । एक ऐसा
मायम िजसम िंट मीिडया , रेिडयो, टेलीिवज़न , िकताब , िसनेमा यहा ँ तक िक प ुतकालय
के सारे गुण मौज ूद ह उसक पह ँच दुिनया क े कोने-कोने तक ह ै और उसक रतार का कोई
जवाब नह ह ै, उसम सारे मायम का समागम ह ै, इंटरनेट पर आप द ुिनया क े िकसी भी
कोने से छपन ेवाले अखबार या पिका म छपी सामी पढ़ सकत े ह, रेिडयो स ुन सकत े ह,
िसनेमा देख सकत े ह, िकताब पढ़ सकत े ह और िवयापी जाल क े भीतर जमा करोड़
पन म से पलभर म अपन े मतलब क सामी खोज सकत े ह। यह अ ंतियामक मायम ह ै
यानी आप इसम मूक दश क नह ह । आप सवाल -जवाब , बहस-मुबािहस म भाग ल ेते ह, munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

28 आप च ैट कर सकत े ह और मन हो तो अपना लाग बनाकर पकारता क िकसी बहस क े
सूधार बन सकत े ह ।
इलेॉिनक मीिडया िबजली ारा स ंचािलत िविभन तकनीक को कवर करता ह ै जो
आधुिनक और समकालीन कलाकार अपन े काम म उपयोग करत े ह । इन ौोिगिकय म
िडिजटल वीिडयो और ऑिडयो रकॉिड ग, लाइड त ुितकरण , सीडी-रोम, ऑनलाइन
सामी मीिडया , टेलीिवजन , रेिडयो, टेलीफोन और क ंयूटर शा िमल ह । इंटरनेट ने संचार
क नई स ंभावनाए ँ जगा दी ह ।
सूचना ौोिगक का जनस ंचार क े े म योगदान / महव
आज क े संचार धान समाज म जनस ंचार मायम क े िबना हम जीवन क कपना भी नह
कर सकत े । हमारी जीवनश ैली पर स ंचार मायम का ज़बरदत असर है । अखबार पढ़ े
िबना हमारी स ुबह नह होती । जो अखबार नह पढ़त े, वे रोज़मरा क खबर क े िलए र ेिडयो
या टी .वी. पर िनभ र रहत े ह । हमारी महानगरीय य ुवा पीढ़ी समाचार और स ूचनाओ ं के
आदान -दान क े िलए इ ंटरनेट का उपयोग करन े लगी ह ै । इसी तरह फ ुरसत क े ण म
टी.वी-िसनेमा पर िदखाए जान े वाल े धारावािहक और िफ़म क े ज़रय े हम अपना
मनोरंजन करत े ह । वत मान समय म संचार क े िवकिसत और नवीनतम प न े संचार क े
काय और उ ेय को भी िवकिसत िकया ह ै । जहा ं संचार समाज क मानिसक अवथा ,
वैचारक िच ंतन क वृि, संकृित तथा जीवन को िविभन िदशाओ ं को िनय ंित करन े म
अपनी महती भ ूिमका िनभाता ह ै, वह वह यि को समाज क े साथ जोड़ता भी ह ै । मुय
प स े जनस ंचार मायम का महव को िनन िलिखत म ु के आधार पर िवव ेचन िकया
गया ह ै जो इस कार ह ै -
सूचना देना
जनसंचार मायम का म ुख काय सूचना द ेना है । हम उनक े ज़रय े ही द ुिनयाभर स े
सूचनाएँ ा होती ह । हमारी ज़रत का बड़ा िहसा जनस ंचार मायम क े ज़रय े ही पूरा
होता ह ै । संचार का म ुय काय सूचनाओ ं का स ंह एव ं सार करना ह ै । य ेक िदन
समाचार -प, रेिडयो, टेलीिवजन , कय ूटर आिद मायम ारा समाज क िविवध
घटनाओ ं, आपात परिथितय , ासदी क घटनाओ ं, नवीनतम खोज , वैािनक गित ,
सामािजक उनित , राजनीितक िथितय आिद स ूचनाओ ं से समाज को परिचत
कराता ह ै ।
जनसंचार क स ुिवधाओ ं ने लोग को जागक बनाया ह ै । यिद कोई यि पढ़ा िलखा ना
भी हो तो भी वह र ेिडयो तथा ट ेलीिवजन जानकारया ं सुनकर िदमाग चला सकता ह ै और
वतमान म चल रह े खबर स े वह वािकफ रह सकता ह ै । तकनीक न े हर ओर स े मनुय को
आगे बढ़ान े का राता खोजा ह ै । यिद िकसी यि को िदखाई नह द ेता है , तो यि भी
टेलीिवजन या र ेिडयो पर समाचार स ुनकर उसक े आसपास हो रही खबर स े अवगत
रहता ह ै ।
munotes.in

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सूचना ौोिगक का यवहार े :
सामाय परचय सूचना ौोिगक का
जनसंचार क े े म योगदान और महव
29 िशित करना
जनसंचार मायम स ूचनाओ ं के ज़रय े हम जागक बन ते ह । लोकत ं म जनस ंचार
मायम क एक महव ूपण भूिमका जनता को िशित करन े क ह ै । यहाँ िशित करन े से
आशय उह देश-दुिनया क े हाल स े परिचत करान े और उसक े ित सजग बनान े से है ।
MOOC ऐसा पाठ ्यम ह ै िजसक े मायम स े कोई भी यि स ेफ लिन ग कर सकता ह ै ।
िजसक े िलए मोबाइल फोन , कंयूटर तथा ल ैपटॉप क जर त पड़ती ह ै । इसक े साथ ही
साथ इ ंटरनेट से जुड़ने का सबस े महवप ूण िहसा ह ै । िशा स ंबंधी जानकारी ा क े िलए
ऐसी कई पोट ल क स ुिवधा ह ै, जो ऑनलाइन उपलध रहती ह ै । आज ौोिगक तथा
इंटरनेट क स ुिवधा हो जान े के कारण माट फोन, कंयूटर, लैपटॉप आिद के ारा िविभन
मायम ज ैसे- गूगल सच इंजन, यूट्यूब के जरए हमारी अययन सामी ढ ूंढ सकत े ह ।
शैिक िया सपन करन े के िलए मीिडया का उपयोग िकया जाता ह ै । ज ैसे -
समाजीकरण , सामाय -िशा, लास म िशण आिद । आज अययन और अयापन
के िलए ऑनलाइन लास ेस का भी उपयोग िकया जा रहा है ।
मनोरंजन करना
जनसंचार मायम मनोर ंजन का भी म ुख साधन ह । िसन ेमा, टी.वी., रेिडयो, संगीत क े टेप,
वीिडयो और िकताब आिद मनोर ंजन क े मुख मायम ह । खबर करन े के साथ-साथ यह
मीिडया अपन े दशक का मनोर ंजन भी बनाए रखती ह ै । िजसस े लोग म कुछ करन े का
उसाह उपन हो और वह िनर ंतर ेरत होत े रहे । जैसे िकसी ऐस े यि क कहानी को
िकसी काय म ारा िदखाना िजसम िकसी यि न े कम बात कर ली हो । यह सब
कहािनया ं असली िज ंदगी स े उठाकर जनता क े सम रखी जाती ह ै । मानव जीवन क
नीरसता और तनाव म ु वातावरण म संचार िविभन मायम ारा जन -समुदाय का
मनोरंजन भी करता ह ै । ये मायम िविभन काय म ारा मानव जीवन को सरस बनात े ह ।
गीत, संगीत, िफम , किवता , नाटक , धारावािहक , वृिच , पक , काटून आिद क े ारा
समाज को मनोर ंजन क े साथ-साथ अन ेक संदेश भी स ंेिषत करत े ह ।
िनगरानी करना
जनसंचार मायम स ूचनाओ ं और िवचार क े ज़रय े िकसी द ेश और समाज का एज डा भी
तय करत े ह । जब समाचारप और समाचार च ैनल िकसी खास घटना या म ुे को म ुखता
से उठात े ह या उह यापक कवर ेज देते ह तो व े घटनाए ँ या म ुे आम लोग म चचा के
िवषय बन जात े ह । िकसी घटना या म ुे को चचा का िवषय बनाकर जनस ंचार मायम
सरकार और समाज को उस पर अन ुकूल ितिया करन े के िलए बाय कर द ेते ह ।
जनसंचार मायम िकसी सरकार और स ंथाओ ं के कामकाज पर िनगरानी रखत े ह । अगर
सरकार कोई गलत कदम उठाती ह ै या िकसी स ंगठन/संथा म कोई अिनयिमतता बरती जा
रही ह ै तो उस े लोग क े सामन े लाने क िज़म ेदारी जनस ंचार मायम पर ह ै ।
िवचार -िवमश के मंच
जनसंचार मायम लोकत ं म िविभन िवचार को अिभय ि का म ंच उपलध करात े ह ।
इसके जरय े िविभन िवचार लोग क े सामन े पहंचते ह । जैसे िकसी समाचारप क े munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

30 संपादकय प ृ पर िकसी घटना या म ुे पर िविभन िवचार रखन े वाले लेखक अपनी राय
य करत े ह । इसी तरह स ंपादक क े नाम िची त ंभ म आम लोग को अपनी राय य
करने का मौका िमलता ह ै । इस तरह जनस ंचार मायम िवचार -िवमश के मंच के प म भी
काम करत े ह ।
समाज परवत न
जनसंचार एक ऐसा मायम ह ै िजसक े ारा सामािजक परवत न लाया जा सकता ह ै ।
यिक जनस ंचार मायम िकसी एक िवश ेष संदाय क े िलए काम नह करता ह ै । बिक वह
हर ऐसी यि क े िलए काम करता ह ै, िजनक े सूचनाओ ं को मीिडया क े मायम स े दशाया
जाए । संचार क े ारा ही समाज म रहने वाले लोग का सामाजीकरण होता ह ै । यि और
यिय क े समूह के बीच आपसी सहयोग और साझ ेदारी क े िलए आवयक ह ै िक इनके
बीच स ंचार बना रह े । संचार क े ारा क ेवल स ूचनाएं ही स ंेिषत नह क जाती बिक समाज
क य ेक गितिविध और जीवन -धारा क े अनस ुलझे , उनके कारण तथा परणाम क े
िवषय म भी समाज को परिचत कराया जाता ह ै । समाज इस ान को अिज त कर अपनी
जीवन क िदशा को तय कर सकता ह ै ।
रोजगार क उपलिध
इलेॉिनक मीिडया एक बहत बड़ा मायम ह ै िजनक े िलए बहत लोग क आवयकता
होती ह ै । यह िकसी एक दो या तीन यि ारा स ंभाला नह जा सकता ह ै । बिक इसक े
िलए स ंवाददाता , संपादक , एिडटर तथा क ैमरामैन आिद लोग क जरत पड़ती ह ै । इस
तरह मीिडया क े े म कई लोग को यापार भी िमलता ह ै और अपना हनर िदखान े का
अवसर भी ा होता ह ै । कई लोग को मीिडया न े रोजगार िदया ह ै और कई लोग इस म ंच
ारा बहत बड़ े संपादक बनकर अपना नाम भी रोशन कर रह े ह । समाचार प म कई
कंपिनया ं अपना इितहार कािशत कराती ह ै । िजसक े ारा कई लोग को नौकरी पान े का
अवसर िमलता ह ै । साथी ही जो इन समाचार प को लोग क े घर तक बा ंटता ह ै उनको भी
एक रोजगार िमल जाता ह ै ।
िनरर क े िलए भावी
िट मीिडया को छोड़ द े तो एल ेॉिन क मीिडया म रेिडयो, टेलीिवजन , िफम आिद हर
यि का मनोर ंजन बनाए रखत े ह । यिक इसक े ारा हर तरह क खबर क जाती ह ै ।
िजह पढ़ना िलखना नह भी आता ह ै वह इन खबर को स ुनकर सामाियक स ूचनाओ ं को
ा कर सकत े ह । इसे सुनकर अपन े े तथा द ेश म चल रह े खबर स े आगाह रहत े ह ।
इलेॉिनक मीिडया न े हर िकसी को अपन े साथ जोड़ िलया ह ै । चाहे वह यि िनरर हो
या सार हर कोई इस पर िनभ र हो गया ह ै ।
वैिक पह ंच
िंट मीिडया ह या इल ेॉिनक मीिडया इ ंटरनेट के कारण उसक पह ंच संपूण िव म दूर
दराज क े गांव तक हो च ुक है । िव क े िकस तरह क घटनाए ं घट रही ह ै तथा िकस तरह
का िवकास हो रहा ह ै इसक जानकारी हम मीिडया क े मायम स े िमलती ह ै । णभर म munotes.in

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सूचना ौोिगक का यवहार े :
सामाय परचय सूचना ौोिगक का
जनसंचार क े े म योगदान और महव
31 सूचना को स ंपूण िव म सारत करन े का अवसर हम इस नई तकनीक न े िदया ह ै ।
िजसस े हम िकसी द ूसरे देश के सामािजक तथा आिथ क बदलाव या िवकास क े बारे म पता
चलता ह ै । संपूण िव ऐस े उपकरण म समा गया ह ै ।
कम लागत
जब इ ंटरनेट और ट ेलीिवजन का आम जीवन म उपयोग नह था तब ि ंट मीिडया ही
समाचार ा करन े का एक मा साधन था । यिक प हले इंटरनेट आम जीवन क े िलए
बहत ही मह ंगा था इसिलए लगभग सभी लोग ि ंट मीिडया पर अिधक िनभ र थे । आज स े
३०या ४० वष पहल े िकसी क े घर म टेलीिवजन होना भी एक बहत बड़ी बात मानी जाती
थी । परंतु समाचार प कम दाम म िबकत े आए ह िजसक े कारण हर कोई भी उस े पढ़
सकता है । कई ल ेखक तथा ल ेिखकाओ ं ने अपन े लेख के मायम स े जनसाधारण को कई
सारे संदेश को पह ंचाने का यास भी िकया ह ै । इसक े अंतगत मैगजीन ,जनरल ,कहािनया ं
तथा द ैिनक अखबार भी आत े ह । भारत म कािशत होन े वाले िहंदी दैिनक समाचार प
कुछ इस तरह ह ै:-दैिनक जा गरण, िहंदुतान, दैिनक भाकर ,राजथान पिका , अमर
उजाला , पिका ,भात खबर ,भारत टाइस ,हरभूिम, पंजाब क ेसरी आिद ।
ान म वृि-
समाचार प पढ़न े से लोग जागक तो होत े ही ह साथ ही पढ़न े क िच भी बढ़ जाती ह ै ।
कई ऐस े लोग होत े ह िजह िहंदी, इंिलश या कोई अय भाषा पढ़न े नह आती ह ै । तब व
इन प का अयास करक े टूटी फूटी भाषा को सही करन े का यास करत े ह । इसस े उह
एक भाषा का ान भी हो जाता ह ै साथ ही सामाियक खबर स े व जागक भी रहत े ह ।
राीय एकता और अख ंडता क ढ़ता
भारत िविभन वग , जाितय , मत, संदाय , और िवचारधाराओ ं का द ेश है, उसके बावज ूद
भी भारत को यिद धम िनरपे देश कहा जाता ह ै तो उसम संचार क महती भ ूिमका भी ह ै ।
संचार मायम ारा अन ेक भाषाओ ं म ऐसे संदेश का काशन या सारण िकया जाता ह ै
जो समाज को अ पने रा क े ित एक होन े के िलए ेरत करत े ह ।
सांकृितक उनयन
संचार रा क े सांकृितक उनयन म सहायक होता ह ै । रा क महानतम उपलिधय को
िव म चारत -सारत करन े के साथ-साथ वह स ंकृित के सभी ितमान क े िवकास क े
िलए अ पना यो गदान द ेता है । संचार उपय ु काय एव ं उेय क े अितर जनमत का
िनमाण करन े म भी अपनी महती भ ूिमका िनभाता ह ै । वह समाज क सोच को भािवत
करता ह ै । वह लोग को अपनी पर ंपरा और वत मान क े बीच साम ंजय िबठान े म सहयोग
देता है, वह क ृित और समाज के बीच भी एक स ेतु का काय करता ह ै। यिद स ंचार न हो तो
मनुय मृत है ।

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िहदी म सूचना ौोिगक

32 सेस तथा जनस ंपक –
आिथक यवथा म माकिटंग तथा िवतरण िया म मीिडया का उपयोग िकया जाता ह ै ।
िवापन जनता को नए ोडट क जानकारी द ेते ह, उनके मूय क े बारे म िवास उपन
करते ह तथा उनको खरीदन े के िलए राजी करात े ह । जनस ंचार मायम क े वतमान
चिलत प म मुख ह- समाचारप -पिकाए ँ, रेिडयो, टेलीिवज़न , िसनेमा और इ ंटरनेट ।
इन मायम क े ज़रय े जो भी सामी आज जनता तक पह ँच रही ह ै, रा के मानस का
िनमाण करन े म उसक महवप ूण भूिमका ह ै ।
३.४ सारांश
इस अयाय का म ुय उ ेय है आपको स ूचना ौोिगक क े यवहार े का सामाय
परचय द ेना तथा स ूचना ौोिगक का जनस ंचार क े े म योगदान महव को प करना
और स ूचना ौ ोिगक क िशा क े े क उपाद ेयता स े आपको अवगत कराना ह ै । इन
उेय पूित हेतु इस स ूचना ौोिगक का सामाय यवहार े, सूचना ौोिगक का
जनसंचार क े े म महव म ुखत: मीिडया तथा इल ेॉिनक मीिडया क े महव को प
करने का यास िकया गया ह ै ।
३.५ दीघरी

१) सूचना ौोिगक क े यवहार े का सामाय परचय दीिजए ।
२) सूचना ौोिगक क े जनस ंचार क े े म योगदान और महव को र ेखांिकत किजए ।

३.६ लघुरी

१) सूचना ौोिगक के कौनस े मायम ारा हजारो िकलोमीटर द ूर बैठे ियजनो क े देख
सकत े है ?
उर : िवडीयो कॉ ेिसंग ारा

२) बक म कौनसी िसटम आ ने के बाद कय ूटर का योग बढ गया ह ै ?
उर : कोर ब ँिकंग

३) शद स ंचार क े मुख मायम कौनस े है ?
उर : मुण मायम , िंट िमिडया , समाचार प , पिकाए ँ, पुतके आिद |

४) य स ंचार मायम कौन कौन स े है ?
उर : िवडीयो िमिडया , टेलीिवजन , कॅसेट, चल िच , िचपट आिद |

५) जन स ंचार मायमो म सबस े ाचीन मायम ह ै |
उर : मुण मायम

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सूचना ौोिगक का यवहार े :
सामाय परचय सूचना ौोिगक का
जनसंचार क े े म योगदान और महव
33
३.७ संदभ पुतक

१) आधुिनक जनस ंचार और िह ंदी- हरमोहन

२) सूचना ौोिगक क ंयूटर और अन ुसंधान- हरमोहन

३) िविकपीिडया

४) सूचना ौोिगक सोशल मीिडया और िडिजटल इ ंिडया - डॉ. अमरीश िसहा

५) योजन म ूलक िहदी – ो माधव सोनटक े



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34 ४
सूचना ौोिगक िशा क े े म उपाद ेयता
इकाई क पर ेखा :
४.० ईकाई का उेय

४.१ तावना

४.२ सूचना ौोिगक के े म उपाद ेयता
४.३ सारांश
४.५ िदघतरी
४.६ लघुरी
४.७ संदभ पुतक
४.० उेय

इस इ काई क े अययन स े िवाथ स ूचना ाोिगक का स ूचना क े े म उपाद ेयता को
समझ सक गे |

३.१ तावना
सूचना ौोिगक आज हर े म परिचत हो चुक है, तकनीक मायम ने हर काय को
आसान बना िदया ह ै | आज कोरोना महामारी क े समय म हमने देखा सूचना ौोिगक क े
मायम स े िशा क े े म िवन नह आ ए, ई-लिनग पोट ल और On-line लास क े
मायम स े घर ब ैठे ही िवाथ िशण स े अवगत हए | इस इकाई म हम स ूचना ौोिगक
का िशा क े े म महव इसक उपाद ेयता या ह ै इसका अयय न कर गे |
४.२ सूचना ौोिगक िशा क े े म उपाद ेयता
आज क े समय म ान को स ंिचत रखना , सारत करना तथा िवतार करना भावी प
से संभव हो पाया ह ै । पाचार क े ारा ही िविवालय तथा पाचार का जम हआ ।
िविभन कार क जानकारय को जब हम परवित त तथा आदान - दान करन े म
िविभन कार क े योग का उपयोग करत े ह, तो वह स ूचना ौोिगक कहलाती ह ै । इसक े
अंतगत दो कार स े जानकारी हािसल क जाती ह ै, पहला हाड वेयर तथा द ूसरा
सॉटव ेयर । ौोिगक क न े हर े म अपना एक ब ेहतर वच व बना िलया ह ै । िशा े
को अिधक स ुचा, आकष क, सुलभ, मनोरंज तथा भावशाली बनान े के िलए कई munotes.in

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सूचना ौोिगक िशा क े े म उपादेयता
35 उपकरण क िवश ेष भूिमका ह ै, जैसे -कंयूटर,रेिडयो, मोबाइल फोन , टेलीिवजन आिद ।
मनुय ने ान को कई तरह स े फैलाने का सार इन तकनीक ा रा िकया ह ै । संपूण िव
अपने आिथ क तथा सामािजक सम ृि के िलए ौोिगक का योग एक भावी साधन क े
प म कर रहा ह ै । भारत न े भी इस े को कई म ुखता दी ह ै तथा और भी कई िनणा यक
कदम उठाए जा रह े ह । भारत क े िवकास म सूचना एव ं संचार ौो िगक का एक बहत बड़ा
योगदान ह ै ।
िशा क े े म िवािथ य का िशा क े ित आकष ण ा करन े के िलए कई नए तरीक
को अपनाया गया ह ै । िवालय म पाया जाता ह ै िक, िशक िडिजटल मायम स े अययन
करान े का यास कर रह े ह,िजसस े बच का मन प ढ़ाई म लग रहा ह ै । िडिजटल बोड का
असर भावी समझा गया ह ै िजसस े बचे अिधक सीखत े ह । कभी िच , कभी वीिडयो तथा
कभी स ंगीत क े मायम स े ान सारत िकया जा रहा ह ै । िबना तकनीक क े यह स ुिवधाए ं
असंभव थी । सािहियक शदावली , वैािनक शदावली तथा ऐित हािसक शदावली अलग
होती ह ै, परंतु तकनीक शदावली म संदेह प होता ह ै । यह स ूचना को इ ंिगत करती ह ै
जोिक अथ पूण है । सूचना तकनीक क े अंतगत वीिडयो िडको , वीिडयो ट ेट,
टेलीकाटर , वीिडयो ट ेलीफोन ,टेलीिवजन ट ेन जी ़, सैटेलाइट स ंगणक, उपवक सारक
आिद को भी शािमल िकया गया ह ै । कंयूटर ने िशा क े े को प ूरी तरह स े बदल कर रख
िदया ह ै और बच को िशा दान करन े के अनेक नए रात े खोल िदए ह ै । िननिलिखत
मु के आधार पर स ूचना ौोिगक िशा क े े म उपाद ेयता को ल ेकर काश डाला
गया है ।
िशा और िशण , िबना स ूचनाओ ं तथा िवचार क े आदान -दान क े संभव नह ह ै । िशा
के े म आईसीटी क अहम ् भूिमका ह ै | हम भाषा स ंकेत, हाव-भाव, आिद क सहायता स े
अपने मन क े िवचार का स ेषण करत े है । मानव जीवन क े येक े म सूचना-सेषण
तकनीक क आवयकता और महव ह ै । सूचना एव ं सेषण तकनीक मानव जीवन क
आवयकता ही नह ह ै, बिक यह मन ुय के जीवन का िवश ेष अंग बन गयी ह ै । कोई भी
े सूचना एव ं स ेषण तकनीक स े अछूता नह ह ै । िशा क े े म भी आईसीटी न े
अहम् भूिमका िनभाई ह ै । सूचना एव ं स ेषण तकनीक का अथ होता ह ै - िवचार ,
सूचनाओ ं का आदान -दान का मायम । स ूचना एव ं स ेषण तकनीक (आईसीटी ) के
मायम स े िवचार , सूचनाओ ं का आदान -दान होता ह ै । सूचना एव ं सेषण तकनीक क े
अंतगत सभी कार क े य -य सामी , संचार एव ं स ेषण तकनीक आत े ह, जैसे -
रेिडयो, टेलीिवज़न , कंयूटर ट ेपरकॉड र और िशण मशीन ज ैसे ोज ेटर, माटबोड
आिद ।
माट लास :
आज परपरागत लासो को आध ुिनक माट लासो म बदला जा रहा ह ै । िशक छा
को पढ़ाने के िलए इ ंटरेिटव मीिडया , िच, वीिडयो , एनीमेशन, तुितय, िसमुलेटेड कंटट
और माट सामी का उपयोग करत े है । यह बचो को का ंसेट समझान े और एक लब े
समय क े िलए ान बरकरार म मदद करता ह ै । इसक े अलावा ERP कूल गितिविधय ,
छा और िशको के दश न को ैक कर वय ं चािलत कोर काड पैदा करता ह ै औ र munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

36 िविभन तर पर द शन का िव ेषण कर क ूल शा सन क गितिविधय म मदद करन े के
िलए माट लास म कंयूटर का उपयोग िलया जाता ह ै ।
ऑनलाइन िशा :
कंयूटर न े पारंपरक िशा णा ली को मजब ूत बनान े के अलावा , एक नयी िशा
"ऑनलाइन िशा " को जम िदया ह ै िजसक े ारा श ैिक माणप , िडी और िडलोमा
कोस संचािलत िकय े है । बच े एक कोस , िसण या िफर िडी का माण प क ंयूटर
और इटरन ेट Collection क मदद स े घर बैठे Online मोड का उपयोग करक े ा कर
सकत े है । ऑनलाइन िशा णाली बचो को कई लाभ दान करती ह ै जो व े पारंपरक
िशा णाली म ा नही कर सकत े है । यही कारण ह ै िक आज लाखो लोग ऑनलाइन
िशा का पालन कर रह े है और इस मामल े म इनक स ंया िदन ब िदन बढ़ ती जा रही ह ै ।
िडिजटल लाइ ेरी :
कूल क िकताब े और सामी को िडिजटल और E-पुतक (सॉट कॉपी ) म परवित त
करके छा को दान िकया जा रहा ह ै । जनरल , पिकाओ ं, ोशर और ल ेख (पोट /
आिटकल) के ऑनलाइन उपलध होन े के कारण छा इह कही भी कभी भी इटरन ेट के
जरये पढ़ सकत े है । पुतकालय क े सभी Function ( बुक को वापस करना , बुक को इश ू
करना ) को कंयूटर के ारा वचािलत िकया जा रहा ह ै ।
परयोजनाए ँ / अनुसंधान :
कंयूटर बचो को अपनी परयोजना और शोध काय को करन े म मदद करता ह ै । आज
Content, डेटा औ र Knowledge ऑनलाइन उपलध ह ै िजसस े िकसी भी सज ेट म
पया माा म जानकारी को उपलध कर अपन े अनुसंधान और परयोजनाओ ं को आग े
बढ़ाने का काम स ुिवधाजनक हो गया ह ै । सूचना और स ंेषण तकनीक म शैिक शोध काय
म महवप ूण भूिमका िनभाई ह ै । इसक े माय म से शोध काय क े िलए श ु एव ं िविभन
कार क स ूचनाएं ा होती ह । िव क े मुख संदभ ंथ या प ुतक स े अययन कर
संेषण के ोतो ारा शोध काय आसानी स े हो सकत े ह ।
ान आधारत समाज क े िनमा ण म सहायक :
नवीनतम य ं एवं िविधय के ारा स ूचना एव ं संेषण तकनीक क े मायम स े ान आधारत
समाज क े िनमाण म सहायता दान क ह ै । इस य ुग म परंपरागत तकनीक क सहायता स े
िशण दान करक े नव य ुवक को आन े वाले परवत न के िलए त ैयार नह िकया जा
सकता ह ै । सूचना स ंेषण तकनी क का सम ुिचत योग इस िदशा म सहायक िस हो
रहा ह ै ।
छा का िवकास :
छा अपन े वयं के िवकास क े िलए आपको ा करन े एवं योग करन े का िशण ा
कर सकत े ह । इसक े ारा छाा अपनी िजासाओ ं को शा ंत कर सकता ह ै और अिवका र
िनमाण आिद म सहायता ा कर सकता ह ै । उपाय ु िनण य मता तथा समया munotes.in

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सूचना ौोिगक िशा क े े म उपादेयता
37 समाधान क योयता ा कर क े छा क े यवहार म आवयक परवत न लाया जा सकता
है । सूचना एव ं संेषण तकनीक क े ारा छा ान , कौशल , िच, अिभव ृि आिद अिज त
कर स कते ह । इसक े ारा छा प ूण शुता एव ं ती गित क े साथ स ूचनाओ ं को एक साथ
ा कर सकत े ह ।
िशण म सहायक :
सूचना एव ं संेषण तकनीक िशक को िशण अिधगम िया म भी सहायता द ेते ह ।
पुतक , पिकाओ ं, अययन सामी , य-य सा मी, तकनीक को ा करन े म
सहायक होत े ह । छा ारा वअन ुदेश करन े से िशक उस समय का योग उह िनदश व
परामश देने, ट्यूटोरयल , समूह िशण आिद म कर सकत े ह । िशण उ ेय क ाि म
सूचना एव ं संेषण तकनीक िशण व छा क सहायता करती ह ।
परामश देने म सहायक :
परामश देने के काय म भी स ूचना एव ं संेषण तकनीक सहायक होती ह ै । अपेित िशक ,
यवसाियक तथा यिगत परामश देने म सूचना क े ोत को ा करन े म यह परामश को
सहायता पह ंचाती ह ै । रकॉड क हई इल ेॉिनक सामी क े ारा व े छा को श ैिक तर
पर िच , अिभिच और यिव क अय िवश ेषताओ ं के बारे म जान सकत े ह तथा छा
के िनदशन व परामश संबंधी आवयकताओ ं को प ूरा कर सकत े ह ।
छा क ित िशण सहायता :
िशण अिधगम िया को िशण क ित स े छा क ित बनान े म सूचना एव ं संेषण
तकनीक न े महवप ूण भूिमका िनभाई ह ै । इसक े सहायता स े छा बड़ी स ंया म सूचनाओ ं
को ा कर सकत े ह तथा भावी स ंेषण ारा सहयोगामक िशण स े किठन काय को
भी कर सकत े ह । इस कार क े ान तथा कौशल अज ुन कर क े छा अिधक आमा
िनदशन एव ं आमा िवासी बनत े ह ।
िशा अिधगम िया क े वप परवत न :
िशण को अिधगम म परवित त करन े क मता क े कारण स ूचनाओ ं और स ंेषण
तकनीक न े िशक व अिधगमक ता दोन को अिधक सिय अिधगम वातावरण दान
िकया ह ै । अब श ैिक उ ेय को ा करन े क िया रोचक बन गई ह ै । िशक क
भूिमका क ेवल ान दान करन े वाला नह बिक छा अिधगम म सहयोगकता तथा छा
के साथ अिधगम म सिय अिधगमकता क भी ह ै ।
िशण िशण म सहायक :
सूचना एव ं संेषण तकनीक िशण -िशण काय म म भी महवप ूण भूिमका िनभाई ह ै ।
िशक क े बह-आयामी दाियव क े िनवाह के िलए च ुनौितय को वीकार करन े म इसका
योग िकया जा सकता ह ै । आध ुिनक समाज क आवयकताओ ं के अनुप भावी
िशक क े िवकास म यह अय ंत उपयोगी ह ै । munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

38 शैिक शासन एव ं सहायक :
शैिक शासन को उनक यवथा एक िजम ेदारय का पालन करन े म सूचना एव ं
संेषण तकनीक क महवप ूण भूिमका ह ै । ारा व े िशा श ैिक शासन तथा योजनाओ ं
के े म िवकास क े बारे म सूचनाएं ा सकत े ह । साथ ही साथ व े क गितिविधय म
संबंिधत स ूचनाएं और आ ंकड़े, िशक क े ियाकलाप , छा क उपलिधया ं आिद क े बारे
म जानकारी ा कर सकत े ह । शैिक शासन ओ ं के िलए पाठ ्यम िनमा ण, िविभन
तर पर श ैिक उ ेय, मूयांकन िविध , िवालय को िदए जान े वाले संसाधन आिद क े
संबंध म िनणय लेने म सहायक होती ह ै । शैिक शासन क े काय म संेषण क स ुिवधा न े
बहत लाभ पह ंचाया ह ै ।
ऑनलाइन व ेश परा मश
भारत सरकार ारा िविभ न यावसायक पाठ ्यम ज ैसे बी.ई., बी.आक, बी.फामा,
एम.बी.ए., एम.सी.ए., एम.बी.बी.एस., बी.डी.एस., बी.एड. आिद म वेश के िलए स ूचना
और स ंचार ौोिगक क पहल ध य वाद क पा ह , िजनका आयोजन म ंडल ज ैसे
अिखल भारती य इंजीिनयरी व ेश परीा , अिखल भारतीय प ूव िचिक सा परीा , रा य
मंडल (उ. ., हरयाणा , केरल) ारा ऑनलाइन िकया जा रहा ह ै । इसस े छा को
यिगत परामश स म होने वाली पर ेशािनय स े बचाया जा सकता ह ै ।
आभासी का क ब ृह पित
बृह पित का िवकास , जो एक आभासी काक ह ै, भारतीय ौोिगक स ं थान, कानप ुर
ारा िकया गया यास ह ै और यह सवा िधक जीव त सूचना और स ंचार ौोिगक
पहल ह । बृह पित एक व ेब आधारत ई -अिधग य ता काय म ह ै, िजसस े अनुदेशक
पाठ्यम सामी ा रा परसर म अिभग य ता बढ़ा सकत े ह, का क चचा एं कर सकत े ह
और व ेब पर ही आकलन कर सकत े ह । इसे परसर क े बाहर और म टोर अिभग य ता के
िलए ई -अिधग य ता सामी उपयोग करन े म भी इ त ेमाल िकया जा सकता ह ै । यह एक
खुले ोत वाला सॉटव ेयर है तथा इ से िकसी भी िव व िवालय ारा उपयोग िकया जा
सकता ह ै ।
दूरथ िशा णाली
जैसे- जैसे समय आग े बढ़ता ह ै, िदन छोट े लगन े लगत े है, २४ घंटे उन सभी ल य के िलए
कम लगत े जो हम प ूरे करना चाहत े है तथा एक साथ बहत सार े काय पूरे करना जीवन का
तरीका बन जाता है । हम म से अनेक लोग अपनी िशा जारी रख ना चाहते है िकंतु समय
क सीमाओ ं के कारण पढ़ाई जारी रखना किठन हो जाता है । इसिलए कई लोग और छा
दूर थ िशा पाठ ्यम क े मा य म से पढ़ने का िवक प अपनात े ह, िजसस े वे अपनी िशा
आराम स े जारी रख सक । अब आप िविभ न भारतीय िव व िवालय तथा िवालय क
वेबसाइट आसानी स े देख कर वहा ं िदए जा रह े दूर थ िशा पाठ ्यम क े बारे म जान
सकत े ह और नवीनतम जानकारी ल े सकत े ह । सूचना तथा स ंचार िविधयो न े दूरथ
िशा णाली को यापक प स े भािवत िक या है । सूचना एव ं संचार ौोिगक क े
परपर एककरण तथा साम ंजय स े दूरथ िशा क िविधय , िशण सामी ,दूरवत munotes.in

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सूचना ौोिगक िशा क े े म उपादेयता
39 कॉेिसंग, कंयूटर के योग न े दूरथ िशा का सहज प स े ाहय िकया ह ै । दूरथ
थान पर ब ैठे िवशेष, अयापक या व ैािनक टेलीकॉ ेिसंग ारा स ूचनाओ ं को ामीण
े तक पह ंचाने म सफलता ा हई ह ै । ौोिगक न े अथा त रेिडयो, दूरदशन, टेप
रकॉड र, िफम ोज ेट आिद क े ारा स ंचार का े अिधक यापक बना िदया गया ह ै ।
अय लाभ :
ऑन लाइन िशा पित ारा तय को एक थान स े दूसरे थान पर पह ंचाया जाता ह ै ।
ा आ ंकड़ का िव ेषण करन े म उपयोगी उन आ ंकड़, बेव सूचनाओ ं क आवयकता
होती ह ै वहां उनका योग िकया जाता ह ै । िवालय एव ं कॉल ेज म बच को अययन म
सहायता दान करना । नवीन जानकारय को जस क े तस िवािथ य तक पह ंचाना । बी.
डी.ओ. को िशा जगत म हो रह े परवत न से अवगत कराना । िकसी भी िवषय क म ुख
एवं नवीनतम जानकारी उपलध कराना । छा और िशको क े मय अ ंत: िया को
बढ़ावा द ेना, िवाथ क िजासाओ ं को पूण करना ।
 िशा क बढती मा ंग को प ूरा करन े के िलए तथा छा क श ैिक आवयकता ओं क
पूित करन े के िलए ोोिगक का अयिधक महव ह ै ।
 िशण -अिधगम िया को सरल , सुबोध एव ं सुगम बनान े म सूचना-सेषण तकनीक
महपूण है ।
 िवािथ य के योयतान ुसार पाठ ्य-सामी को बोधगय बनान े म आईसीटी एक
महपूण उपकरण ह ै ।
 सूचना तकनीक िशा क े सभी मायम म मुख भूिमका िनभाती ह ै । औपचारक ,
अनौपचारक ज ैसी सभी तरह क िशा म महव रखती ह ै ।
 इनफाम शन ए ंड कय ुिनकेशन ट ेनोलॉजी न े दूरथ िशा क े े को सश िकया ह ै ।
 यह िशण िया को रोचक बनाती ह ै तथा िवािथ य म अिभ ेरणा (Motivation)
उपन करती ह ै ।
 सभी कार क े यावसाियक िशण म एक लोकिय साधन क े प म सूचना एव ं
सेषण तकनीक का योग होता ह ै ।
 जन-साधारण को सामाय िशा दान करन े म आईसीटी का अयिधक महव ह ै ।
 इसके ारा छा क े अिधगम को थायी बनाया जा सकता ह ै ।
 आईसीटी छा क े यान क ेित करन े का उम साधन ह ै ।
 िशा क बढ़ती हई मा ंग क प ूित करन े व िवािथ य क श ैिक आवयकताओ ं क
पूित म सूचना स ंचार ौोिगक सहायक ह ै ।
 शैिक, यावसाियक ,आिथक व व ैयिक स ूचनाओ ं को एक थान पर स ंिहत करन े
व उपयोग म लाने म सहायक ह ै ।
 सूचना और स ंचार तकनीक िशण अिधगम िया को सरल , सुबोध व स ुगम बनान े
म सहायक ह ै । munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

40  सूचना व स ंचार तकनीक िशा क े सभी मायम म जैसे औपचारक , अनौपचारक व
िनरौपचारक आिद म उपयोग व सहायक ह ै ।
 सूचना और स ंचार ौोिगक द ूरथ िशा म अित महवप ूण व सहायक ह ै ।
 सूचना व स ंचार तकनीक का बहआयामी योग सभी कार क े शैिक यावसाियक
िशण को दान करन े म है ।
 सूचना और स ंचार ौोिगक ारा अिधगम को चीर थायी अवधान को क ित करन े
म सहायक ह ै ।
 जनसाधारण को सामाय िशा दान करन े व जन जागकता व च ेतना क े िवकास म
अयंत उपयोगी ह ै ।
 शैिक जगत म हो रहे परवत न वह िकसी भी िवषय क ामािणक जानकारी आसानी
से सव सुलभ करान े म सहायक ह ै ।
इस कार िशा क े सभी े म सूचना एव ं संेषण तकनीक का महवप ूण योगदान
रहा ह ै । शैिक उ ेयो क ाि म यह य या अय प म अय ंत सहायक ह ै ।
आज स ूचना ौोिगक क े िवकास न े िशा क े े म ांित लायी ह ै । िशा े को
अिधकािधक भावी बनान े के िलए इ ंटरनेट कर अययन , अयापन करना आसान हो
चुका है । पुतक क ऑनलाइन उपलधता , ऑनलाइन लाइ ेरी आभा सी काएं, आिद
कंयूटर, फोन, लैपटॉप क े जरए इ ंटरनेट के मायम स े िशा क े े म महवप ूण भूिमका
िनभायी है । नई तकनीकय न े िशा क े े म महवप ूण योगदान िदया ह ै । शैिक अिधगम
का िव ेषण करना िवािथ य के अययन म सरलता लाना ही नई तकनी क का उ ेय
है । युिय का चयन तथा रणनीित बनान े म सूचना ौोिगक न े कई स ुिवधाए ं दान क
है । इसस े िशा क े े म आए कई तरह क े अवरोध द ूर हो रह े ह । जैसे परीा , मूयांकन,
सूचना स ंवाहन, शैिक नीित िनधा रण, पाठ्यम िनमा ण, शैिक शासन , दूरथ िशा
णाली आिद । इसक े िलए तकनीक िशण शाीय िवषय वत ु ान, िशण शाीय ान
तथा तकनीक िवषय वत ु ान क आवयकता होती ह ै ।
संचार एक ऐसी िया ह ै िजसम एक यि द ूसरे यि को परीा क े आधार पर
भावनाओ ं तथा िवचार को स ंेिषत करता ह ै । इसम दो मुय वाह िदखाई द ेते है, िजसम
एक ओर स ंेषण और द ूसरी तरफ ाकता होता ह ै । िदन -िदन िशा क बढ़ती मा ंग को
पूरा करन े के िलए तथा छा क े शैिक आवयकताओ ं क प ूित के िलए स ूचना स ंचार
तकनीक का अयािधक महव ह ै । सूचना स ंचार तकनीक छा क योयतान ुसार पाठ ्य
सामी को बोधगय बनान े का एक अछा उपकरण ह ै । इसक े ारा छा क े अिधगम को
िचरथा यी बनाया जा सकता ह ै । बृहद तर पर पाठ ्यम, पाठ्य पुतक, परीा स ूचना
आिद क े िलए इन साधन क बल मा ंग है । यह कहा जा सकता ह ै िक स ूचना और स ंचार
ौोिगक साधन क आज अय ंत आवयकता ह ै । रेलवे, बक, बीमा उोग , िशा,
िचिकसा क ृिष एव ं अय िवभाग म इन साधन क िदन -ितिदन आवयकता व मा ंग बढ़
रही ह ै ।
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सूचना ौोिगक िशा क े े म उपादेयता
41 ४.३ सारांश
सूचना ौोिगक क िशा क े े म उपाद ेयता का िवव ेचन िकया गया ह ै । मुख िबंदुओं
को मु के जरए समझाया गया ह ै । आशा ह ै िक, इस इकाई म दी गई ब ुिनयादी जानकारी
को नातक अवगत कर गे और इकाई को समझन े म आपको सहायता ा होगी ।
४.४ दीघरी
१) सूचना ौोिगक क िशा े म उपाद ेयता को प किजए ।

४.५ लघुरीय

१) पाठशाला क े वग म तकनीक का कौनसा मायम चिलत हो रहा ह ै ?
उर - िडिजटल बोड

२) आज परपरागत वग को िकस कार क े वग म बदला जा रहा ह ै?
उर - माट लास

३) सूचना ौोिगक े म बृहपित या ह ै ?
उर - वेब आधारत ई -अिधगयता काय म

४) िवािथ य क योयता क े अनुसार पाठ ्यसामी को बोधगय बनान े का काय कौन
करता ह ै ?
उर - आई.सी,टी.

५) इफामशन ए ंड कय ुिनकेशन ट ेनालॉजी ने दूरथ िशा क े े को क ैसा बना िदया ?
उर - सश

४.६ उपयोगी प ुतक

१) आधुिनक जनस ंचार और िह ंदी- हरमोहन
२) सूचना ौोिगक क ंयूटर और अन ुसंधान- हरमोहन
३) िविकपीिडया
४) सूचना ौोिगक सोशल मीिडया और िडिजटल इ ंिडया - डॉ. अमरीश िसहा
५) योजन म ूलक िहदी – ो माधव सोनटक े


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42 ५
िहंदी भाषा और द ेवनागरी िलपी का वैिक योग
िहदी सॉ टवेअर, परचय , अनुयोग और महव

इकाई क पर ेखा :
५.० ईकाई का उेय
५.१ तावना
५.२ सूचना ौोिगक : िहंदी भाषा और द ेवनागरी िलपी का वैिक योग
५.३ सूचना ौोिगक : िहंदी सॉटवेयर परचय अन ुयोग और महव
५.४ सारांश
५.५ दीघतरी
५.६ लघुरीय
५.७ संदभ पुतके
५.० ईकाई का उेय
इकाई क े अययन क े उपरा ंत आप -
 सूचना ौोिगक िह ंदी भाषा और द ेवनागरी िलपी का वैिक योग क े बारे म जान
सकगे ।
 िहंदी भाषा सॉटव ेयर से परिचत हो जाए ंगे ।
 िहंदी भाषा सॉटव ेयर के महव को जान पाए ंगे ।
५.१ तावना
इस इकाई क े मायम स े हम िह ंदी भाषा िव पटल पर क ैसे िवराजमान हई है । और उस े
िव पटल पर िवराजमान होन े के िलए िकस कार क सहायता ा हई इस पर काश
डाला गया ह ै । िहंदी भाषा को िव पटल पर पह ंचाने के िलए िह ंदी भाषा तथा देवनागरी
िलिप का सरल ता, सुबोधता एव ं वैािनकता क े कारण एक सफल भाषा क े प म िहंदी का
िवकास हो च ुका है । भारत क े लोग िव क े देशो म मजद ूरी के िलए, िशा क े ाि क े िलए,
यापार क ि स े िवदेश चल े गए । वहां उहन े अपनी भाषा , संकृित, सािहय को जीिवत munotes.in

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िहंदी भाषा और द ेवनागरी िलिप का व ैिक योग िहदी सॉ टवेअर, परीचय , अनुयोग और महव
43 रखा । चुर माा म िहंदी सािहय ल ेखन क े साथ-साथ अन ुसंधान क े े म भी वासी
भारतीय तथा िवद ेशी अययन कता िहंदी पढ़कर भारतीय स ंकृित और सयता को
जानना चा हते ह । वासी भारतीय तथा िह ंदी अययन कताओं के िलए िव क े डेढ़ सौ से
अिधक द ेश म कई िविवालय म िहंदी भाषा का अययन - अयापन िकया जा रहा ह ै ।
साथ ही इस इकाई म सूचना ौोिगक क े दौर म इस िह ंदी भाषा को िवकिसत करन े के
िलए सी -डैक, आय आ य टी तथा अय स ंथान ारा सॉटव ेयर िनमा ण िकए गए ह । इन
संथान के योगदान से सूचना ौोिगक म िहंदी भाषा का योग आसानी से हो रहा है ।
सॉटव ेयर तथा कबोड तैयार िकए जान े लगे ह । इन सॉटव ेयर क े जरए िह ंदी भाषा
लेखन का योग करना आसान बन च ुका है । इस इकाई क े अंतगत िहंदी सॉटव ेयर का
परचय उनका योग और उनक े महव पर काश डाला गया ह ै ।
५.२ सूचना ौोिगक : िहंदी भाषा और द ेवनागरी िलपी का वैिक योग
िव म कई भाषाए ं बोली जाती ह ै । भाषा िवचार िविनमय का मायम ह ै । दुिनया के करोड़
लोग भाषा के मायम स े अपन े िवचार का आदान -दान करत े ह । भाषा क े मायम से ही
मनुय एक द ूसरे के साथ स ंपक थािपत कर सकता ह ै । भाषा क े मायम स े भाव का
संेषण होता ह ै । भाषा एक ऐसा साधन या मायम ह ै िजसस े कारण मन ुय स ंसार म
सवे माना जाता ह ै । िहंदी भारत क म ुख भाषा ह ै । भारत क लगभग असी ितशत
जनता िह ंदी म अपन े िवचार का आदान - दान करती ह ै । आज िह ंदी भाषा का यवहार
भारत तक सीिमत नह रहा बिक , देश- िवदेश म िहंदी भाषा का महव काफ बढ़ च ुका है ।
इसिलए आज िहदी भाषा ने िव क े फलक पर अपना नाम कायम क र िदया ह ै । देवनागरी
िलिप क वैािनकता का सवाल है तो वह सवमाय है देवनागरी म िलखी जानेवाली भाषाए ँ
उचारण पर आधारत ह । इसम संकृत के उपसग या यय के आधार पर शद बनाने
क अभूत पूव मता है । िहंदी और देवनागरी दोन ही िपछल े कुछ दशक म परमाज न व
मानक करण क िया से गुजरी ह िजसस े उनक संरचनामक जिटलता कम हई है ।
िहदी भाषा क द ेवनागरी िलपी सरल, सुबोध एवं वैािनकता क े कारण इस का पठन-
पाठन और लेखन सहज-संभाय है ।इसम िनरंतर परकार और परवत न क गुंजाइश है ।
िहदी भाषा म सािहय -सृजन क डेढ़ हजार वष क दीघ परंपरा रही ह ै । इसम अब तक
ान-िवान के तमाम अनुशासन म वाङमय सृिजत एवं कािशत ,अनुवािदत हो चुके है ।
वह वैािनक एवं तकनीक उपलिधय के साथ अपने-आपको पुरकृत करती ह ै ।
सािहय अनुवाद के मायम से िव क दूसरी महव पूण भाषाओं म पहँच बन गई है । इसम
मानवीय और यांिक अनुवाद क आधारभ ूत तथा िवकिसत सुिवधाए ह ै । वतमान
ौोिगकय उपलिधय म ई-मेल, ई-कॉमस , ई-बुक, इंटरनेट तथा एस.एम.एस. एवं वेब
जगत म भाव पूण ढंग से अपनी सियता दशा ती है । वह िव क अयाय बडी भाषाओ ं
से िवचार -िविनमय करते हए एक -दूसरे को ेरत एवं भािवत करने म भी सम है । िहदी
म उच कोिट क पारभािषक शदावली ह ै । इसक शद -संपदा िवपुल एवं िवराट है ।
िहदी भाषा के दुिनया म सार होने के चार चरण डॉ. ऋषभ देव शमा ने बताय है -" पहला
चरण अशोक तक का समय -जब यापार ,वािणय और धम (मुयतः बौ धम ) चार के
िलए दुिनया भर म भारत के लोग गए ;और उनके साथ िहंदी गई | दूसरा उपिनव ेश काल, munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

44 जब अंेज लोग भारत से धोखा देकर के उन लोगो को उन देश म ले गए िजहे आज
िगरिमिटया कहा जाता है - इस काल म िशा और रोजगार के िलए अय देश म भी
भारतीय गए ;इन सबके साथ िहंदी भाषा भी वहाँ गई | तीसरा चरण - आजादी के बाद
भारतीय िवदेश म गये और बसे ,वे अपने साथ िहदी भी लेकर गए | चौथा चरण - आिथक
उदारीकरण के दौर म भारतीय नागरक सारी दुिनया म गए और जा रहे है ;वभािवक है वे
भी िहदी को साथ लेकर गए और ले जा रहे है | मरणीय है िक इस तरह केवल िहदी ही
नह अय भारतीय भाषाए ं भी िवदेश पहँचती रही है | िफ़लहाल हमारी चचा िहदी तक
सीिमत है | इन चार चरण म भारत वंिशय का माइेशन हआ और दुिनया म िहदी को
जाने का मौका िमला | " अतः िव म िहदी भाषा का िवकास वासी भारतीय ,िहदी म
अययन - अयापन ,िहदी िदवस ,संथाएँ, िहदी सािहय समेलन,सािहय लेखन,
अनुवाद काय,अनुसंधान,शोध काय, वाय ,यापार ,जनस ंचार मायम ,खेल,मनोरंजन
आिद के ारा हो रहा है |
िशा े म िहंदी
िव क े िविभन द ेश म थािपत िविवालय म िहंदी का अययन -अयापन िकया जा
रहा ह ै । अम ेरका क े 40, जमनी 14, जापान 10, स 06, मैनमार, ीलंका, भूतान,
अफगािनतान , थाईल ड, इंडोनेिशया, अका , मॉरीशस , ांस, इटली , ऑिया , नाव,
डेनमाक, वीजरल ड,वीडन ,कनाडा , रोमािनया , बलगारया , हंगरी, लंदन, तथा गयाना
आिद द ेश के िविवालय म िडलो मा, ारंिभक ,इंटरमीिड एट, नातक , चार वषय
पाठ्यम, नातकोर , तथा डॉटर ेट आिद का अययन होता ह ै । साथ ही क ूल म
पढ़ाई क े साथ -साथ िहदी भाषा िशण भी िदया जाता ह ै । इन द ेश म जानन े और बोलन े
वाल क स ंया भी बड़ी तादाद म ह । हमार े देश के पड़ोसी देश म िहंदी यवहार क भाषा
बन गई ह ै, जैसे- पािकतान , बांलादेश, नेपाल, िफजी , सूरीनाम आिद द ेश म िहंदी के
महव को वीकार िकया गया ह ै । ििनदाद , सुरीनाम , िफजी आिद द ेश म िहंदी को
राजभाषा क े प म थान ा ह ै । बांलादेश, ीलंका, मलेिशया, कंबोिडया आिद द ेश म
पहले से ही िह ंदी के िलए ठोस ऐितहािसक आधार बना हआ ह ै । िविवालय म शोध तर
पर िहदी अययन -अयापन क स ुिवधा ह ै िजसका सवा िधक लाभ िवद ेशी अय ेताओ ं को
िमल रहा ह ै ।
िहंदी भाषा िदवस
हम तीन िह ंदी भाषा िदवस मनाते ह । एक 14 िसतंबर िह ंदी भाषा िदवस या भारतीय
राजभाषा िदवस मनात े ह । दूसरा मात ृभाषा िदवस क े प म हम 21 फरवरी को मनात े ह,
तथा 10 जनवरी को िव िह ंदी भाषा िदवस मनात े ह । िव भर क े िहंदी भाषा ेमी बड़ े
उसाह स े इन तीन िदन को धूमधाम से मनाते ह । इन िदन क े उपल म िविभन
कायम का आयोजन िकया जाता ह ै । िजसम िविभन ितयोिगताए ं, काय ल ेखन, िनबंध
लेखन, किव सम ेलन, संगोिय , आिद काय म का आयोजन कर िह ंदी भाषा को
गितमान करन े का यास िकया जा रहा ह ै ।
munotes.in

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िहंदी भाषा और द ेवनागरी िलिप का व ैिक योग िहदी सॉ टवेअर, परीचय , अनुयोग और महव
45 िवदेशो म िहंदी
िवदेश म िहंदी को लोक िय बनान े क ि स े हमारी द ेश क सरकार क तरफ स े काफ
यास िकए जा रह े ह । िहंदी क योजना को सफल बनान े क ि स े िफजी , मॉरशस ,
ििनदाद म िथत द ूतावास म िहंदी अिधकारी िनय ु िकए गए ह । और िह ंदी के चार-
सार म इनका योगदान िमल रहा है । इन िह ंदी अिधकारय क सहायता स े वहां िहंदी
पाठ्यम क े िनमाण, पाठ्य पुतक क े लेखन ,िहंदी समाचार प क े काशन , रेिडयो और
दूरदशन के सारण िकए जा रह े ह । उसक े साथ ही साथ भारत क िस स ंथाओ ं ारा
संचािलत परीाओ ं के आयोजन म यह अिधकारी थानीय स ंथाओ ं को यथास ंभव
सहायता दान कर रह े ह । अकेले मॉरीशस म पांच हजार यि ‘िहंदी सािहय सम ेलन’
क िविभन परीाओ ं म भाग ल ेते ह । परीाओ ं के संचालन म िवदेश मंालय और िवद ेश
म िथत ह मारे दूतावास स ंपक सू का स ंचालन करत े ह । आज वैीकरण के दौर म ,िहंदी
का महव और भी बढ़ गया है । िहंदी िवतर पर एक भावशाली भाषा बनकर उभरी है ।
आज िवदेश म लगभग सभी देशो के िवालय तथा िविवालय म िहंदी पढ़ाई जा रही
है । ान -िवान क पुतक बड़े पैमाने पर िहंदी म िलखी जा रही है । जनस ंचारमायम एवं
सोशलमीिडया म िहंदी का योग िनरंतर बढ़ रहा है । अंतरराीय तर पर राजनीितक ,
सामािजक , सांकृितक तथा आिथक िविनमय के े म िहंदी के अनुयोग का सवाल है तो
यह देखने म आया है िक हमारे देश के नेताओ ं म ीमती इंिदरागा ंधी, चश ेखर,
अटलिबहारी वाजप ेयी, पी.वी.नरिसंहराव तथा नर मोदी आिद ारा अंतराीय म ंच पर
िहंदी म िदए गए भाषण भी उलेखनीय ह । यह भी सव िविदत है िक यूनेको के बहत सारे
काय िहंदी म सपन होते ह ।
िव िहंदी सम ेलन का आयोजन
िव िह ंदी सम ेलन का आयोजन 1975 म नागप ुर भारत म हआ था । तब स े लेकर िव क े
िविभन द ेश म िव िह ंदी सम ेलन का आयोजन िकया जान े लगा ह ै । इस सम ेलन म
िव क े िविभन रा के िहंदी सेवी िवान सहभाग ल ेते ह, और इस सम ेलन म िहंदी
भाषा क े भिवय क चचा एं तथा उस पर िविभन कार क े आल ेख त ुत िकए जात े ह ।
अब तक िव िह ंदी सम ेलन नागप ुर भारत , मॉरीशस , ििनडाड , लंदन, सुरीनाम , यूयाक,
अका आिद िविभन द ेश म हो चुके है । यही कारण िहंदी भाषा िव के कोने-कोने म
पहंची है । िव िह ंदी सम ेलन म यह मा ंग क गई िक स ंयु रा स ंघ क भाषा क े प म
िहंदी को मायता िमल , यिक स ंयु रा स ंघ ने अब तक छह भाषाओ ं जैसे अंेजी
,पेिनश ,चीनी , अरबी, च, सी आिद भाषा को मायता दी थी । इस मा ंग के पात
इसम िहंदी को भी शािमल िकया गया ह ै । इसका साफ मतलब यह ह ै िक स ंयु रा क े
कामकाज , उसके उय क जानकारी य ूएन क व ेबसाइट पर अब िह ंदी म भी उपलध
होगी । भारत सरकार क ओर स े संयु रा म िहंदी भाषा क े उपयोग को बढ़ावा द ेन के
िलए आठ लाख अम ेरक डॉलर का सहयोग िदया गया था । िहंदी को मायता िमलन े पर
िहदी स ंयु रा स ंघ क सातव भाषा बन च ुक है ।

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िहदी म सूचना ौोिगक

46 मुख संथाए ं
िहंदी भाषा िवकास म देश- िवदेश क िविभन स ंथाए सहायक रह चुक है । उसम मुख
ह- सी-डैक पुणे , आईआईटी कानप ुर, राजभाषा िवभाग , नागरी चारणी सभा , 'कीय
िहंदी संथान , आगरा आिद । इन सभी स ंथाओ ं ारा िह ंदी िवकास क े िलए काय िकया जा
रहा ह ै । सी -डैक ारा िह ंदी भाषा िवकास क े िलए िविभन सॉटव ेयर है । िजस का
आसानी से हम योग कर सकत े ह । इस तरह क े सॉटव ेयर, क बोड , टेट ट ू पीच ,
अनुवाद आिद तकनीक का िवकास सी -डैक ने िकया ह ै । राजभाषा िवभाग सी -डैक, पुणे के
मायम स े कंयूटर पर िह ंदी योग को सरल और क ुशल बनान े के िलए िविभन
सॉटव ेयर ा रा िहंदी भाषा को तकनीक स े जोड़न े का यास िकया ह ै ।
िव म िहंदी का चार सार करन े वाली म ुख संथाएं ह थम दिण भारत िह ंदी चार
सभा जो चेनई म सन 1927 म थािपत हई । द ूसरी राभाषा चार सिमित वधा सन
1836 म थािपत हई । राभाषा चार सिमित वधा के यास क े परणाम वप वधा म
महामा गा ंधी अंतरराीय िह ंदी िविवालय क थापना हई तथा मॉरीशस म िव िह ंदी
सिचवालय 2008 म थापना हई । आय समाज , िहंदी चारणी सभा , िहंदी चार सभा ,
कीय िह ंदी संथान िदली , राभाषा चार सिमित वधा , सुरीनाम वासी स ंथा
(सुरीनाम ), िव िह ंदू परषद , कबीर प ंथ एसोिसएशन (ििनदाद ), भारती भवन ,( िसंगापुर)
राभाषा चार सिमित (बरमा),िहंदी चार सभा (कोलंबो) भारत जम न सोसाइटी (जमनी)
लंदन िह ंदी चा र परषद (लंदन ) िहंदी िशा स ंघ (दिण अका ) आिद । िह ंदी संथान
का म ुख काय 'अिहंदी भाषी े' के िलए योय , सम और भावकारी िह ंदी अयापक
को ेिनंग कॉल ेज और क ूली तर पर िशा द ेने के िलए िशित करना था , िकंतु बाद म
िहंदी के शैिक चार -सार और िवकास को यान म रखत े हए स ंथान न े अपन े िकोण
और काय े को िवतार िदया , िजसक े अंतगत िहंदी िशण -िशण , िहंदी भाषा -परक
शोध, भाषा िवान तथा त ुलनामक सािहय आिद िवषय स े संबंिधत म ूलभूत वैािनक
अनुसंधान काय म को स ंचािलत करना ार ंभ कर िदया और साथ ही िविवध तर क े
शैिक पाठ ्यम, शैिक सामी , अयापक िनद िशकाए ँ आिद त ैयार करन े का काय भी
ारंभ िकया गया । इस कार क े िवत ृत िकोण और काय म क े आयोजन स े िहंदी
संथान का काय े अयिधक िवत ृत और िवशाल हो गया । इन सभी काय म क े कारण
िहंदी संथान न े केवल भारत म ही नह वरन अ ंतराीय तर पर भी याित और मायता
ा क ह ै ।
सािहय अनुवाद एवं मनोर ंजन
ो.उपायाय जी के अनुसार 'यिद हम इन आँकडो पर िवास कर तो संयाकाल के
आधार पर िहदी िवभाषा है | हाँ, यह जर संभव है िक यह मातृभाषा न होकर दुसरी,
ितसरी अथवा चौथी भाषा भी हो सकती है | िहदी म सािहय -सृजन क परंपरा भी बारह
सौ साल पुरानी है | वह ८ वी शतादी से लेकर वतमान २१ वी शतादी तक गंगा क
अनाहत -अिवरल धारा क भाँित वाहमान है | उसका काय सािहय तो संकृत के बाद
िव के ेतम सािहय क मता रखता है | उसम िलिखत उपयास एवं समालोचना भी
िवातरीय है | उसक शद संपदा िवपुल है | उसके पास पाचीस लाख से यादा शद munotes.in

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िहंदी भाषा और द ेवनागरी िलिप का व ैिक योग िहदी सॉ टवेअर, परीचय , अनुयोग और महव
47 क स ेना है | िव क सबसे बडी क ृिष िवषयक शदावली ह ै । उसन े अयाय भाषाओ ं के
बहय ु शद को उदारताप ूवक हण िकया ह ै और जो शद अचिलत अथवा बदलत े
जीवन स ंदभ स े दूर हो गए ह उनका याग भी कर िदया ह ै । आज िह ंदी म िव का महवप ूण
सािहय अन ुसृजनामक लेखन के प म उपलध ह ै और उसक े सािहय का उमा ंश भी
िव क द ूसरी भाषाओ ं म अनुवाद क े मायम स े िकया जा रहा ह ै।"
आज िहदी सािहय क िविवध िवधाओ ं म िजतन े रचनाकार स ृजन कर रह े है उतने सारी
भाषाओ ं के बोलने वाले भी नह ह ै | केवल संयु राय अमेरका म ही दो सौ स े अिधक
िहदी सािहयकार सय ह ै, िजनक कई प ुतक छप च ुक है | िव म िहदी क े चार -
सार और लोकियता का िव ेषण परणाम , िहदी को एक उजा पूण भिवय क ओर ल े
जा रहा ह ै | िव तर पर िहदी क े िवतार म िहदी सािह य क उलेखनीय भूिमका ह ै,
और अभी भी िहदी सािहय अपनी इस भ ूिमका को बख ूबी िनभा रहा ह ै | समय क े संग
भूिमका क े तरीक े म बदलाव आत े जा रह े है | िहदी सािहय अब तकनीक स े भी ज ुड रहा
है तथा कय ूटर म िहदी अपनी उपिथ ित को दज करत े बढ रही ह ै | िहदी को यह दजा
उपलध करा ने म अनुवाद क भी बडी भ ूिमका ह ै | िहदी म 'बौ ीिपठक ', रामचरत
मानस ' और ेमचंद का मुख सािहय ऐस े उदाहरण ह ै िजनका द ुिनयाभर क अिधकतर
भाषाओ ं म अनुवाद हो च ुका है | यह िहदी क व ैिक ताकत ह ै | हाल ही म भारतीय िहदी
उपया स 'रेत समािध ' को िव का सबस े बडा प ुरकार ा हआ ह ै |
िविभन सा ंकृितक काय म नौट ंक, रामलीलाए ं दूरदशन धारावािहक , िहंदी िफम ,
भारतीय िसन े गीत का गायन , गायन ितयोिगताए ं, िहंदी िफम के िवयापी बाज़ार से तो
सभी परिचत ह । िहंदी िफम और गीत-संगीत क स आिद देश म लोकियता क तो
सभी बात करते ही ह ,लेिकन यह तय भी जानन े लायक है िक चीन म भी भारत क
िफम का बाज़ार बढ़ रहा है । जमनी म भी भारत क बॉलीव ुड क ,िफ़म बहत पसंद क
जाती ह । वहाँ ऐसे भी टीवी चैनल ह जो 24 घंटे बॉलीव ुड क िफ़म िदखात े ह - अपनी
भाषा म डब करके । ऐसे चैनल पूरी तरह से केवल िवापन क आय पर जीिवत रहने वाले
चैनल ह । आज मनोरंजन क दुिनया म िहंदी सबसे अिधक मुनाफ़े क भाषा है कुल
िवापन का लगभग 75 ितशत िहंदी मायम म है । िफम या मनोरंजन इंडी के प
म िहंदी का बहत बड़ा यावसाियक प जुड़ा हआ है, जो अनुवाद और डिबंग के ारा िस
होता है । अनुवाद और डिबंग के मायम से ही एक भाषा अपनी संकृित को एक थान से
दूसरे थान तक लेकर जाती है । अनुवाद क भाषा के प म िहंदी क यह वीकाय ता ,
उसक िवयापकता का बड़ा माण है । इसका एक मुख कारण है रोजगार के अवसर म
लगातार वृि । िहंदी क लोकियता म िहंदी िफम या बॉलीव ुड के महव को अनदेखा
नह िकया जा सकता । भूमंडलीकरण के युग म िहंदी क भूिमका संपक , सेषण और
सािनय क है तथा िजसे िहंदी बखूबी िनभा रही है ।
जनस ंचार मायम
िव म िहंदी भाषा क े िवकास क े िलए पर ंपरागत मीिडया तथा य ू मीिडया का भी बहत बड़ा
योगदान ह ै इंटरनेट तथा स ूचना ौोिगक क े िवकास क े कारण इल ेॉिनक मीिडया तथा munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

48 िंट मीिड या म गित दान हई और िहंदी भाषा क े िवकास म प पिकाए ं, रेिडयो, दूरदशन
तथा य ू मीिडया का बहत बड़ा योगदान ह ै ।
अमेरका क आवाज़ (वायस औफ़ अम ेरका) , सरवती प (कनाडा का िहदी समाचार )
िडयूश वेल(जमन रेिडयो ारा सारत िहदी का यम) तथा भारतीय म ुख ई प -
पिकाए ं -अमर उजाला , नवभारत टाइस , िहंदी िमलाप , नईदुिनया, वतं चेतना,
नवभारत , िहंदुतान टाइस ,टाइस ऑफ़ इ ंिडया, पोटल या य ूज साइट भासाी डॉट
कॉम आिद म ुख ह तथा िह ंदी म कािशत क जान े वाली ई -पिकाएं इस कार ह ै-
सािहय रच ना ,िविश यान ,अखंड योित ,अनंत अिवराम ,अनुभूित अिभयि , िहंदी
नेट, सराय,आिद । िह ंदी भाषा क े िव म आनलाइन ि ंट तथा इल ेॉिनक का योग
िकया जा रहा ह ै ।
िवदेश म अनेक िहंदी प पिकाए ं कािशत होती ह जैसे वासी भारतीय ारा का िशत
पहली िह ंदी साािहक पिका िह ंदुतानी (1909) म मॉरशस म कािशत हई । आय ,
ओरए ंटल गजट (1916), इंिडयन टाइस (1920), मॉरीशस िम (1924), आयवीर,
रणभेरी (मॉरीशस ), अमर योित , ानदा (गयाना ), वालाम ुखी(जापान ), अिभयि,
अनुभूित (यूएई), शांितदूत, ेम संदेश, काश (सुरीनाम ),सिच चीन (चीन),भूिम, आय
युवक जाग ृित (बमा),वािसनी , साािहक अमरदीप (िटेन) आिद । आजकल िह ंदी भाषा
क िवद ेश म अनेक पिकाए ं कािशत होती ह , जो िव को िह ंदी के साथ जो ड़ने म
महवप ूण भूिमका िनभा रही है । िहंदी ग िवधा म अिभ यि , गभनाल आिद जैसी वेब
पिकाए ँ ह तथा काय म अनुभुित आिद जैसी वेब पिकाए ँ िहंदी सािहय के बेहतर छिव को
िनरंतर िनखार रही ह तथा ऐसी कई पिका ओं को िवदेश से एक बड़ा पाठक वग िमला है ।
जालघर पर अनेक िहंदी पिकाए ँ और लॉग िहंदी के महव को दशाते हए भाव शाली ढंग
से चार-सार म यत ह ।
"इकोनािमक टाइस ' तथा "िबजन ेस ट डड' जैसे अखबार िह ंदी म कािशत होकर उसम
िनिहत स ंभावनाओ ं का उोष कर रह े ह । िपछले कई वष म यह भी द ेखने म आया िक
"टार य ूज' जैसे चैनल जो अ ंेजी म आरंभ हए थ े वे िवशु बाजारीय दबाव क े चलत े
पूणत: िहंदी चैनल म पांतरत हो गए । साथ ही , "ई.एस.पी.एन' तथा "टार पोट ्स' जैसे
खेल चैनल भी िह ंदी म कमी देने लगे ह । िहंदी को व ैिक स ंदभ देने म उपह -चैनल,
िवापन एज िसय, बहराीय िनगम तथा या ंिक स ुिवधाओ ं का िवश ेष योगदान ह ै । वह
जनसंचार-मायम क सबस े िय एव ं अनुकूल भाषा बनकर िनखरी ह ै ।
आज िव म सबस े यादा पढ े जानेवाले समाचार प म आधे से अिधक िहदी क े ह।
इसका आशय यही ह ै िक पढा -िलखा वग भी िहदी क े महव को समझ रहा ह ै । वत ुिथित
यह ह ै िक आज भारतीय उपमहाीप ही नह बिक दिण प ूव एिशया , मॉरीशस ,
चीन,जापान , कोरया , मय एिशया , खाडी द ेश, अका , यूरोप, कनाडा तथा अम ेरका
तक िह ंदी काय म उपह च ैनल क े जरए सारत हो रह े ह और भारी तादाद म उह
दशक भी िमल रह े ह । आज मॉरीशस म िहंदी सात च ैनल क े मायम स े धूम मचाए हए ह ै ।
िवगत क ुछ वष म एफ.एम. रेिडयो क े िवकास स े िहंदी काय म का नया ोता व ग पैदा हो
गया ह ै । िहंदी अब नई ौ ोिगक क े रथ पर आढ होकर िवयापी बन रही ह ै । उसे ई-munotes.in

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िहंदी भाषा और द ेवनागरी िलिप का व ैिक योग िहदी सॉ टवेअर, परीचय , अनुयोग और महव
49 मेल, ई-कॉमस , ई-बुक, इंटरनेट, एस.एम.एस. एवं वेब जगत म बडी सहजता स े पाया जा
सकता ह ै । इंटरनेट जैसे वैिक मायम क े कारण िह ंदी के अखबार एव ं पिकाए ँ दूसरे देश
म भी िविवध साइट ्स पर उपलध ह । माइोसाट , गूगल, सन, याह, आईबीएम तथा
ओरेकल ज ैसी िवतरीय क ंपिनया ँ अय ंत यापक बाजार और भारी म ुनाफे को द ेखते हए
िहंदी योग को बढावा द े रही ह । आज िव क े दजन देश म िहंदी क पिकाए ँ िनकल रही
ह जनवरी 2019 म िव िह ंदी िदवस के अवसर पर य ू०एन समाचार क िह ंदी वेबसाइट को
भी श ु क गया था । इसक े अलावा स ंयु रा समाचार ऑिडयो ब ुलेिटन (यू०एन०
रेिडयो) को भी िह ंदी भाषा म साािहक आधार पर जारी िकया ह ।
सूचना ौोिगक
सूचना ौोिगक अ थात कंयूटर, लैपटॉप, मोबाइल , टेबलेट तथा िह ंदी भाषा स ंबंिधत
सॉटव ेयर ने िहंदी भाषा क े िवकास म बहत बड़ा योगदान द ेकर िह ंदी भाषा को िवभर
पहंचाने म महवप ूण भूिमका िनभाई ह ै ।
िहदी भाषा का पहला कय ूटर सॉटव ेयर 1977 म ई. सी. आई. एल कंपनी, हैदराबा द ने
फोटान नाम स े बाजार म उतारा । इसक े दो-तीन वष बाद ही िदली क डी . सी. एम. नामक
कंपनी न े ‘िसाथ ’ नाम स े कय ूटर सॉटव ेयर बाजार म उतारा िजसम िभाषी टाइिप ंग
क स ुिवधा उपलध थी । लेिकन य े भी बहत उपयोगी िस नह हआ । इसी समय
सी.एम.सी नामक कंपनी न े (अंेजी, िहदी और अय भारतीय भाषाओ ं) टाइिप ंग हेतु,
‘िलिप’ नामक सॉटव ेयर िनकाला । इस तरह कई और क ंपिनय न े अपन े तर पर िहदी
भाषा क े सॉटव ेयर तैयार िकय े । साथ ही भारत सरकार क े कई मालय और साव जिनक
े के कई बक म भी अपन े तर पर अलग -अलग क ंपिनय से अपन े दैिनक काय को
िहदी म करन े के िलए कई सॉटव ेयर और फॉट त ैयार कराय े, िजनम अर , आकृित,
सुलेख, शदतान , सूसा, मंगल, ुित आिद म ुख ह । िहदी भाषा क तकनीक िवकास
याा म सबस े बड़ा योगदा न भारत सरकार क क ंपनी सी -डैक पुणे को जाता ह ै । इसन े
िजट नामक एक कय ूटर काड िवकिसत िकया । िजसको कय ूटर म लगान े से सभी
भारतीय भाषाओ ं के अर कय ूटर न पर आ जात े थे और इन सबक े उपयोग और
टाइिप ंग के िलए क -बोड क सहायता स े इह िलखा जा स कता था । इस िचप क िवश ेषता
यह भी थी िक , यह िक सी भी ब िकंग संथान अथवा िवीय स ंथान क े डाटा ोस ेिसंग का
काय भी िहदी म करन े म सम थी ।
इसके बाद तो द ेश-िवदेश क कई क ंपिनय न े िशण , िशण स े लेकर अन ुवाद आिद तक
के िलए कई ऐस े सॉटव ेयर तैयार िकय े िजसक मदद स े िहदी को न िसफ टाइप िकया जा
सकता था बिक सीखा भी जा सकता था । अब तो ग ूगल अन ुवाद आिद ज ैसे न जान े
िकतन े ऐसे सॉटव ेयर भी आ गय े ह जो िकसी भी भाषा का अन ुवाद द ूसरी अय भाषाओ ं म
करने म सम ह । गूगल हो या माइोसॉट , उह िहंदी म ांसलेशन, ांसिल ेशन,
फ़ोनेिटक, पीच ट ू टेट, टेट ट ू पीच ज ैसी सुिवधाए ँ देनी पड़ी ह और आग े भी इसम
शोधकाय चल रह े ह । िहंदी म इधर ूफ रीिड ंग के, याकरण और वत नी संशोधन क े जो नए
सॉटव ेयर आन े वाले ह, िजनपर काम चल रहा ह ै, वे आ जाए ंगे, तो िनय ही िह ंदी म
ऑनलाइन काम करना और भी सरल हो जाएगा । इसस े दुिनया भर क े लोग क े िलए उसस े munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

50 सुिवधा होगी । कुछ महवप ूण िहंदी वेबसाइट भी है, जो िह ंदी भाषा क े िवकास म सहायक हो
रही ह ै । 'वेब दुिनया . कॉम' इंदौर क 'नई दुिनया' समूह के िवनय छजलानी ारा पहल े
भारतीय भाषाई पोट ल के प म वित त वेब दुिनया क श ुआत सन 2000 म हई ह ै ।
िहंदी के िवकास म लॉिग ंग ने िनित प स े एक महवप ूण योगदान िदया ह ै, इसका माण
यह है िक िह ंदी के कई ऐस े लॉग ह जो ितिदन हजार जनमानस तक पह ंचते ह । िकसी
भाषा क े िवकास व उथान क े िलए इसस े बेहतर या हो सकता ह ै ।
इंटरनेट तथा य ूिनकोड
ान क े े म सबस े बड़ी उपलिध इ ंटरनेट क रही ह ै । इसक े ारा क ंयूटर और
टेलीफोन ौोिगक क े संयोजन स े सूचना और स ंचार क े े म काफ प रवतन आ च ुका
है । इंटरनेट के जरए एक व ेबसाइट ारा वेब रेिडयो, समाचार प पिकाए ं समाचार च ैनल
आिद क े ारा हम अपन े िवचार तथा गितिविधय को को द ुिनया क े एक कोन े से दूसरे कोने
तक िबना िकसी खच के कम समय म पहंचा रह े ह । आज यि का मोबाईल न ंबर िजतना
जरी हो गया ह ै उतना ही महवप ूण हो गया इ ंटरनेट का उसका आई .डी.। कंयूटर से जुड़े
रहने से इंटरनेट क द ुिनया म िहंदी के फैलते सााय क नवीनतम जानकारयॉ
िमलती रहती ह । िहंदी इंटरनेट पर छा गई ह ै । अंेजी और चीनी के साथ िह ंदी इंटरनेट के
दुिनया क म ुख भाषा हो गई ह ै । अर को क ेवल एक िनित तरीक े से संकारत करन े
क आवयकता पड़ती ह ै ।
यूिनकोड य ेक अर क े िलए एक िवश ेष संया दान करता ह ै, चाहे कोई भी कय ूटर
लेटफॉम , ोाम अथवा कोई भी भाषा हो । यूिनकोड ट डड को ए पल, एच.पी.,
आई.बी.एम., जट िसटम , माइोसॉट , ऑरेकल, सैप, सन, साईबेस, यूिनिसस ज ैसी
उोग क म ुख कपिनय और कई अय न े अपनाया ह ै । यूिनकोड क आवयकता
आधुिनक मानद ंड, जैसे एस .एम.एल, जावा, एकमा िट (जावािट ), एल.डी.ए.पी.,
कोबा ३.०, डय ू.एम.एल क े िलए होती ह ै और यह आई .एस.ओ/ आई.ई.सी. १०६४६
को लाग ू करन े का अिधकारक तरीका ह ै । यह कई स ंचालन णािलय , सभी आध ुिनक
ाउजर और कई अय उपाद म होता ह ै । यूिनकोड ट डड क उपित और इसक े
सहायक उपकरण क उपलधता , हाल ही क े अित महव पूण िवयापी सॉटव ेयर
ौोिगक झा न म से ह । यूिनकोड को ाहक -सवर अथवा बह -आयामी उपकरण और
वेबसाइट म शािमल करन े से, परंपरागत उपकरण क े योग क अप ेा खच म अयिधक
बचत होती ह ै । यूिनकोड स े एक ऐसा अक ेला सॉटव ेयर उपाद अथवा अकेला वेबसाइट
िमल जाता ह ै, िजसे री-इंजीिनयर ंग के िबना िविभन ल ेटफॉम , भाषाओ ं और द ेश म
उपयोग िकया जा सकता ह ै । इसस े आँकड़ को िबना िकसी बाधा क े िविभन णािलय स े
होकर ल े जाया जा सकता ह ै । भारत म अंेजी को ही इ ंटरनेट क भाषा माना जाता र हा,
िकंतु आज य ूिनकोड क े वजह स े िव भर म इंटरनेट पर िह ंदी को पढ़ा , िलखा , देखा जा
सकता ह ै ।
यापार , िवापन एव ं पयटन
नबे के दशक म भारत म उदारीकरण , वैीकरण तथा औोगीकरण क िया
ती हई परणामवप अन ेक िवदेशी बहराीय कंपिनया ं भारत म आई ं तो िह ंदी के िलए munotes.in

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िहंदी भाषा और द ेवनागरी िलिप का व ैिक योग िहदी सॉ टवेअर, परीचय , अनुयोग और महव
51 एक खतरा िदखाई िदया था, यिक व े अपने साथ अ ंेजी ल ेकर आई थ । बहराीय
कंपिनयॉ दिण एिशया क े बाज़ार म पैठ लगान े हेतु िहंदी क उपयोिगता म उरोर
बढ़ोतरी करत े जा रही ह । इन सबक े साथ क ुशल मानव म , िवशेष क ज़रत आिद
के िलए भी दिण एिशया िव को अपनी ओर खच रहा ह ै। इसका तापय यह कतई नह
है िक िव म अय भाषाए ँ अलसाई सी ह बिक िव म अपन े परचम को ल ेकर िहंदी के
साथ अणी कतार म दौड़ लगान ेवाली जम न, च, जापानी , पैिनश और चीनी ज ैसी
मुख भाषाए ँ भी कदम स े कदम िमलाकर एक -दूसरे से आगे िनकलन े क होड़ म दौड़ रही
ह । भूमंडलीकरण म भाषाओ ं क वच वता का अघोिषत व अय लड़ाई जारी ह ै ।
भूमंडलीकरण क े इस आरिभक दौर म िहंदी ने वंय को रा क िब ंदी मािणत करत े हए
िवशाल प द ेने म सफलताप ूवक यनशील ह ै ।
भूमंडलीकरण न े खुद को त ुत िकया ह ै, उसस े ही भािवत होकर भारतीय िवापन म ुखर
हो बोल पड़ा - 'कर लो द ुिनया, मुी म' । शीत प ेय क बहराीय क ंपिनयॉ कोका कोला और
पेसी क े िहंदी िवापन महासमर न े मात कर िदया ह ै । वत ुत: िहंदी अब क ेवल
जनसामाय क भा षा ही नह रह गई ह ै बिक बाज़ार क एक मज़ब ूरी भी बन गई ह ै ।
चैनल पर रमोटीय उड़ान भर कर द ेिखए तो हर ठहराव पर िवापन िह ंदी ही
बोलत े िमलेगा । िहंदी चाह े िवापन क भाषा क े प म हो या िकसी अय िवधा म
उसका भाव िकसी सीमा तक ही नह रहता बिक िविभ न चार -सार मायम
से भूमंडल म िवत ृत हो जाता ह ै । अत: िहंदी िवापन क भाषा बनकर िव क े कोने-कोने
तक पह ंच गई ह ै ।
िवदेशी वाय ुसेवा कंपिनयॉ , िवशेषकर य ूरोप क क ंपिनयॉ िह ंदी को अपनी आवयकता
बतला रही ह । आियन एयरलाइस , िवस एयरलाइस , एयर ास और अलीटॉिलया
ने कहा ह ै िक भारतीय यािय क लगातार हो रही वृि को िगत रखत े हए व े भारत क
अपनी य ेक उड़ान म कम स े कम ऐसे दो ू को रख गे जो िह ंदी बोलना जानत े ह ।
भूमंडल पर िह ंदी दौड़ना तथा वाय ुमंडल म उड़ना तथा राीय अिम ता और अितव
को पारदश तौर पर िव क े सम सफलताप ूवक रखना यह िह ंदी के िलए गौरव क
बात ह ै |
सारांश
िहदी के पथक और लेखक, पुतकय लेखन के प म, पिका लेखन के प म,
ऑनलाईन , फेसबुक जैसे मंचो और लॉग लेखन के प म बहत सारे देश म िहदी भाषा
को समृ कर रहे है | भले ही िहदी को िव भाषा का दजा न िदया न िदया गया हो िफर
भी उसक इस रतार को संचार क कोई भी ताकत रोक नह सकती | इस कार िव
भाषा के प म िहदी का चार एवं सार िदन-ब-िदन बढता ही जा रहा है | िहदी के
बोलन े -जानन े तथा चाहने वाले भारी तादाद म है, और वे िव के अनेक देश म फैले हए
है | िहदी बोलन े वाल क संया दूसरे थान पर है | िनित प से एक न एक िदन िहदी
िव भाषा बन जाएगी | िव वही भाषा हो सकती है जो दुिनया भर म अिधका ंश देश म पाई
जा रही है, यवत हो रही है और जीवंत है | इस ि से यापार जगत, िसनेमा जगत,
कय ूटर, इंटरनेट, िमिडया इन सबके मायम से िहदी, संयु रा संघ ारा अपना यी munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

52 गई भाषा अपने आपको वैिक भाषा के प म थािपत करती है | यही उसक
िवयापकता है |
५.३ सूचना ौोिगक : िहंदी सॉटव ेयर परचय अन ुयोग और महव
कंयूटर पर िह ंदी म कामकाज करन े के िलए कई सॉटव ेयर उपलध ह ै । इसिलए द ेवनागरी
िलिप म कंयूटर पर काय करना किठन नह ह ै । िहंदी भाषा और द ेवनागरी िलिप को
कंयूटर क भाषा म पांतरत करन े क िदशा म सॉटव ेयर के े म काफ िवकास होन े
के कारण िह ंदी म कंयूटर पर आसानी स े काय िकया जा सकता ह ै । इन सॉटव ेयर को
िनन कार द ेखा जा सकता ह ै ।
‘सुिलिप’ यह सॉटव ेयर है आरके कंयूटर रसच फाउ ंडेशन नई िदली ारा िव किसत
िकया गया ह ै । यह सॉटव ेयर िजट क े समान सामाय उ ेशीय सॉटव ेयर है । िजसक े
मायम स े एमएस डॉस पर आधारत सभी काय िहंदी अंेजी म साथ -साथ िकए जा सकत े
ह। िहंदी म टाइिप ंग या वर आधारत क ुंजीपटल का िवकप द ेता है । यह सॉटव ेयर िव ंडो
के िलए ह । यह स ुिलिप आधारत िह ंदी डॉस फाईल को अन ुकूल फॉम ट म बदल द ेता है ।
इसम िलय ंतरण, शद और पद ब ंध के शदकोश थानापन म तथा िह ंदी वत नी क
जांच क स ुिवधा उपलध ह ै । यह डीटीपी क े िलए िकसी भी िवंडो ोाम म काय कर
सकता ह ै । सुिलपी सॉटव ेयर पर आधारत एक 'इंटरफ़ेस' िवकिसत िकया ह ै । िजसक
सहायता स े िकसी भी क ंयूटर पर िह ंदी म संदेश का आदान -दान िकया जा सकता ह ै ।
‘ी िलिप ’ बहभाषी सॉटव ेयर है, जो िव ंडोस पर आधारत ह ै । यह क ेवल सी.डी. पर
उपलध ह । इसम िलपी संसाधन , शद स ंसाधन और िनजी डायरी ह ै । इसम िदन, तारीख
और समय को भारतीय भाषाओ ं म डाला जा सकता ह ै, और यिगत स ूचनाएं आिद रखी
जा सकती ह । इसम ऑटो स ेव सुिवधा उपलध ह ै ।
‘बक िम ’ जी भािषक ब िकंग सॉटव ेयर है जो िव ंडोस पर आधारत ह ै । यह अ ंेजी के
साथ-साथ भा रत क अय भाषाओ ं म भी काम करता ह ै । इस सॉटव ेयर के ारा ाहक
सेवा संबंधी काय इसके जरए िकए जा सकत े ह ।
‘िजट श ैल’ यह एक ऐसा सॉटव ेयर है जो एमएस डॉस क े अनुयोग पर आधारत ह ै । यह
सॉटव ेयर पा ठ्य सामी क िवि , भंडारण, दशन करता ह ै, और इसम भारतीय
भाषाओ ं के साथ-साथ अ ंेजी का म ुण भी होता ह ै । इस क े सहयोग स े हम अपनी पस ंद क
िकसी भाषा म योग कर सकत े ह । ‘िजट काड ’ एक ऐसा काड है जो क ंयूटर के साथ
संलन िकया जाता ह ै इसके सहयोग स े भारतीय और अय िलिपय म काम िकया जा
सकता ह ै । ‘िजट टिम नल’ के ारा िकसी भी भारतीय िलिप और अ ंेजी के सभी पाठ ्य
आधारत एलीक ेशन प ैकेज ज ैसे कोबोल , वड परफेट, फॉसब ेस आिद म काम िकया
जा सकता ह ै ।
‘लीप ऑिफस 2000 सॉटव ेयर’ यह एक ऐ सा सॉटव ेयर है िजस े भारतीय भाषाओ ं के
िलए त ैयार िक या गया ह ै । इसम िहंदी के साथ- साथ सभी भारतीय िलिपय म काम िकया
जा सकता ह ै । इस सॉटव ेयर क िवश ेषता यह ह ै िक, यह पाठ को भारतीय िलिपय म munotes.in

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िहंदी भाषा और द ेवनागरी िलिप का व ैिक योग िहदी सॉ टवेअर, परीचय , अनुयोग और महव
53 बदलता और म ुित करता ह ै । अन ुवाद ह ेतु राजभाषा शदकोश , उपलध करना, िवंडो
आधारत एमएस ऑिफस , पेजमेकर, एसेल आिद म भारतीय भाषाओ ं म काम करन े तथा
वतनी जा ंच करन े क स ुिवधा इसम है । सभी भाषाओ ं के िलए समान क ुंजीपटल ह ै । इसम
डायन ेिमक फॉट उपलध ह ै । उचारण क े अनुसार ट ंकण करन े म वयामक क ुंजीपटल
क उपलध ता है ।
‘िहंदवाणी सॉटव ेयर’ यह सॉटव ेयर पीसी डॉस आधारत ह ै । यह िह ंदी टेट फाइल को
पीच म बदल द ेता है । यह न ेहीन लोग क े िलए तो उपयोगी ह ै ही साथ ही र ेलवे, हवाई,
जहाज तथा पय टन स ंबंधी सूचनाओ ं के िलए भी उपयोगी ह ै ।
‘लेखक सॉटव ेयर’यह एक ऐसा सॉटव ेयर है िजसक सहायता स े िहंदी म सारा कामका ज
िकया जा सकता ह ै । इसम संवाद, संदेश और सार े आदेश िहंदी म ह । यह िविभन भाषाओ ं
म भेजे गए स ंदेश को िह ंदी म अनूिदत कर द ेता है ।
‘देिशका सॉटव ेयर’ यह वेद, वेदांग, पुराण, धम शा , याय, याकरण और अमरकोश को
उपलध कराता ह ै । िजस े 10 भारती य िलिपय म पढ़ा जा सकता ह ै । इसका िनमा ण
सीडैक ने िकया ह ै ।
‘मं राजभाषा ’ राजभाषा िवभाग ग ृह मंालय भारत सरकार क ओर स े सी-डैक पुणे मशीनी
अनुवाद म ं राजभाषा सॉटव ेयर का िनमा ण िवकिसत िकया ह ै । मं टेनोलॉजी पर
आधारत यह िसटम सी -डैक पुणे के अलाइड आिट िफिशयल इ ंटेिलजस ुप ारा
िवकिसत क गई ह ै । िजसक े ारा दताव ेज का अ ंेजी से िहंदी म अनुवाद िकया जाता ह ै ।
‘लीला’ िहंदी िसखान े के िलए सी -डैक पुणे ारा एक ऐसा बहआयामी सॉटव ेयर पैकेज
िवकिसत िकया ह ै, िजसक े जरए हमन े केवल िह ंदी क स ंरचना बारीिकय स े समझ सकत े
ह, बिक उसका ामािणक उचारण और िच क सहायता स े िहंदी को पढ़ना , बोलना
और िलखना सीख सकत े ह । इस सॉटव ेयर को 'लीला' कहते ह । 'लीला िह ंदी बोध '
नामक सॉटव ेयर क सहायता स े काया लयीन कामकाज करन े वाल े कमचारी औ र
अिधकारी क ंयूटर क सहायता स े बोध तर तक क िह ंदी सीख सकत े ह । यह डॉस क े
साथ िव ंडोज पर भी उपलध ह ै ।
इंटरनेट तथा ौोिगक क े े म हो रह े िवकास क े कारण तथा भाषा िवकास क े िलए
काय करन े वाली िविभन स ंथाओ ं के कारण भाषा स े संबंिधत सॉ टवेयर का िवकास अब
तेजी से हो रहा ह ै । िहंदी म अययन ल ेखन और अन ुसंधान करन े वाल क स ंया बढ़ रही
है इसीिलए अब िह ंदी िव क थम भाषा बनन े म कुछ दूरी बाक ह ै ।
िहंदी के सार म सहायक म ुत सॉट वेअर
िवान न े आज सभी जगह गित दज क ह ै । कंयूटर के आगमन स े काया लयीन कामकाज
म बड़ी सहायता ा हई ह । भारत म कंयूटर के आगमन क े साथ िह ंदी भाषा भी त ेजी से
बढ़ने लगी । सी. डैक पुणे ने कुछ बेहतरीन सा ँटवेअर िवकिसत िकए िजसस े कंयूटर पर
भारतीय भाषाओ ं का योग होन े लगा । लेिकन िह ंदी के साँटवेअर काफ़ म ँहगे थे । हर
कायालय क अपनी िविय सीमा होती ह ै । शुआती क े दौर म कंयूटर क कमत म
सॉटव ेअर खरीदन े पडत े थे । भारतीय भाषाओ ं का कारोबार धीर े-धीरे बढ़न े लगा ।
भारतीय भाषाओ ं के सॉट वेअर अब सत े म ा हो रह े है । िवतर पर भाषाओ ं के munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

54 िवकास म कंयूटर ने अहम भ ूिमका िनभाई ह ै । अंेजी भाषा क े फॉट य ूिनकोड म परवित त
हए है । अनेक सॉटव ेअर म ुत म िवतरत हो रह े है । कंयूटर क द ुिनया म शेअर-वेअर,
ि-वेअर सॉटव ेयर का बोलबोला ह ै । इस बदलत े परव ेश म हम िकतन े िदन तक िवद ेश
का मुँह ताकत े रहगे ? भारत सरकार न े भारतीय भाषाओ ं के िलए ौोिगक का िवकास
िकया ह ै । सूचना ौोिगक एव ं संचार म ंालय न े www.ildc.gov.in वेब साईट जारी क
है । इस साईट पर भारतीय भा षाओं के िवकास काय म क जानकरी दी गई ह ै । काय म
के अंतगत अन ेक भारतीय भाषाओ ं के सॉटव ेअर इंटरनेट के मायम स े मुत डाऊनलोड
िकए जा सकत े है, जो िनन कार ह ै ।
 ‘देिसका’ (भाषा आकलन क सहज णाली ) यह 693 के.बी. साईज का िव ंडो 95
लैटफॉम पर च लनेवाला सॉटव ेअर सी . डैक बगलुर ने िवकिसत िकया ह ै । गीता
रीडर धम ंथ गीता पढन े के िलए यह सॉटव ेअर सी . डैक बगलुर ने बनाया ह ै । यह
िवंडो-95 लैटफॉम पर चलता ह ै । इसका आकारमान 3.29 एमबी ह ै । ए एल पी
पसनल (भाषा स ंसाधन णाली ) - सी. डैक पुणे ारा िवकिसत सॉटव ेअर 3.5 एमबी
आकारमान का ह ै जो डॉस 3.0 अथवा उसस े उनत डॉस ल ैटफाम पर चलाया जा
सकता ह ै । कॉरपोरा (भारतीय भाषाओ ं का शद स ंसार) - सी. डक पुणे ारा िवकिसत
इस सॉटव ेअर का आकारमान 176 एमबी ह ै । इसम िहंदी के सभी अपरक ृत शद
को पी .सी.आई.एस.सी.आई.आई. म संिहत िकया गया ह ै ।
 ‘शदबो ध’ (वाय िवल ेषण) - संकृत शद का अथ गत व वायगत िवल ेषण क ंयूटर
क सहायता स े पारपरक अन ुयोग ारा िकया जा सकता ह ै ।
 ‘ी िलपी भारती ’ - यह एक द ेवनागरी क बोड ायवर और टाईप फॉट ्स है ।
इसका योग प ेजमेकर, कोरला , हचुरा, अडोब इ यूेटर, एम.एस. ऑिफस
97/98/2000 एस.पी. आिद ल ॅटफॉम पर िकया जा सकता ह ै । यह फॉट ्स मुत
डाऊनलोड करक े कह भी योग म लाए जा सकत े है । इसका आकार 1.28 एम.बी. है
तथा एम .सी.आई.टी. भारत सरकार न े दान िकया ह ै । माड्यूलर कंपनी ारा िनिम त
यह सॉट वेअर एक उपयोगी क बोड ायवर ह ै ।
 ‘बहभािषक ई म ेल लाए ंट’ - सी. डैक पूणे िनिम त यह सॉटव ेअर 2.12 एम.बी.
आकारमान का िव ंडो 95/98 णाली पर काय करता ह ै । इसम आप दस भारतीय
भाषाओ ं म ई मेल भेज सकत े है ।
 ‘आई िलप ’ - सी डैक पुणे ारा िनिम त यह सॉ टवेअर 4.00 एम बी आकारमान का
िवंडो 95/98 एन टी पर चलाया जा सकता ह ै । इसस े वतनी सुधार, ई मेल भेजना, पद
पर क बोड सुिवधा, डेटा आयात करना , बहभािषक एच टी एम एल , बनाना , शद
संशोधक आदी काय िकया जा सक ता है । इस प ुरकृत सॉटव ेअर ारा भारतीय
भाषाओ ं म फाईल म ेनू से एच ए टी एम एल प म भेजा जा सकता ह ै ।
 ‘अर’ - अँेजी िहदी म काम करन े म सहायक सॉटव ेअर सॉटट ेक िल.नई िदली न े
बनाया ह ै । िवंडो 95 लॅटफॉम पर चलन ेवाला यह सॉटव ेअर 3.5 एम बी आकारमान munotes.in

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िहंदी भाषा और द ेवनागरी िलिप का व ैिक योग िहदी सॉ टवेअर, परीचय , अनुयोग और महव
55 का है । यह सॉटवड तथा वड टार क तरह काय करता ह ै । इसम वतनी संशोधक ,
शदकोष , मेलमज .टाइपराइटर , क बोड आदी स ुिवधा उपलध ह ै ।
 ‘सुरभी ोफ ेशनल’ - अपल सॉट ब गलुर ारा िनिम त यह क बोड इंटरफेस
सॉटव ेअर िव ंडो आधारत सभी ल ॅटफॉम जैसे एम एस वड , एम एस एस ेल,
पेजमेकर आदी म काय करता ह ै । इसम अटो फा ँट िसल ेन, फाइंड अँड रपल ेस,
अटोकर ेट तथा इ ंटेिलजट क बोड मॅनेजर स ुिवधा उपलध ह ै ।
 ‘एच वड ’ - िवंडो आधारत ल ैटफॉम पर काय करन े वाला यह िह ंदी का शदस ंसाधक
सी ड ैक नोएडा न े िनमा ण िकया ह ै । िहंदी भाषा पर क ित इ स सॉटव ेअर म
इपट , टाइपरायटर तथा रोमन क बोड क ख ुबीयाँ मौजुद है । रोमन क बोड
भारतीय िलिप को रोमन िलयत ंरण तािलका पर मौज ुद सहज स ुलभ बनाया ह ै । फाईल
बनाते समय प म ितिथ व समय डालना , पद पर िदखायी द ेनेवाला क बोड , फाँट
परवत न (डी वी टी टी फा ँट से लेिखका फा ँट म परवत न) आिद स ुिवधाओ ं का लाभ
ले सकत े है ।
 ‘इंिडस ’ – भारतीय भाषाओ ं के िलए लाईन ेस णाली पर आधारत यह सॉटव ेअर
एन सी एस टी न े दान िकया ह ै । बहभािषक आधार , वेब ाऊज र, मेयू लेबल, मेसेज
आिद जी य ू आई (ािफकल य ूजर इ ंटरफेस) थािनक भाषा म दिश त होत े है ।
यूिनकोड णाली , ओपन टाईप फा ँट िवंडाज णाली म सहायक , लाय ंट लाईोरी स े
भारतीय भाषाओ ं म िवकास , इनट क बोड , इक स े यूिनकोड परवत न, उच
गुणता क छपवाई आिद स ुिवधाए ँ ह ।
उपयु मुत सॉट वेअर को स ंकिलत करक े कुछ अय फा ँट क बोड ाईवर , िहंदी
ओ.सी.आर., फाँटपरवत न, शदस ंसाधक आिद स ुिवधाओ ं को भारत सरकार न े वत ं
वेबसाईट पर www.tdil.mit.gov.in पर भी रखा ह ै । िहंदी सॉटव ेअर उपकरण क .सी.डी.
सूचना ौोिगक म ंालय , भारत सरकार न े िन:शुक सॉटव ेअर व ैबसाईट www.ildc.in
पर उपलध कर िदए ह ै ।
सभी भारतीय भाषाओ ं को म बद रित स े िवकिसत िकया जा रहा ह ै । अब तक तिमल व
िहंदी भाषा क वय ंपूण सीडी का म ुत िवतरण िकया गया ह ै । इस म ुत सीडी क े सहार े
अब कोई भी यि , संथा, कायालय म अपन े कंयूटर पर िह ंदी भाषा का योग आसानी
से कर सकता ह ै । इस म ुत सॉटव ेयर म उपय ु शदस ंसाधक (वड ोसेसर) िविभन
कार क े पाँच सौ फा ँट, शदकोष , वतनी संशोधक , अर स े वनी (टेट टू पीच)
काशकय अर पहचान त ं (ओ.सी.आर) मशीनी अन ुवाद आिद स ुिवधाए ँ उपलध ह ै ।
इस म ुत सॉटव ेअर म कुछ किमया ँ भी पायी गई ह ै । लेिकन क ंयूटर पर िह ंदी भाषा का
सार करन े क िदशा म भारत सरकार का यह महवप ूण कदम ह ै । इस सॉटव ेअर को
उनत करन े क काफ ग ुंजाईश ह ै । सॉटव ेअर क े पंिडत न े अपन े सूझाव स ूचना
ौोिगक म ंालय , भारत सरकार को भ ेजने चािहए। हम आशा कर सकत े है िक स ूचना
ौोिगक क े े म भारतीय भाषाओ ं का अितव िनर ंतर बढता रह ेगा । कंयूटर के िबना
भाषा पीछ े रहना खतर े क िनशा नी है ।
munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

56 ५.४ सारांश
तुत इकाई म सूचना ौो िगक िह ंदी भाषा और द ेवनागरी िलपी का वैिक योग को
लेकर िह ंदी भाषा क े िव चार और सार को ल ेकर िकया गया ह ै । साथ ही स ूचना
ौोिगक िह ंदी सॉटव ेयर परचय , अनुयोग और उसक े महव को र ेखांिकत िकया
गया ह ै।
५.५ दीघरी
१) सूचना ौो िगक म िहंदी भाषा एव ं देवनागरी िलपी का वैिक सार और योग पर
काश डािलए ।
२) िहंदी सॉटव ेयर का परचय द ेकर उसक े महव को र ेखांिकत किजए ।
५.६ लघुरीय
१) मनुय िकस कारण स ंसार म सवे माना जाता ह ै ?
उर - भाषा क े कारण
२) अमरीका क े िकतन े िविवालय म िहदी भाषा क े अययन अयापन का काय हो
रहा ह ै ?
उर - ४०
३) िकन देश म िहदी भाषा को राजभाषा का दजा ा ह ै ?
उर - ििननाद , सुरीनाम , िफजी
४) िहदी क े चार-सार ह ेतु थम दिण भारत िहदी चार सभा क हाँ और कब थािपत
हई ?
उर - चेनई म सन १९२७ म थािपत हई |
५) कबीर प ंथ एसोिसएशन िकस द ेश म है ?
उर - ििननाद
५.७ संदभ पुतक
1. कंयूटर और िह ंदी- हरमोहन , तिशला काशन , िदली ।
2. िविकपीिडया
3. योजनम ूलक िह ंदी- ो माधव सोनटक े
4. िहदी भाषा म ुख काय – डा अंबादस द ेशमुख
5. योजनम ूलक िहदी – डॉ पी. लता

 munotes.in

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57 ६
सूचना ौोिगक क े े म िहदी भाषा और द ेवनागरी
िलपी िविभन स ंथान क भूिमका/ योगदान
इकाई क पर ेखा :
६.० इकाई का उेय
६.१ तावना
६.२ सूचना ौोिगक के े म िहदी भाषा और द ेवनागरी िलपी िविभन स ंथाओ ं क
भूिमका/ योगदान
६.२.१ राजभाषा िवभाग
६.२.२ केीय िहदी स ंथान , आगरा
६.२.३ सी-डैक पुणे
६.२.४ भारतीय ौोिगक स ंथान
६.३ सारांश
६.४ िदघत री
६.६. लघुरीय
६.६ संदभ पुतक
६.० इकाई का उेय
इस इकाई क े अययन स े िवा थ िहदी भाषा द ेवनागरी िलपी क े िवकास म िविभन
संथाओ ं ारा िहदी भाषा को गत बनान े के िलए जो योगदान िदया ह ै इस स ंदभ म उन
संथान और उनक े ारा िकय े गये काय का िवत ृत अययन कर गे |
६..१ तावना
इस इकाई क े अंतगत िहंदी भाषा क े िवकास क े िलए िजन स ंथान न े महवप ूण भूिमका
िनभायी ह उनके योगदान और उनक भ ूिमका पर भी काश डाला गया ह ै । िहंदी भाषा और
देवनागरी िलपी के उथान म िविभन स ंथान न े अपना योगदान िदया िजसम मुख है-
राजभाषा िवभाग , कीय िह ंदी स ंथान आगरा , सी-डैक पुणे,तथा भारतीय ौोिगक
संथान आिद । राजभाषा आयोग , भारत सरकार क े अधीनथ इन स ंथान न े िहंदी भाषा munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

58 के िवकास क े िलए महवप ूण भूिमका िनभाई ह ै । संिवधान क े ारा राभाषा एव ं राजभाषा
के प म िहंदी के िवकास क े िलए भारत सरकार ारा इन िविभ न संथाओ ं क थापना
क गई ह ै । इन स ंथाओ ं के मायम स े भारत सरकार अधीनथ कम चारय को िशण
देना, िहंदी के ित ान बढ़ाना , िविभन परीाओ ं का आयोजन करना , िहंदी भाषा का
चार सार करना , िविभन सॉटव ेयर का िनमा ण करना , िहंदी भाषा का पाठ्यम
चलाना , िहंदी िदवस तथा िह ंदी िव िदवस मनाना , आिद । िहदी ितयोिगताओ ं म
सफलता िमलन े पर कम चारय क व ेतन व ृि करत े हए उह पुरकार स े समािनत भी
िकया जाता ह ै ।
६.२ सूचना ौोिगक क े े म िहंदी भाषा और द ेवनागरी िलपी िविभन
संथान क भ ूिमका/ योगदान
६.२.१ राजभाषा िवभाग
राजभाषा स ंबंधी संवैधािनक और कान ूनी उपब ंध का अन ुपालन स ुिनित करन े और स ंघ
के सरकारी काम -काज म िहंदी के योग को बढ़ावा द ेने के िलए ग ृह मंालय क े एक वत ं
िवभाग क े प म जून, 1975 म राजभाषा िवभाग क थापना क गई थी । उसी समय स े
यह िवभाग स ंघ के सरकारी काम -काज म िहंदी का गामी योग बढ़ान े के िलए यासरत
है । भारत सरकार (काय आबंटन) िनयम, 1961 के अनुसार, राजभाषा िवभाग को िनन
काय सपे गए ह कायशाला का आयोजन राजभा षा िवभाग करता ह ै । िहंदी म काय साधक
ान रखत े हए भी अयास क कमी क े कारण िजह िहंदी म सरकारी कामकाज करन े क
िहचिकचाहट होती ह ै, उनके िलए इस कार क काय शाला चलाई जाती ह ै । वष म कम स े
कम चार काय शाला का आयोजन िकया जाता ह ै । इस काय शाला म िनयुि प तथा
पदोनित प भरना , पाचार रिजटर म इंतराज , उपिथित रिजटर तथा िविभन प
भरना, सरकारी पाचार आिद क जानकारी दी जाती ह ै । संिवधान म राजभाषा स े संबंिधत
उपबंध तथा राजभाषा अिधिनयम , 1963 के उपब ंध का काया वयन , उन उपब ंध को
छोड़कर िजनका काया वयन िकसी अय िवभाग को सपा गया ह ै । िकसी राय क े उच
यायालय क काय वाही म अंेजी भाषा स े िभन िकसी अय भाषा का सीिमत योग
ािधक ृत करन े के िलए रापित का प ूव अनुमोदन । िह ंदी िदवस अब िह ंदी मास के प म
मनाया जाता ह ै । 14 िसतंबर 1949 को िह ंदी को भारतीय स ंिवधान म राजभाषा का पद
िमला था । इसिलए इस िदन का मरण करत े हए क ीय सरकार क े काया लय म िहंदी मास
मनाया जाता ह ै । क सरकार क े कमचारय क े िलए िह ंदी िशण योजना और प -
पिका ओं और उसस े संबंिधत अय सािहय के काशन सिहत स ंघ क राजभाषा क े प
म िहंदी के गामी योग स े संबंिधत सभी मामल क े िलए क ीय उरदाियव संघ क
राजभाषा क े प म िहंदी के गामी योग स े संबंिधत सभी मामल म समवय , िजनम
शासिनक शदा वली, पाठय़ िववरण , पाठय़ प ुतक, िशण पाठय़म और उनक े िलए
अपेित उपकर (मानकक ृत िलपी सिहत ) शािमल ह ।
कीय सिचवालय राजभाषा स ेवा का गठन और स ंवग बंधन, कीय िह ंदी सिमित स े
संबंिधत मामल े, िविभन म ंालय /िवभाग ारा थािपत िह ंदी सलाहकार सिमितय से
संबंिधत काय का समवय ,कीय अन ुवाद य ूरो से संबंिधत मामल े, िहंदी िशण योजना munotes.in

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सूचना ौोिगक क े े म िहदी भाषा
और द ेवनागरी िलपी िविभन स ंथान क भूिमका/ योगदान
59 सिहत क ीय िह ंदी िशण स ंथान स े संबंिधत मामल े, ेीय काया वयन काया लय स े
संबंिधत मामल े, संसदीय राजभाषा सिमित स े संबंिधत मामल े आिद म राजभाषा िवभाग
काय करता ह ै । सूचना प, नाम प , प शीष , तथा िलफाफ पर िभाषा म लेखन,
सरकारी उपम क े उपाद का िह ंदी म िववरण , रबड़ क मोहर , कंपनी का 'मोनोाम '
आिद म भाषा म िववरण िह ंदी प का िह ंदी म ही जवाब द ेना आिद बात स े प होता ह ै
िक सरकारी काया लय और उपम म िहंदी का अिधकािधक योग िकया जाता ह ै ।
िहंदी के भावी काया वयन 12 ' ' का अमल िकया जाता ह ै । िजसम -ेरणा, ोसाहन ,
ेम, ाइस , िशण , योग, चार ,सार ,बंधन ,मोशन , ितबता और या स आिद
के ारा िह दी िवकास क े िलए काय िकए जात े है । साथ ही क ीय िह ंदी िशण स ंथा
ारा ऑनलाइन काय शाला, कीय अन ुवाद य ूरो ारा कई प ृ का अन ुवाद, कीय अन ुवाद
यूरो ारा अन ुवाद िशण , राजभाषा िवभाग क े ेीय काया वयन कायालय ारा स ैकड़
वेबीनार का आयोजन िकया जाता ह ै । कीय सरकार क े िविभन म ंालय क े संब तथा
अधीनथ काया लय म ितवष िहंदी म जो काम काज हो रहा ह ै । उसका िनरीण राजभाषा
िवभाग ारा िकया जाता ह ै । िहंदी म मौिलक तक नीक ल ेखन क े िलए ितवष तीन
पुरकार िदए जात े ह । संसदीय राजभाषा सिमित क तीन उप -सिमितय ारा िदली ,
पुणे, लेह-लाख , ीनगर तथा जम ू आिद लगभग 91 कायालय का िनरीण
िकया गया ।
कमचारय क िह ंदी के ित िच बढ़ान े के िलए उ नके िलए क ुछ ोसा हन योजनाए ं िवभाग
ारा क गई । िजसम िहंदी क बोध , वीण ,ा परीाए ं पास होन े पर नकद प ुरकार ,
िहंदी टंकण, आशुिलिप, क परीाए ं पास होन े पर 12 महीन क े िलए एक व ेतन व ृि और
एक म ुत नकद प ुरकार , सरकारी कामकाज म मूल िटप णी लेखन क े िलए प ुरकार , िहंदी
सेवा के िलए राजभाषा शीड , ॉफ तथा पदक आिद । क सरकार क काया लय म
पुतकालय म िहंदी पुतक क खरीद राजभाषा भारती पिका क े अंक डाक िवभाग को
िवतरण करन े के िलए दी गई ।
राजभाषा िवभाग का िह ंदी के िवकास म बहत बड़ा योगदान रहा है । इस िवभाग क े अंतगत
जो कम चारी ह ै उह िहंदी िदवस क े उपल म िहंदी के ित िविभन काय शाला तथा
ितयोिगताओ ं के जरए ान द ेने का काय िकया जाता ह ै । उह िशित िकया जाता ह ै,
और उनम िहंदी के ित िच बढ़ाई जाती है । िहंदी के िवका स म राजभाषा िव भाग का
महवप ूण योगदान रहा ह ै ।
६.२.२ कीय िह ंदी संथान , आगरा
भारत सरकार क े 'मानव स ंसाधन िवकास म ंालय ' के नागरक अनुसंधान क े ारा िह ंदी
िशण -िशण , िहंदी भाषािव ेषण, भाषा का त ुलनामक अययन तथा िश ण सामी
आिद क े िनमाण को स ंगिठत और परपव प द ेने के िलए सन 1961 म भारत सरकार क े
तकालीन 'िशा एव ं समाज कयाण म ंालय ' ने 'कीय िह ंदी संथान ' क थापना उर
देश के आगरा नगर म क थी । िहंदी संथान का म ुख काय िहंदी भाषा स े संबंिधत
शैिणक काय म आयोिजत करना , शोध काय कराना और साथ ही िह ंदी के चार व
सार म अणी भ ूिमका िनभाना ह ै । ारंभ म िहंदी संथान का म ुख काय 'अिहंदी भाषी munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

60 े' के िलए योय , सम और भावकारी िह ंदी अयापक को ेिनंग कॉल ेज और क ूली
तर पर िशा देने के िलए िशित करना था , िकंतु बाद म िहंदी के शैिक चार -सार
और िवकास को यान म रखत े हए स ंथान न े अपन े िकोण और काय े को िवतार
िदया । िजसक े अंतगत िहंदी िशण -िशण , िहंदी भाषा -परक शोध , भाषा िव ान तथा
तुलनाम क सािहय आिद िवषय से संबंिधत म ूलभूत वैािनक अन ुसंधान काय म को
संचािलत करना ार ंभ कर िदया । साथ ही िविवध तर क े शैिक पाठ ्यम, शैिक
सामी , अयापक िनद िशकाए ँ आिद त ैयार करन े का काय भी ार ंभ िकया गया । इस का र
के िवत ृत ि कोण और काय म के आयोजन स े िहंदी संथान का काय े अयिधक
िवतृत और िवशाल हो गया । इन सभी काय म क े कारण िह ंदी संथान न े केवल भारत म
ही नह वरन अ ंतराीय तर पर भी याित और मायता ा क ।
िहंदी भारत क सामािसक स ंकृित क स ंवािहका क े प म अपनी साथ क भूिमका िनभा
सके, इस उ ेय एव ं संकप क े साथ स ंथान िनर ंतर काय रत है । अिखल भारतीय तर
पर िह ंदी को स ंपक भाषा क े प म ितित करन े के िलए भी स ंथान अथक यास कर
रहा ह ै । संथान का म ूलभूत उेय है िक, भारतीय भाषाए ँ एक द ूसरे के िनकट आए ँ और
सामाय बोधगयता क ि स े िहंदी इनक े बीच स ेतु का काय करे तथा अ ंतराीय तर
पर भारतीय च ेतना, संकृित एव ं उसस े संब म ूल तव िह ंदी के मायम स े सारत ही न
ह, बिक स ुा भी बन ।
थापना क प ृभूिम
15 माच, 1951 को िहदी क े चार -सार को यापक बनान े के उेय स े भाषायी तथा
सांकृितक समयाओ ं पर िवत ृत चचा के िलए भारत क े थम रापित बाबू राजे
साद के मागदशन म िदली के लालिकल े म अिखल भारतीय स ंकृित सम ेलन का
आयोजन हआ िजसम सवसमित स े िनय िकया गया िक स ंिवधान म िनिद िहंदी को
शासिनक -मायम तथा सामािजक -संकृित क वािहका क े प म िवकिसत करन े के िलए
अिखल भारतीय तर क एक स ंथा थािपत क जाए । तदन ुसार मोटूर
सयनारायण तथा अय िहंदी सेिवय क े यन स े सन् 1952 म 'अिखल भारतीय िह ंदी
परषद ्' क थापना आगरा म क गयी । परषद ने अपन े उेय क प ूित के िलए अिखल
भारतीय िह ंदी महािवालय क थापना क । महािवालय म िहंदीतर राय क े सेवारत
िहंदी चारक को िह ंदी वाता वरण म रखकर उह िहंदी िशण का िवशेष िशण दान
करने के िलए िह ंदी पार ंगत पाठ ्यम ारभ िकया गया । भवन न होन े के कारण ारभ म
िशण काय नागरी चारणी सभा क े भवन म शु हआ और छा क े रहने का बध भी
वह िकया गया । आगरा िव िवालय क े ायापक स ेवाभाव स े महािवालय म अयापन
करते थे । 19 माच, 1960 को िशा म ंालय , भारत सरकार न े कीय िह ंदी िशण
महािवालय क थापना क और उसक े संचालन क े िलए 'कीय िशण म ंडल' नाम स े
एक वाय स ंथा का गठन िकया । कीय िहंदी िशण मंडल का प ंजीकरण लखनऊ म 1
नवबर , 1960 को हआ ।

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सूचना ौोिगक क े े म िहदी भाषा
और द ेवनागरी िलपी िविभन स ंथान क भूिमका/ योगदान
61 मंडल क े मुख काय इस कार िनधा रत िकए गए -
िहंदी िशक को िशित करना ,िहंदी िशण क े े म अनुसंधान क े िलए स ुिवधाए ँ
उपलध करवाना , उचतर िह ंदी भाषा एव ं सािहय और भारती य, भाषाओ ं के साथ िहंदी के
तुलनामक भाषाशाीय अययन क े िलए स ुिवधाए ँ उपलध करवाना ,िहंदीतर द ेश के
िहंदी अय ेताओ ं क समयाओ ं को स ुलझाना ,भारतीय स ंिवधान क े अनुछेद 351 म
उिलिखत िह ंदी भाषा क े अिखल भारतीय वप क े िवकास क े िलए द िनद श के
अनुसार िह ंदी को अिखल भारतीय भाषा के प म िवकिसत करन े के िलए सम ुिचत
कायवाही करना आिद ।
भारत सरकार ारा ‘कीय िह ंदी िशण म ंडल’ को ‘अिखल भारतीय िह ंदी िशण
महािवालय ’ के संचालन का दाियव सपा गया । 30 अैल, 1961 को कीय िह ंदी
िशण म ंडल क ब ैठक म िनणय िकया गया िक , अिखल भारतीय िह ंदी िशण महािवालय
म हाईक ूल, हायर स ैकेडरी क ूल और कॉल ेज तथा िशण -महािवालय क े
अयापक क े िलए तीन पाठ ्यम (१) िहंदी िशण वीण , (२) िहंदी िशण पार ंगत और
(३) िहंदी िश ण िनणात स ंचािलत िकए जाए ं । साथ ही महािवालय क े िनदेशक क
िनयुि के िलए ताव पारत िकया । मई, 1962 म महािवालय क े थम िनद ेशक क े प
म डॉ. िवनय मोहन शमा क िनय ुि हई । इस महािवालय का नाम 1 जनवरी 1963
को कीय िह ंदी िशण महािवा लय रखा गया िजस े िदनांक 29 अटूबर 1963 को संपन
शासी परषद ् क ब ैठक म कीय िह ंदी संथान कर िदया गया ।
िशण -िशण काय म का यौराः
िहंदीतर े के िहंदी अयापक क े िलए िशण -िशण । िहंदीतर े के िहंदी
अयापक क े िलए पाचार ारा (दूरथ) िशण -िशण । िवदेशी छा क े िलए ितीय
एवं िवदेशी भाषा क े प म िहंदी िशण । अंतराीय तर पर िह ंदी का चार -सार ।
सांयकालीन परानातकोर अन ुयु भाषािवान , जनसंचार एव ं िहंदी पकारता और
अनुवाद िवान , पाठ्यम, नवीकरण एव ं पुनया पाठ्यम, िहंदीतर े म िथत
िवालय , महािवालय और िविवालय क े सेवारत िह ंदी अयापक क े िलए
नवीकरण , उच नवीकरण एव ं पुनया पाठ्यम क एवं राय सरकार क े तथा ब क आिद
के अिधका रय,कमचारय िल ए नवीकरण , संवधनामक , कौशलपरक काय म और
कायालयीन िह ंदी िशण पाठ ्यम, भाषा योगशाला एव ं य - य उपकरण क े
मायम स े िहंदी के उचारण का स ुधारामक अयास , कंयूटर सािधत िह ंदी भाषा िशण
आिद िशण -िशण काय म स ंथान ारा चलाए जात े है ।
अय काय
संगोी, कायगोी, िवशेष यायान , सार यायान माला आिद का आयोजन । संथान
ारा णीत , संपािदत एव ं संकिलत पाठ ्य सामी , आलेख, पाठ्य पुतक आिद का
काशन । िहंदी भाषा , अनुयु भाषािवा न, तुलनामक सािहय आिद स े संबंिधत
शोधप ूण पुतक, पिका का काशन । िहंदी भाषा तथा सािहय का अययन - अयापन
तथा अन ुसंधान म सहायताथ समृ पुतकालय । िहंदी के ोसाहन क े िलए अिखल munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

62 भारतीय ितयोिगताए ँ । िहंदी सेिवय का समान (िहंदी भाषा क े चार सार , शैिक
अनुसंधान, जनसंचार, िवान आिद े म कायरत िह ंदी िवान क े िलए), समय - समय
पर भारत सरकार ारा सपी जान े वाली िह ंदी संबंधी परयोजनाए ँ तथा राजभाषा िवषयक
काय ।
अकादिमक िवभाग
िहंदी के अंतराीय चार -सार क िदशा म पूव िविभन उ ेय को पूरा करन े के िलये
संथान क े आगरा म ुयालय म समय - समय पर िविभन िवभाग क थापना क गई ।
वतमान म यहाँ िननिलिखत अकादिमक िवभाग थािपत ह -
‘अयापक िशा िवभाग ’- इस िवभाग ारा िह ंदीतर भाषी भारतीय िशा िथय और िशण -
िशणािथ य के िलए िननिलिखत पाठ ्यम स ंचािलत िकए ह -िहंदी िशण िनणात
(एम.एड.तरीय ), िहंदी िशण पार ंगत (बी.एड.तरीय ),िहंदी िशण वीण (डी.एड.
तरीय ),िवषय िह ंदी िशण िडलोमा (नागाल ड के िलए),िवशेष गहन िह ंदी िशण -
िशण पा ठ्यम,अंतरराीय आिद पाठ ्यम स ंचािलत िकए जा रह े ह ।
‘िहंदी िशण िवभाग ’- िवदेशी िशािथ य के िलए िननिलिखत पाठ ्यम स ंचािलत िकए जा
रहे ह: (क) िहंदी भाषा दता माण -प,(ख) िहंदी भाषा दता िडलोमा ,(ग) िहंदी भा षा
दता एडवा ंस िड लोमा ,(घ) िहंदी भािषक अन ुयोग दता िडलोमा ,(ङ) िहंदी शोध
िडलोमा आिद पाठ ्यम स ंचािलत िकए जा रह े ह ।
‘अनुसंधान एव ं भाषा िवकास िवभाग ’- इस िवभाग ारा िह ंदीतर भाषी िवद ेशी िशािथ य के
िलए िननिल िखत काय म स ंचािलत िकया ह: िहंदी िशण क अध ुनातन िविधय का
िवकास ,िहंदी भाषा और सािहय म मूलभूत और अनय ु अन ुसंधान,िहंदी भाषा और
अय भारतीय भाषाओ ं का यितर ेक और त ुलनामक अययन , योजनम ूलक िह ंदी संबंधी
शोध काय , िहंदी का समाज भाषाव ैािनक सव ण और अयय न, िहंदी भाषा तथा सा िहय
के े म अनुसंधान स ंचेतना का िवकास , िवशेषताप ूण शोधोम ुखी िशण परामश ।
‘पाचार िवभाग ’ नवीकरण एव ं भाषा सार िवभाग ारा िह ंदीतर भाषी िवद ेशी िशािथ य के
िलए िननिलिखत पाठ ्यम स ंचािलत िकए जा रह े ह अत: उचनवीकरण पाठ ्यम के
अंतगत िशक नवीकरण पाठ ्यम, चारक नवीकरण पाठ ्यम, भाषा स ंचेतना िवकास
िशिवर पाठ ्यम, संवधनामक पाठ ्यम, कौशलपरक पाठ ्यम, योजनम ूलक िह ंदी
नवीकरण पाठ ्यम, दतापरक नवीकरण काय म आिद पाठ ्यम स ंचािलत िकए जा
रहे ह ।
‘सूचना एव ं भाषा ौ ोिगक िवभाग ’ - सांयकालीन पाठ ्यम िवभाग क े अंतगत
परानातकोर अन ुयु िहंदी भाषा िवान िडलोमा , परानातकोर अन ुवाद िसा ंत
एवं यवहार िडलोमा , परानातकोर अन ुयु िह ंदी भाषािवान एडवा ंस िडलोमा ,
परानातकोर जन संचार एव ं पकार ता िडलोमा आिद पाठ ्यम स ंचािलत िकए गए ह ।
भारतीय स ंिवधान क े अनुछेद 351 म उिलिखत िह ंदी भाषा क े अिखल भारतीय वप
के िवकास क े िलए द िनद श के अनुसार िह ंदी को अिखल भारतीय भाषा क े प म िहंदी munotes.in

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सूचना ौोिगक क े े म िहदी भाषा
और द ेवनागरी िलपी िविभन स ंथान क भूिमका/ योगदान
63 भाषा िवकास क े उेय क पूित के िलए ेीय िह ंदी काया लय का िनमा ण िकया गया ।
कीय िह ंदी संथान ारा िनिम त ेीय-क िनन कार ह ै ।
‘िदली क ’ इस क क थापना वष 1970 म हई । सवथम राजभाषा ियावयन
योजना क े िलए क ीय अिधकार य एव ं कमचारय के िलए गहन िह ंदी िशण काय म और
िवदेश म िहंदी चार -सार क े अंतगत िवद ेिशय क े िलए िह ंदी िशण -िशण काय म
शु िकए गए । काय क अिधकता क े कारण वष 1993 म िवदेिशय क े िलए िशण -
िशण कायम क छाव ृि आधारत योजना आगरा म ुयालय म थाना ंतरत कर दी
गई । वतमान म िदली क म विव पोिषत योजना क े अंतगत िवद ेिशय क े िलए िह ंदी
पाठ्यम, सांयकालीन पोट एम .ए. अनुयु िहंदी भाषािवान िडलोमा , पोट एम .ए.
अनुवाद िसा ंत एव ं य व हार िडलोमा तथा पो ट एम .ए. जनसंचार एव ं पकारता
पाठ्यम स ंचािलत िकए जात े ह और प ंजाब एव ं जमू-कमीर राय क े कूल एव ं कॉल ेज
तर क े िहंदी अयापक क े िलए 3 से 4 साह क े नवीकरण पाठ ्यम का आयोजन भी
िदली क ारा िक या जाता ह ै ।
‘हैदराबाद क’ क थापना वष 1976 म हई । िशण -िशण काय म क े अंतगत यह
क कूल/ कॉलेज एव ं वैिछक िह ंदी संथाओ ं के िहंदी अयापक क े िलए 1 से 4
साह क े लघु अवधीय नवीकरण काय म का आयोजन करता ह ै, िजसम िहंदी अयापक
को िहंदी के वतमान प रवेश के अंतगत भाषािशण क आध ुिनक तकनीक का यावहारक
ान कराया जाता ह ै । वतमान म हैदराबाद क का काय े आ द ेश, तिमलनाड ु,
गोवा, महारा एव ं क शािसत द ेश पांिडचेरी एव ं अडमान िनको बार ीप सम ूह ह ।
हैदराबाद क पर िह ंदी िशण पार ंगत पाठ ्यम भी स ंचािलत िकया जाता ह ै ।
‘गुवाहाटी क ’ इस क क थापना वष 1978 म हई । इस क का उ ेय पूवाचल म िहंदी
के चार -सार एव ं िहंदी िशण -िशण क े े म कायरत िह ंदी के अयापक एव ं
चारक के िलए िह ंदी भाषा िशण क आध ुिनक तकनीक का यावहारक ान करान े के
िलए 1 से 4 साह क े लघु अवधीय नवीकरण पाठ ्यम का स ंचालन करना ह ै । इस क
का काय े असम , अणाचल द ेश, िसिकम एव ं नागालड राय ह ै । इस क म इस
शैिक वष से नातकोर अन ुवाद िसा ंत एव ं यवहार िडलोमा क े अितर 'िहंदी
िशण वीण ' भी ार ंभ िकय े गये ह ।
‘िशलांग क’ इस क क थापना 1976 म हई थी । 1978 म क गुवाहाटी थाना ंतरत
कर िद या गया । पुन: इसक थापना वष 1987 म क गई । िहंदी के चार -सार क े अंतगत
िशलांग क िहंदी िशक क े िलए नवीकरण (तीन साह का ) पाठ्यम और असम
रायफ़स क े िवालय क े िहंदी िशक , क सरकार क े कमचारय एव ं अिधकारय को
िहंदी का काय साधक ा न करान े के िलए 2-3 साह का िह ंदी िशणपरक काय म
संचािलत करता ह ै । इस क के काय े मेघालय , िपुरा एवं िमजोरम राय ह ।
‘मैसूर क’ क थापना वष 1988 म हई । क का म ुख काय िहंदी का िशण -िशण
एवं िहंदी का चार -सार करना ह ै । मैसूर क िहंदी के िशण -िशण क े अंतगत,
ाइमरी , हाईक ूल, इटरमीिडएट क े िहंदी िशक क े िलए िह ंदी िशण क आध ुिनक
तकनीक का यावहारक ान करान े के िलए 3-4 साह क े लघुअवधीय नवीकरण munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

64 पाठ्यम का आयोजन त था िविवा लय और महािवालय क े िहंदी अयापक क े िलए
2 साह क े योजनम ूलक पाठ ्यम का स ंचालन करता ह ै । क ारा चार -सार क े
अंतगत सरकारी अिधकारय , अनुवादक और व ैािनक क े िलए 1 साह क े राजभाषा ,
अनुवाद एव ं तकनीक पाठ ्यम भी चलाए जात े ह । क का काय े पहल े केवल कना टक
राय था । 1992 से इसक े काये म कनाटक राय क े साथ क ेरल और क शािसत
देश लीप भी शािमल कर िदए गए ह ।
‘दीमाप ुर क’ इस क क थापना वष 2003 म हई । दीमाप ुर क को पूणसीय पाठ्यम
के अंतगत िहंदी िशण वीण व िह ंदी िशण िवश ेष गहन पाठ ्यम क े संचालन एव ं
मिणप ुर व नागाल ड राय क े िहंदी अयापक क े िलए नवीकरण काय म क े संचालन का
उरदाियव सपा गया ह ै । इस क का काय े नागाल ड एवं मिणप ुर राय ह ै । भुवनेर
क -इस क क थापना नवबर , 2003 म हई । यहाँ नवीकरण पाठ ्यम चलाए जात े ह ।
अहमदाबाद क -अहमदाबाद क क थापना वष 2006 म हई थी । राय म सेवारत
िहंदी िशक क े िलए लघ ुअवधीय नवीकरण काय म आयोिजत िकए जात े है ।
संब िशण महािवालय
िहंदी िशक -िशण क े तर को सम ुनत करन े और राीय तर पर उसम एकपता
लाने के यास म भारत सरकार क े िनदश पर द ेश के कई राय /क शािसत द ेश म
अपने-अपने े म िहंदी िशण -िशण महािवा लय, संथाओ ं को थािपत िकया गया
है और उह संथान स े संब िकया ह ै । इन स ंब महािवालय /संथाओ ं म ांतीय
आवयकताओ ं के अनुप स ंथान क े पाठ्यम स ंचािलत एव ं आयोिजत िकए जात े ह और
संथान ही इन पाठ ्यम क परीाए ँ िनयंित करता ह ै । कुछ म ुख महािवालय /
संथाओ ं के नाम इस कार ह - राजकय िह ंदी िशण -िशण महािवालय , उर
गुवाहाटी (असम ), िमज़ोरम िह ंदी िशण -िशण स ंथान , आईजोल (िमज़ोरम ), राजकय
िहंदी िशण -िशण महािवालय , मैसूर (कनाटक),राजकय िह ंदी िश ण-िशण
संथान , दीमाप ुर (नागाल ड) आिद म ुख है ।
परयोजनाए ं
भाषा-सािहय (सी.डी.) िनमाण परयोजना , अंतराीय मानक िह ंदी पाठ ्यम परयोजना ,
िहंदी कापरा परयोजना , िहंदी लोक शदकोश परयोजना , लघु िहंदी िवकोश परयोजना ,
पूवर लोक सािह य परयोजना आिद परयोजनाए ं चलाई गयी ह ै ।
६.२.३ सी-डैक पुणे
‘गत स ंगणन िवकास क े’ सी-डैक (सटर फॉर ड ेवलपम ट आफ एडवा ंड क ंयूिटंग)
नामक िवयात स ंथा प ुणे म िथत ह ै, जो भारत क एक अध सरकारी सॉटव ेयर कपनी
है । िहंदी और क ंयूटर के े म अय ंत महवप ूण काय कर रही ह ै । सी-डैक क थापना
१९८८ म हो च ुक है । सी-डैक का श ुआत म मुय उ ेय वद ेशी महास ंगणक बनाना
था । वतमान म यह सॉटव ेयर एव ं इलैॉिनस क े े म एक नामी कपनी ह ै । िहदी
जगत म यह मुय प स े भाषाई कय ूिटंग सब ंधी िवकास काय क े िलये जानी जाती ह ै ।
सी-डैक का म ुय काया लय प ुणे, भारत म िथत ह ै । सी-डैक के अय ेिय काया लय munotes.in

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सूचना ौोिगक क े े म िहदी भाषा
और द ेवनागरी िलपी िविभन स ंथान क भूिमका/ योगदान
65 कोलकाता , चैनई, बगुलु, मुबई, मोहाली , ितवनतप ुरम, नई िदली , नोयडा , हैदराबाद
आिद ह ै ।
इस स ंथा के उेय है-
१) इलेॉिनक स ंेषण तथा स ूचना ौोिगक (आई सी टी ) तथा उनस े संबंिधत े म
अनुसंधान तथा िवकास क ि स े अंतराीय याित ा अणी स ंथा स ंगठन क े प
म थािपत होना तथा अन ुसंधान तथा िवकास क े इस परवत न ित मान को पथ दश क के
प म मािणत करना ।
२) पूरे देश म आईसीटीई क े े म, ितपध तथा उम िविश तकनीक ान व
िवशेष दान करन े के िलए अन ुसंधान तथा िवकास स ंथा क े प म उभरना ।
३) अनुसंधान तथा िवकास क े िविभन े क िज मेदारी ल ेना तथा सहयोग प ूण ढंग से
समयोिचत तथा आगामी भाव क े िलए शिशाली भावकारता क े साथ अन ुसंधान मम के
चुनौतीप ूण दुगम लय क ाि क े ित सिय पहल करना । अनुसंधान काय म आई सी
टी ई क े अिभसरण क झलक भी िदखा पाए ।
४) िवया पी आई सी टी ई उोग म िवकास क े बारे म संपक थािपत करना , उसक
खोज खबर रखना , मूयांकन करना तथा आिथ क ितपधा को बढ़ाकर भारत क
सामािजक आवयकताओ ं के अनुसार सम / कारगर यथोिचत तकनीक योग क िदशा
म काय करना ।
६.) अनुसंधान तथा िवकास क े िलए ेरक वातावरण िनमा ण करना तथा उसका अन ुसरण
करना , थायी तर पर अिभनव परवत न तथा ब ुिजीवी स ंपि व ैिश्य पूण उपादन ,
अंतरराीय ग ुणवा का तर तथा िविधया ं ा करना तािक उसका उपादक तथा
साथक योग स ुिनित िकया जा सके ।
६) भारत तथा िवद ेश क आवयकताओ ं को प ूरा करन े के िलए अन ुसंधान तथा िवकास
परणाम को हण करना तथा भाव कारी उपाय को अमल म लाना तथा उकष क
खोज म रहना और यावसाियक और च ुर माा म उपादन क ि स े ेता को
बुलंिदय पर पह ंचाना ।
७) रोजगा र मता बढ़ान े क ि स े िवकास तथा उच म ूय स ंवधन के िलए आईसीटीई
तथा स ंबंिधत े म िशा एव ं िशण क थापना व स ंचालन ारा ऐसा स ंगठन हो
िजसम कुशल तथा सम मानवोिचत ोत हो और िजसम नातकोर तथा अन ुसंधान
उमुख िशण का समाव ेश हो ।
इन उ ेय क प ूित हेतु राजभाषा िवभाग सी -डैक, पुणे के मायम स े कंयूटर पर िह ंदी
योग को सरल और क ुशल बनान े के िलए िविभन सॉटव ेयर,कबोड टेट ट ू पीच
अनुवाद आिद तकनीक ारा िह ंदी भाषा को तकनीक स े जोड़न े का सफल यास 'गत
संगणक िवकास क ' सी-डैक, पुणे ने िकया ह ै । अलाइड आिट िफिशयल इ ंटेिलजस ुप,
गत स ंगणन िवकास क , पुणे ारा िनिम त सॉटव ेयर म िविभन भारतीय भाषाओ ं के munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

66 मायम स े इंटरनेट पर िह ंदी सीखन े के िलए िविभन सॉटव ेयर का िनमा ण िकया ह ै ।
उसम मुख है 'लीला' देिसका, ए एल पी पस नल, कॉरपोरा , बहभािषक , ई मेल लाए ंट,
आई िलप , आिद ।
'लीला' सॉटव ेयर इस सॉटव ेयर के मायम स े िहंदी बोध , वीण और ा पाठ ्यम
असमी , बांला, अंेजी, कनड़ , मलयालम ्, मिणप ुरी, मराठी , उिड़या , तिमल, तेलुगू,
पंजाबी, गुजराती , नेपाली और कमीरी क े ारा इ ंटरनेट पर सीख े जा सकत े ह । िहंदी
बोध, वीण एव ं ा पाठ ्यम क े िशण क े मूयांकन ह ेतु ऑनलाइन परीा णाली
का िवकास भी िकया जा रहा ह ै । इंटरनेट के मायम स े ही परीा दी जा सक ेगी ।
‘ई- महाशदकोष ’ का िवकास भी सी -डैक पुणे ारा िकया गया ह ै । इसम हर शद का
उचारण िदया गया जोिक िकसी और शद म नह िमलता । िहंदी शद द ेखकर भी उसका
अंेजी म अथ खोज सकत े ह । य ेक अंेजी और िह ंदी शद क े योग भी िदए ग ए ह ।
‘िजट ’ ौोिगक का िवकास आईआईटी कानप ुर के यास स े हआ ह ै । इसक े िविभन
अनुयोग क े िवकास का दाियव भारत सरकार क इस सी -डैक को सप िदया गया ह ै ।
िजट ौोिगक क े अंतगत पस नल क ंयूटर के मदरबोड पर एक 'लग इन काड ' लगा
िदया जा ता है । इस का ड को िजट काड कहा जाता ह ै । इस काड क सहायता स े कंयूटर
पर शद स ंसाधन तथा डाटा स ंसाधन क े िलए चिलत रोमन क े सभी प ैकेज का योग
िकया जा सकता ह ै ।
'देिशका' सॉटव ेयर वेद, वेदांग, पुराण, धम शा , याय, याकरण और अमरकोश को
उपलध कराता ह ै । िजस े 10 भारतीय िलपीय म पढ़ा जा सकता ह ै । 'गीता रीडर ' धमंथ
गीता पढन े के िलए यह सॉटव ेअर सी -डैक बगलुर ने बनाया ह ै ।
‘ए एल पी पस नल’ (भाषा स ंसाधन णाली ) - सी. डैक पुणे ारा िवकिसत सॉटव ेअर 3.5
एमबी आकारमान का ह ै जो डॉस 3.0 अथवा उसस े उनत डॉस ल ैटफाम पर चलाया जा
सकता ह ै ।
‘कॉरपोरा ’ (भारतीय भाषाओ ं काद स ंसार) - सी- डक पुणे ारा िवकिसत इस सॉटव ेअर
का शदबोध (वाय िवल ेषण) - संकृत शद का अथ गत व वायगत िवेषण, बहभािषक
ई - मेल लाए ंट सी. डैक पूणे िनिमत यह सॉ टवेअर इसम आप दस भारतीय भाषाओ ं म ई
मेल भेज सकत े है ।
'आई िलप ' सी -डैक पुणे ारा िनिम त यह सॉटव ेअर इसस े वतनी सुधार, ई मेल भेजना,
पद पर क बोड सुिवधा, डेटा आयात करना , बहभािषक एच टी एम एल , बनाना , शद
संशोधक आिद काय िकया जा सकता ह ै । इस प ुरकृत सॉट वेअर ारा भारतीय भाषाओ ं
म फाईल म ेनू से एच ए टी एम एल प म भेजा जा सकता ह ै ।
‘ुतलेखन-राजभाषा ' िहदी ुतलेखन सॉटव ेयर ह ै । 'वाचातर -राजभाषा ' ुतलेखन
सॉटव ेयर जो िक अ ंेजी पीच को इनप ुट के तौर पर ल ेता है तथा उस े िहदी म अनुवाद
कर टैट प म आउटप ुट देता है । munotes.in

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सूचना ौोिगक क े े म िहदी भाषा
और द ेवनागरी िलपी िविभन स ंथान क भूिमका/ योगदान
67 ‘सी -डैक’ पुणे ारा इनिट कबोड का िवकास िकया । वतमान म इसक े नए स ंकरण
पर काम जारी ह ै । बॉस िलनस एक उनत भारतीय भाषी िलनस िवतरण (ऑपर ेिटंग
िसटम ), 'ओपन ऑिफस .ऑग' का िवंडोज़ एवं िलनस हेतु िहदी थानीकरण िलनस
चालन त ं हेतु एक स ंशोिधत सव र जो िक भारतीय भाषी फॉट को र ेडर करता ह ै ।
'सेतु' अंेजी द्तावेज को िहदी व ैरीज़ क े ारा योग करन े के िलए ह ै । 'गड़' एक
देशयापी कप ूटेशन िड जो िक भारत भर म १७ शहर को जो ़ड़ सकता ह ै । अनुवाद क े
िलए 'मं' एक प ूण प स े वचािलत अ ंेजी स े िहदी मशीनी अन ुवाद िसटम ह ै ।
'िकरण ' एक दताव ेज देखने का िसटम ह ै । 'वेद' एक ऑनलाइन ट ैिटंग िसटम तथा
'यास' एक ज ैनरेिटव ट ैिटंग िसटम ह ै । ई-लिनग ेमवक (ई-िशक )
अतः िह ंदी भा षा को द ेवनागरी िलिप क े प म िवकिसत करते हए सम ुचे िव म पहंचाने
तथा क ंयूटर पर िह ंदी योग को सरल और क ुशल बना कर िह ंदी भाषा को तकनीक स े
जोड़न े राजभाषा िवभाग सी -डैक, पुणे का सफल यास रहा ह ै ।
६.२.४ भारतीय ौोिगक स ंथान
भारतीय ौोिगक संथान (अंेज़ी: Indian Institute of Technology) भारत के 23
तकनीक िशा स ंथान ह । ये संथान भारत सरकार ारा थािपत िकय े गये "राीय
महव क े संथान " ह । 2021 तक, सभी 23 आईआईटी म नातक काय म क े िलए
सीट क क ुल संया 16234 है । भारतीय ौोिगक स ंथान क थापना का इितहास
ईसवी सन १९४६ को जाता ह ै जब जोग िसंह न भारत म उच िशा क े संथान क
थापना क े िलए एक सिमित का गठन िकया । निलनी र ंजन सरकार क अयता म गिठत
सिमित न भारत भर म ऐसे संथान के गठन क िसफ़ारश क । इन िसफ़ारश को यान
म रखत े हए पहल े भारतीय ौोिगक स ंथान क थापना कलका के पास
िथत खड़गप ुर म १९६० म हई। श ुआत म यह स ंथान िहजली कारावास म िथत था ।
१६ िसतंबर १९६६ को भारत क स ंसद न "भारतीय ौ ोिगक स ंथान अिधिनयम " को
मंज़ूरी देते हए इस े "राीय महव क े संथान " घोिषत कर िदया । भारतभर म लगभग 23
ौोिगक स ंथान क थापना क गयी िजसम खड़गप ुर (१९६१ ), बंबई (१९६८),
मास (१९६९), कानप ुर (१९६९), नई िदली (१९६१ ), गुवाहटी (१९९४ ), ड़क
(२००१ ), रोपड़ (२००८ ), भुवनेर ,गांधीनगर , हैदराबाद , जोधप ुर, पटना, इंदौर, मंडी,
पलकड़ , वाराणसी , ितपित , धनबाद , िभलाई , जमू, गोवा, तथा धारवाड़ आिद ‘। असम
म छा आ ंदोलन क े चलत े तकालीन भारतीय धानम ंी राजीव गाधी न असम म भी एक
भारतीय ौोिगक संथान क थापना का वचन िदया िजसक े परणामवप १९९४
म गुवाहाटी म आई आई टी क थापना हई । सन २००१ म ड़क िथत ड़क
िविवालय को भी भारतीय ौोिगक स ंथान का दजा िदया गया । भारत क े तीन
शैिणक स ंथान - आईआईटी मुंबई, आईआईटी िदली और ब गलु िथत
आईआईएससी न े वड यूिनविस टी रिकंग म शीष 200 संथान म जगह बनाई ह ै ।
भारतीय ौोिगक स ंथान : िहदी क
भारत सरकार क राजभाषा नीित क े ावधान क े अनुपालन म िदसबर 1981 म संथान
म िहदी क क थापना हई थी । संथान क े वर स ंकाय/ अिधकारी िजनक िहदी क े munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

68 ित गहन िच होती ह ै, िहदी क क े अय होत े ह वे िहदी क क गितिविधय का
िनदशन और नीितगत मामल क े समवयन क े िलए उरदायी होत े ह । संथान म िनरतर
राजभाषा िह दी क े काया वयन को ोसािहत िकया जा रहा ह ै । राजभाषा अिधिनयम
1963 तथा क े सरकार ारा राजभाषा िनयम , 1976 बनाए गए । राजभाषा िवभाग , गृह
मंालय िहदी क े गामी योग ह ेतु वािषक काय म जारी करता ह ै । इन सभी क े अतग त
िभािषकता क य वथा ह ै । इन स ंवैधािनक उपब ंध का पालन करना स ंघ सरकार क े
येक मंालय /िवभाग /वाय स ंगठन क े िलए अिनवाय है । अतः भारतीय ौधौिगक
संथान िदली भी उपय ु उपब ंध का पालन करन े के िलए ितब ह ै ।
भारतीय ौोिगक स ंथान , मुबई
मुबई शहर क े उर -पिम म पवई झील क े िकनार े िथत भारत का अणी वशासी
अिभया ंिक िविवालय ह ै । यह भारतीय ौोिगक स ंथान शृंखला का द ूसरा सबस े
बड़ा परसर और महारा राय का सबस े बड़ा िविवालय ह ै । आई . आई. टी.,
मुंबई भारतीय ौोिगक संथान शृंखला का द ूसरा स ंथान था , जो यूनेको और
सोिवयत स ंघ के अनुदान स े सन् १९६८ म थािपत हआ था । यूनेको न े सोिवयत स ंघ
क सहायता स े मशीनरी और तकनीक ान उपलध कराया और भारत सरकार न े िनमाण
और अय खच का वहन िकया । संथान क े िनमाण के िलये मुंबई स े १८ मील दूर पवई म
६.६ एकड़ भूिम राय सरकार न े उपलध कराई । िनमा ण के दौरान ही २६
जुलाई १९६८ को िस ंथेिटक ए ंड आट िसक िमस रसच एसोिसएसन (SASMIRA)
वल मुंबई के ांगण म १०० छा क े साथ थम िशण स का ार ंभ हआ । इस स के
िलये कुल ३,४०० आवेदन प ा हए थ े । इनम से १०० छा को रसायन , जनपथ ,
यांिक, िवुत और धात ु अिभय ंण क े थम वष नातक पाठ ्यम म वेश िदया गया ।
संथान को थािपत करन े का म ुय उ ेय िविभन अिभया ंिक और ौोिगक िवषय
के िलय े उपय ु िशक और स ुिवधाओ ं को उपलध कराना था । िनमा ण के दौरान
नातकोर पाठ ्यम क े िलये आवयक ढा ँचे के िवकास को भी यान म रखा गया था ।
इसी बीच भवन िनमा ण के िलय े यास त ेज िकय े ग ये । जब पंिडत जवाहर लाल
नेह ने १०माच १९६९ को,पवई म संसथान क नव रखी थी तब िबजली और पानी
आपूित के िलये लाइन िबछान े का काय चल रहा था और वहा ँ तक पह ँचने के िलये एक
सड़क िनमा णाधीन थी । आज लगभग ६ वष क े बाद, भी भारतीय ौोिगक स ंथान म ुंबई
िवान अिभया ंिक और ौोिगक क े े म अपना अम ूय योगदान द े रहा ह ै । संथान
ने िव तर क े अिभय ंता और व ैािनक दान िकय े ह । संथान स े उीण छा आज िव
के कोने-कोने म िशक , तकनीक िवश ेष, सलाहकार , वैािनक , वरोजगार , संचालक ,
बंधक तथा अय कई प म अपनी योयता िस कर रह े ह ।
वरच
भारतीय िलिपय म एंॉइड पर िलखन े म सहायक एक िनःश ुक अन ुयोग (अिलक ेशन)
है । यह भारतीय ौोिगक स ंथान म ुबई के औोिगक िडजाइन क े के IDID समूह
ारा िवकिसत िकया गया ह ै । यह इंिट से बेहतर िस हो रहा ह ै । स ित यह ११ munotes.in

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सूचना ौोिगक क े े म िहदी भाषा
और द ेवनागरी िलपी िविभन स ंथान क भूिमका/ योगदान
69 भारतीय भाषाओ ं िहदी, मराठी , गुजराती , तेलुगु, मलयालम , कनड , ओिडया ,
पंजाबी, बंगाली, ककणी , तिमळ ) के िलये एंॉयड फोन क े िलये उपलध ह ै ।
भारतीय ौोिगक स ंथान क महा
भारतीय ौोिगक स ंथान म िशित अिभय ंताओ ं तथा शोधािथ य क पहचान भारत म
ही नह प ुरे िव म है । यिप , यह पहचान म ुयतः उन अिभय ंताओ ं से है, िजहोन े यहाँ से
नातक क उपािध ा क ह ै । इन स ंथान क िसी क े कारण , भारत म अिभया ंिक
क पढाई करन े का इछ ुक येक िवाथ इन स ंथान म वेश पान े क 'महवाका ंा'
रखता ह ै । इन स ंथान म नातक तर क पढाई म वेश एक स ंयु व ेश परीा (JEE)
के आधार पर होता ह ै । यह परीा बहत ही किठन मानी जाती ह ै और िसफ इस परीा क
तयारी क े िलए द ेश भर म हजार िशण स ंथाए चलाय े जा रह े ह । इन स ंथान क कभी
कभी आलोचना क जाती ह ै िक भारत क जनता क े मेहनत क कमाई क े पैस से पढकर
िनकलन े वाले पैसा कमान े के लालच म वदेश छोडकर िकसी अय द ेश म चले जाते ह,
िजसक े कारण इसस े भारत को अप ेित लाभ नह िमल पाता ह ै ।
६.३ सारांश
तुत इकाई म देवनागरी िलिप क े िवकास म िविभन स ंथाओ ं के योगदान तथा भ ूिमका
को ल ेकर काश डाला गया ह ै । राजभाषा िवभाग , कीय िह ंदी संथान आगरा , सीडैक
पुणे, भारतीय ौोिगक स ंथान आिद स ंथान क िह ंदी के ित योगदान को अिभय
िकया गया ह ै ।
६.४ दीघरी
१) िहंदी भाषा द ेवनागरी िलिप क े सार े म िविभन स ंथान क भ ूिमका को प
किजए ।
६.५ लघुरीय
१) िहदी िदवस अब िकस प म मनाया जाता ह ै ?
उर - िहदी मास क े प म
२) िहदी के भावी काया वयन के िलए 12 . पर अमल िकया गया था | वे 12 . कौन
से है ?
उर - ेरणा, ोसाहन , ेम, ाइस , िशण , योग, चार, सार, बंधन, मोशन ,
ितबता और यास |
३) िहदी क े चार -सार को यापक बनान े के उेय से भाषायी तथा सा ंकृितक
समया पर िवचार -िवमश के िलये सवथम अिखल भारतीय स ंकृित सम ेलन कहा ँ
हआ?
उर - िदली क े लाल िकल े म munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

70 ४) अिखल भारतीय िहदी परषद क थापना कहा ँ और कब हई ?
उर - आगरा म सन १९६२ म
५) कय ूटर पर िहदी भाषा को सरल व क ुशल काया वयन क े िलए कौ नसी संथा
सवथम यास रत रही ह ै ?
उर - सी-डैक पुणे
६.६ संदभ पुतक
१) कंयूटर और िह ंदी- हरमोहन , तिशला काशन , िदली ।
२) िविकपीिडया
३) योजनम ूलक िह ंदी - ो माधव सोनटक े
४) िहदी भाषा म ुख काय – डा अंबादास देशमुख
५) योजनम ूलक िहदी – डॉ पी. लता




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71 ७
इटरनेट और िहदी
ईकाई क पर ेखा :
७.० ईकाई का उेय
७.१ तावना
७.२ इटरनेट और िहदी
७.२.१ यूिनकोड फॉट परवत क
७.२.२ देवनागरी िलपी टाइिप ंग
७.२.३ िहदी म ई-मेल
७.२.४ िहदी म सािहियक ई -पिकाए ँ
७.२.५ सवे िहदी लॉग
७.३ सारांश
७.४ दीघरी
७.५ लघुरीय
७.६ संदभ पुतक
७.० ईकाई का उ ेय
इस ईकाई क े अययन स े िवाथ इटरनेट और िहदी क े अंतगत म ुख घटको का
अययन कर गे -
 यूिनकोड फॉट परवत क
 देवनागरी िलिप टाइिप ंग
 िहदी म ई-मेल
 िहदी म सािहियक ई -पिकाए ँ
 सवे िहदी लॉग munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

72 ७.१ तावना
इटरनेट आज त ेजी स े फैलता जा रहा ह ै, इसका म ुख कारण स ुलभता ह ै | यह
आदान -दान का सबस े सरल और सबस े शी साधन बन च ुका है | आज िहदी भाषा को
लेकर भी इसक ललक बढ़ती जा रही ह ै | िहदी जगत िस और बहस ंयांक ारा बोली
जाने वाली भाषा ह ै और येक तकनीक को आमसात कर शीता स े तरक कर रही ह ै |
७.२ इटरनेट और िहदी
७.२.१ यूिनकोड फॉट परवत क :
फॉट परवत क एक ऐसा सॉटव ेअर होता ह ै जो िक एक फॉट म िलखे टैट को दूसरे
फॉट म बदलता ह ै । वातव म यह सॉटव ेअर फॉट परवत न क बजाय इनकोिड ंग
परवत न करत े ह ।
उदा. कृितदेव १० को यूिनकोड म बदलन े वाला परवत क कृितदेव क िलग ेसी इनकोिड ंग
को यूिनकोड म बदल द ेगा ।
यूिनकोड फॉट को फॉट परवत क क आवयकता नह होती, पाठ सपािदत म टैट
को िसल ेट करक े फॉट बदलन े से ही बदल जाता ह ै । नॉन य ुिनकोड फॉटो को आपस म
बदलन े (एक नॉन य ुिनकोड फॉट को य ूिनकोड फोट के दूसरे नॉन य ूिनकोड फॉट म )
अथवा नॉन -यूिनकोड फॉट को य ूिनकोड फॉट म बदलन े के िलये फॉट पर वतक योग
होता ह ै ।
आजकल िविभन फॉट स े यूिनकोड फॉट म या य ूिनकोड को प ुराने फॉट (िलगेसी
फॉट ) म परवत न करन े क स ुिवधा उपलध ह ै ।
७.२.२ देवनागरी िलपी टाइिप ंग टूल :
भारत म आज भी कंयुटर का योग सीिमत वग कर रहा ह ै । िवश ेषतः िह ंदी म कंयूटर का
योग त ुलना म काफ सीिमत ह ै । सामाय लोग तक क ंयूटर का योग तभी होना स ंभव है
जब उस पर उनक भाषा म जानकारी उपलध हो । इंटरनेट पर िजतनी अिधक जानकारी
िहंदी म उपलध होगी उतनी क ंयूटर योगकता ओं क संया बढ़ती जाएगी ।
कंयूटर पर िह ंदी टाइप करना बहत ही आ सान है । इसक े िलए माइो सॉट क व ेबसाइट
से इंिडक आईएमई डाउनलोड करना एक िवकप ह ै । उसस े कंयूटर पर कोई नया फॉ ट
इंटॉल िकय े िहंदी म आसानी स े टाइिप ंग कर सकत े है ।
देवनागरी म टाइिप ंग के कई कार ह ै । हम अपना वय ं का ट ूल भी इतेमाल कर सकत े है
या िविक पीिडया म अतिन िमत टाइप ट ूल भी उपलध ह ै ।
फोनेिटक :
िजहन े कंयूटर पर द ेवनागरी म टाइिप ंग नह िकया ह ै, उनके िलए फोन ेिटक टाइिप ंग
आसान तरीका ह ै, जो िव ंडोज पर काय करत े ह । इनम दो मुय ह ै - इंिडक इनप ुट टूल और munotes.in

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इटरनेट और िहदी
73 गूगल इनपुट टूल इनम कंयूटर म थािपत करन े के बाद सीधे िहंदी म काय करना
आसान ह ै ।
जैसे
Namaste - नमत े
गूगल म पूण िवराम (१) देने म प रेशानी होगी , उसके िलए शॉ टकट त ैयार करन े पर
पूणिवराम का उपयोग कर सकत े है । माइोसॉट क े इनपुट टूल म यह समया नह ह ै ।
इन दोन पती स े िहंदी म काय करना आसान ह ै ।
इनिट :
इनिट कुजीपट का योग द ेवनागरी म िलखन े के िलए एक थायी उपाय ह ै । यह एक
टच टाइिप ंग कुजीपटल है जो भारतीय भाषाओ ं क िलिप ंयो म कंयूटर पर िलखन े के िलए
यु िकया जाता ह ै । इसे भारत सरकार ारा मानक प म भारतीय िलिपय क े िलए
वीकृत िकया ह ै ।
रेिमंगटन :
िजह पुराने मैकेिनकल टाइपराइटर पर या प ुराने नॉन - युिनकोड फॉट क ृितदेव क
टाइिप ंग अवगत ह ै, वे रोिमंगटम टाइिप ंग का योग कर सकत े है ।
टाइिप ंग औजार :
ऑफलाइन :
डांउनलोड करने के बाद िबना इटरन ेट से जुडे भी योग होन े वाले टाइिप ंग औजार /
पदित .
१) िहदी ट ूलिकट (ॲसपी क सीडी क े िबना िव ंडोज म िहंदी समथ न सम करन े हेतु)
२) बरह आईएमई (फोनेिटक)
३) माइोसॉट का इिडक आइ ॲम ई (फोनेिटक, रेिमंगटन तथा इ निट)
४) इिडक इनप ुट ॲसटशन फायरफॉस ॲसटशन (फोनेिटक तथा इन िट)
५) गूगल आइ ॲम ई (फोनेिटक)
ऑनलाइन :
ऑनलाइन योग होन ेवाली प ित म पित औजार क साइट पर जाकर टाइप करक े कॉपी
करके िविक पीिडया म पेट करना पड़ता ह ै ।
१) गूगल इिडक िलय तरण - फोनेिटक क बोड.
२) िवलप ैड - फोनेिटक क बोड.
३) यूिननागरी - सेमीफोन ेिटक, इनिक ृट तथा र ेिमंगटन क बोड. munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

74 ७.२.३ िहंदी म ई-मेलः-
आधुिनक य ुग म ईमेल के मायम स े िनकट और द ूर सभी क े साथ स ंवाद करना बहत
आसान और सुंदर तरीका है । अपन े िवचार य करने के साथ -साथ िविभन काय म
ईमेल क अयिधक आवयकता होती ह ै -
ईमेल या ह ै?
ईमेल कैसे िलखत े है, यह जानन े से पूव ईमेल या ह ै ? यह जानना आवयक ह ै । ईमेल
इलेॉिनक म ेल का स ंि नाम ह ै । इलेॉिनक उपकरण को उपयोग कर , इंटरनेट बहत
जद ए क थान स े दूसरे थान पर समाचार भ ेजने क अन ुमित द ेता है ।
ई मेल भेजने के िलए पहल े ई मेल आई डी तैयार करना आवयक होता ह ै । ई-मेल आईडी
क आवयकता ज ैसे ेषक को होती ह ै, वैसे ही ाकता को भी ई-मेल आइ डी क
आवयकता होती ह ै । ई-मेल का योग िविभन उ ेय स े िकया जाता ह ै ।
ई मेल आमतौर पर दो तरह क े होते ह -
१) आिधकारक ईम ेल
२) अनौपचारक ईम ेल
आिधकारक ईम ेल िविभन क ंपिनय सरकारी काया लय म िविभन काय को करन े हेतु ई
मेल शािमल होत े ह तो अनौपचारक ई मेल म माता -िपता, भाई-बहन, रतेदार और
दोत ारा भ ेज गए ई मेल आत े है ।
१) आिधकारक ई मेल िलखन े के िनयम :
िवषय :
ई मेल िलखत े समय पहल े राइिट ंग के ऊपर एक टाइटल द ेना चािहए । इस शीषक को
िलखन े के िलए एक अलग जगह ह ै, वहाँ िवषय िलखना ह ै । िकसी को ईम ेल भेजने से पहल े
वह हेडलाइन द ेखकर बता सक ेगा ई मेल िकस िवषय क े बारे म है | इससे यह जानन े म
आसानी होगी कौन -सा ईम ेल महवप ूण है और कौन -सा नह ।
टाइटल िलख ते समय बड़ े अर को योग न कर तो अछा होता ह ै । इसस े ऐसा महस ूस
होता ह ै िक कोई बात कर रहा ह ै या बहस कर रहा ह ै । इसक े साथ ही शीष क क वत नी
गलत न हो इसका भी यान रखना आवयक ह ै ।
अिभवादन :
अिभवादन म िकसी को स ंबोिधत िकया जाता ह ै । ईमेल िलखना श ु करने िलए अिभवादन
पहली प ंि है । ई मेल को हाय या ह ैलो से शु िकया जाता ह ै । बहत से लोग सोचत े है िक
हाय या हैलो अनौपचारक ईम ेल म ही िलखा जा ता है । लेिकन यह सोच गलत ह ै दोन ही
कार क े मेल म या प से शुवात िक जाती ह ै । Dear से भी श ुवात क जा सकती है, munotes.in

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इटरनेट और िहदी
75 लेिकन इसक े बाद नाम का योग िकया जाता ह ै । िविश नाम नह हो तो Dear Sir,
Dear Madam , Dear Managing Director , etc. ऐसे भी िलखा जा सकता है ।
पहला वाय :
पहला वाय इस कार िलखा जाता ह ै -
- आशा ह ै िक आप अछ है ।
- मुझे लगता ह ै सब कुछ ठीक ह ै ।
पहला वाय आदरय ु िलखन े से िविश िशाचार का पता चलता ह ै ।
ई मेल का म ुय भाग :
ईमेल के इस भाग म सभी जानकारी िलखकर समा कर द ेनी होती है । पूरा िवषय यहा ँ
रखना होता ह ै । अिधकािधक ई मेल म आवयक शद को हाइलाइट िकया जाता ह ै ।
अंितम वाय :
िवषय का िववरण द ेने के बाद अ ंत म ितिया या उर ल ेने के िलए क वाय क े साथ
समा करना होता ह ै ।
जैसे :
- कृपया अपनी ितिया द ।
- कृपया म ुझे बताए ँ िक म आपस े दोबारा कब स ंपक कर सकता ह ँ |
- और उह पूछना होगा िक या उनक े पास और ह ।
अंत म अपना नाम िलखना होता ह ै
- सादर
- आपका शुिया, या धयवाद
२. अनौपचारक ई मेल िलखन े के िनयम
इस कार क े मेल पारवारक या दोत को भेजे जाते है । इसिलए िवषय म परवत न हो
सकता ह ै ।
- मने आपको वीिडयो भ ेजा है ।
- परीा िदनचया
अिभवादन :
नमत े से ही अिभवादन क श ुआत क जा सकती ह ै । munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

76 मुय अश :
मेल संि प म होने के कारण महवप ूण बात कहकर अनावयक चीज को बाहर करना
पड़ता ह ै ।
अंितम वाय :
अनौपचारक ई मेल म अंत म िचंता करन े क ज रत नही ह , या कोई भी दोती प ूण वाय
या शद िलखकर समा हो सकता ह ै -
जैसेः-
अलिवदा , बाद म िमलत े है, अपना यान रखना इयािद
नेट पर िह ंदी िवापनः -
िवापन शद 'िव' और 'ापन ' से िमलकर बना ह ै । 'िव' का अथ है िविश और 'ापन ' का
अथ सूचना से है । आधुिनक समाज म िवापन यापार को बढ़ान े वाले मायम क े TRP म
जाना जाता ह ै ।
ऑनलाइन िवापन ाहक को आकिष त करन े के िलये इंटरनेट और वड वाइड व ेब का
उपयोग करत े है । ऑनलाइन िवापन एक िवापन सवर ारा िवतरत वतु या पदाथ का
उदाहरण , खोज, वतु या पदाथ क जानकारी , परणाम आिद क जानकारी देता है |
िवापन े पूरी तरह स े यावसाियक होन े के कारण उसक उपयोिगता याव साियक लाभ
से ही स ंबंिधत ह ै । िहदी भाषा का योग भारत म सबस े अिधक लोग ारा होन े के कारण
िवापन े म भी िह ंदी भाषा क महवप ूणता िदखायी द ेती है । िवापन क े िवषय अथवा
उपािद त वतुओ के गुण तथा उसक त ुित के आधार पर उसक आतरक एव ं बाहय
आवयकताओ ं के अनुप भाषा क ज रत होती ह ै । िवापन क आवयकता के
अनुसार िह ंदी भाषा म परवत न आ रहा ह ै । आवयकता के अनुसार नए -नए शद का
योग हो रहा ह ै । िजसस े िवापन के िवकास म गितिशलता िदखायी द ेती है । िहंदी भाषा
का थान क ेवल प ुतक तक म यािदत या सीिमत न होकर िहदी भाषा समय और समाज
क भाषा बनती जा रही ह ै ।
येक भाषा क अपनी एक स ंकृित होती ह ै, उसी तरह स े िहंदी भाषा स ंकार ह ै ।
शदावली , वाय रचना , कहावत े, मुहावरे आिद िवश ेष है । िवापन क े े म भी
आधुिनकता को अपनाया हआ द ेखा जाता ह ै । उपादक , उपािदत वत ू, उपभोा ही
नह, बिक जनस ंचार क े सभी मायम आत े है जो िवापन क े सार म सहायक होत े ह ।
िहदी ियापद क े योग स े िवापन म अिधक व द ेने क मता प ैदा होती ह ै |
जैसेः-
िबकाऊ ह ै, जरत है, चाहते हो, आते है, जाते है, आईए आिद शद योग स े िवापन क
अथवा बढ़ती ह ै । munotes.in

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इटरनेट और िहदी
77 ७.२.४ िहंदी क सािहियक ई पिकाए ँ :
जो पिका कय ूटर पर िलखी जाए और क ंयूटर पर ही पढ़ी जाए उसको जाल
िनयतकािलक या इलेॉिनक पिका (ई. पिका ) कह सकत े है । बहत सी कंपिनया ँ अपन े
यूज-लेटर इल ेॉिनक-पिका क े प म कािशत करती ह ै । इनक े काशन क ितिथ
िनित होती ह ै और इनका स ंपादक म ंडल भी होता ह ै ।
इंटरनेट पर िह ंदी म कािशत होन े वाली िविभन िवषय क दोन तरह क पिकाए ँ
उपलध ह ै । एक छपी हई स ुटत म (कािशत ) पिकाओ ं के अंतरजाल संकरण एव ं दो -
केवल अ ंतरजाल पर कािशत होन े वाली पिकाए ँ । अंतरजाल पर कािशत होन े वाले
पिका ओं क सुची -
- अंतरजाल डॉट इन - िहंदी भाषा म कंयूटर दुिनया स े जुडी समत जानकारया ँ
- अर पव - सािहियक व ैचारक मािसक
- अनुभूित
- अनुरोध - भारतीय भाषाओ ं के ितापन को समिप त जाल -पिका
- अयथा - अमरीका म बसे भारतीय लोग क म ैगजीन
- अपनी िदली (साािहक )
- अिभयि
- अरगला - इकसवी सदी क जन संवेदना एवं िहंदी सािहय क ैमािसक पिका .
- असामाय िव (पािक )
- इधन ुष इंिडया - सािहय और क ृित को समिप त
- इलेॉिनस - इलेॉिनस क ंयूटर, िवान एव ं नयी तकनीक क मािसक पिका
- उम - िहंदी सािहियक मािसक
- उवशी - शोध सािहय , एवं संकृित क अ ंतरराीय ैमािसक
- ओशो टाइस का िह ंदी संकरण
- ओशो स ंसार क व ैिक पिका
- ितविन - भारतीय ौोिगक संथान कानप ुर क पिका
- भाषा सहोदरी - भाषा सहोदरी िह ंदी सिमती ारा कािशत सािहियक पिका
- भारत दश न - यूजीलैड स े िहंदी क सािहियक पिका
- वामय - ैमािसक िहदी पिका munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

78 - सािहय भुज - पािक पिका
- सािहय जीवन साािहक ऑनलाईन पिका
- सािहय व ैभव - संघषशील रचनाकार का राीय ितिनधी
- सािहय िशपी - िहंदी सािहय क द ैिनक ई - पिका
- शोध स ंचयन - िहंदी का शोध अथ वािषक
- सृजनगाथा - सािहय , संकृित और भाषा क मौिलक पिका
- शदांकन - िहंदी सािहयक आ @नलाइन ई -पिका
- पैन - भारत म अमेरक द ूतावास क पिका
- िहंदीकुंज - िहंदी सािहय व भाषा क व ेध पिका
- हंस - िहंदी कथा मािसक
िहंदी लॉग –
लॉग एक कार क वेबसाईट ह ै | िजसे कालान ुम म यविथत िकया जाता ह ै | यािन
पूराने पेज व पोट नीच े होते है और हािलया कािशत पोट व पेज सबस े ऊपर दिश त
होते है | लॉग अक ेला यि अथवा सम ूह ारा िलखा जा सकता ह ै | इस पर लॉगर िकसी
िवषय-िवशेष पर अपनी राय कािशत करत े है |
७.२.५ सवे िहंदी लॉग :
१) िहंदी कुंज –
िहंदी कुंज डॉट कॉम कोलकाता िनवासी ी आश ुतोष द ुबेजी ारा स ंचािलत लॉग ह ै | इस
पर िह ंदी सािहय स े जुडे लेख क एक व ेब पिका कािशत क जाती ह ै |
२) किवता कोश –
किवता कोश एक ऐसा म ंच है जहाँ भारत क िव िभन भाषाओ ं म रिचत किवताओ ं का संह
है | इसम नए प ुराने सभी किवय क रचनाय पढ़ने को िमलती ह ै | यह पोट ल इ-पिका और
इ-पुतके कािशत करता ह ै |
३) िहंदी सािहय –
िहंदी सािहय और डॉट ऑग पर िह ंदी सािहय का स ंकलन ह ै | यहाँ सािहय स े संबंिधत
लेख, पुरकार के बारे म जानकारी िमलती ह ै |

munotes.in

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इटरनेट और िहदी
79 ४) गीता-किवता –
गीता किवता क थापना ी राजीव क ृणा सस ेना जी ारा क गयी ह ै | इस व ेब पर
१४०० से अिधक किवताओ ं का संह है |
५) ानदप ण –
ानदप ण डॉट कॉम इितहा स और कहािनय से संबंिधत व ेबसाईट ह ै | इसके संचालक ी
रतन िस ंह है जो वष २००८ से इस व ेबसाईट पर िनत नई ऐितहािसक जानकारी कािशत
करते है |
७.३ सारांश
आने वाला समय िहदी का होगा यिक िहदी भाषा आज हर पटल पर आग े है | तकनीक
ि स े न िहदी क सामी कम ह ै और न ही पाठक क स ंया | िहदी ऐसी भाषा ह ै जो
वैिक स ंशोधन क े अनुसार िव म दूसरे नबर पर योग म लायी जान े वाली भाषा बन
गई है |
७.४ िदघरी
१) इटरनेट म िहदी क िविभन काय शैलीय का िववरण दीिजए |
२) इटरनेट के े म िहदी भाषा िदन दौग ुनी रात चौग ुनी तरक कर रही ह ै िविभन
मायम ारा समझाइए |
३) सूचना ौोिगक म िहदी भाषा का थान इस िवषय पर िवव ेचन िकिजए |
७.५ लघुरीय
१) िजहे कय ूटर पर द ेवनागरी टायिप ंग नह आती , उनके िलए टायिप ंग का आसा न
तरीका या ह ै ?
उर - फोनेिटंग टायिप ंग
२) ई-मेल िकतन े कार के होते है ?
उर - दो कार क े
३) ई-पिकाए ँ या होती ह ै ?
उर - िजहे कय ूटर पर प ढ़ा जाए व े ई-पिकाए ँ कहलाती ह ै |
४) िहदी क ुंज डॉट कॉम िहदी लॉग क े िनमाता कौन ह ै ?
उर - ी आश ुतोष द ुबे
५) ानदप ण डॉट -कॉम व ेबसाईट िकसस े संबंिधत ह ै ?
उर - इितहास और कहािनय से | munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

80 ७.६ संदभ पुतक
1. कंयूटर और िहंदी - हरमोहन ,
2. इंटरनेट िवान - नीता मेहता,
3. कंयूटर के भािषक अनुयोग - िवजय कुमार महोा ,
4. इलेॉिनस मीिडया एवं सूचना ौोिगक - डॉ. यू. सी. गुा,
5. वचुअल रयिलटी और इंटरनेट - जगदीर चतुवदी



munotes.in

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82 ८
भारत म िडिजटलाइज ेशन और िहदी स ूचना ौोिगक क े
े म िहदी आधारत रोजगार क स ंभावना
इकाई क पर ेखा :
८.० इकाई का उेय
८.१ तावना
८.२ भारत म िडिजटलाइज ेशन और िहदी स ूचना
८.३ सूचना ौोिगक क े े म िहदी आधारत रोज गार क स ंभावनाए ँ
८.४ सारांश
८.५ दीघरी
८.६ लघुरीत
८.७ संदभ पुतक
८.० इकाई का उ ेय
इस इकाई क े अययन स े िवाथ िननिलिखत म ु से अवगत हो सक गे |
 भारत म िडिजटलाइज ेशन और िहदी
 सूचना ौोिगक क े े म िहदी आधारत रोजगार क सभावनाए ँ |
८.१ तावना
आज स ूचना ौोिगक क े िवकास और इसक योगशीलता ने सभी को अच ंभे म डाल
िदया ह ै | आज पयवहार , पिकाए ँ, िवापन , सािहियक ल ेखन रोजगार के साधन ,
अनुवाद आिद सभी तकनीक वप म सुलभ और शी उ पलध ह ै |
८.२ भारत म िडिजटलाइज ेशन और िह ंदी
िडिजटल भारत सरकारी िवभाग एवं भारत क े लोग को एक द ूसरे के पास लान े सरकारी
िवभाग को देश क जनता स े इतेमाल स े सरकारी स ेवाएँ इलेॉिनक प स े इलाक को
उच गित का इंटरनेट के मयम स े जोड़ना | िडिजटल इ ंिडया के ३ मुय घटक ह ै –
१) िडिजटल आधारभ ूत ढाँचे का िनमा ण करना munotes.in

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भारत म िडिजलायज ेशन और िहदी
सूचना ौोिगक क े े म िहदी
आधारत रोजगार क स ंभावना
83 २) इलेॉिनक प स े सेवाओं को जनता तक पह ँचाना
३) िडिजटल सारता
यह एक अ ंतर-मंालयी पहल होगी जहा ँ सभी म ंालय तथा िवभाग अपनी स ेवाएँ जनता
तक पह ँचाएँगे –
जैसे – वाय , िशा, याियक स ेवा आ िद |
चयिनत प स े जन-िनजी साझ ेदारी (पीपीपी ) मॉडल को अपनाया जाएगा | इसके अितर
राीय स ूचना क के पुनिनमा ण क भी योजना ह ै | यह योजना मोदी शासन क शीष
ाथिमकता वाली परयोजनाओ ं म से एक ह ै | यह एक सराहानीय और सभी साझ ेदार क
पूण समथ न वाली परयोजना ह ै | जबिक इसम लीगल से ेमवक, गोपनीयता का अभाव ,
डाटा स ुरा िनयम क कमी , नागरक वाया हनन , तथा भारतीय ई -सिवलांस के िलए
संसदीय िनगरा नी क कमी तथा भारतीय साइबर अस ुरा जैसे कई महवप ूण किमया ँ
भी है | िडिजटल इ ंिडया को काया िवत करन े से पहल े इन सभी किमय को दूर करना
होगा |
िडिजटल भारत क े मुख तभ –
१) ॉडबड हाईव े
२) मोबाइल कन ेटीिवटी क े िलए साव भौिमक पह ँच
३) पिलक इ ंटरनेट एस ेस काय म
४) ई-गवनस ौोिगक क े मायम से सरकार म सुधार
५) ई-ांित सेवाओं क इल ेॉिनक िडिलवरी
६) सभी क े िलए स ूचना
७) इलेॉिनस िनमा ण
८) नागरक के िलए आईटी
९) अल हाव ट काय म
१) ॉडब ड हाईव े :
इसका अथ दूरसंचार स े है, िजसम सूचना क े संचार क े िलए आव ृिय के यापक ांड
उपलध होत े है | इस कारण स ूचना को कई ग ुणा बढ़ाया जा सकता ह ै | इसके मायम स े
एक िनी समय सीमा म बृहर स ूचनाओ ं को ेिषत िकया जा सकता ह ै | ठीक उसी तरह
से जैसे िकसी हाइव े पर एक स े यादा ल ेन होन े से अपन े ही समय म यादा गिडया ँ आ-जा
सकती ह ै | ॉडबड हाइव े िनमा ण से अगले तीन साल के भीतर द ेशभर क े ढाई लाख
पंचायत को इसस े जोड़ा जाएगा और लोग को साव जिनक स ेवाएँ दी जाय ेगी |

२) मोबाइल कन ेटीिवटी क े िलए साव भौिमक पह ँच munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

84 देशभर म तकरीबन सवा अरब क आबादी म मोबाइल फोन कन ेशन क स ंया ज ून
२०१४ तक करीब ८० करोड़ थी | शहरी इला क तक भल े ही मोबाइल फोन प ूरी तरह से
सुलभ हो गया हो , लेिकन द ेश के िविभन ामीण इलाक म अभी भी इसक स ुिवधा
कंपिनय के कारण िपछल े एक दशक म काफ ब ढ़ोरी हई ह ै |
३) पिलक इ ंटरनेट एस ेस काय म
भिवय म सभी सरकारी िवभाग तक आम आदमी क पह ँच बढ़ायी जाय ेगी | पोट ऑिफस
के िलए यह दीघा विध िवजन वाला काय म हो सकता ह ै | इस ोाम क े तहत पोट
ऑिफस को मटी -सिवस सटर के प म बनाया जाय ेगा | नागरक तक स ेवाएँ पहँचाने के
िलए यहा ँ अनेक तरह क गितिविधय को अ ंजाम िदया जाय ेगा |
४) ई-गवनस ौोिगक क े मायम स े सरकार म सुधार
सूचना ौोिगक का इत ेमाल करत े हए िबजन ेस ोस ेस री-इंिजनीयर ंग के ांजेशन म
सुधार िकया जाय ेगा | िविभन िवभाग के बीच आपसी सहयोग और आव ेदन को
ऑनलाईन ेक आइडी काड स आिद क जहा ँ जरत प ड़े वहाँ इसका ऑनलाईन इत ेमाल
िकया जा सकता ह ै | यह काय म स ेवाओं और म ंचो के एककरण य ूआइडीएआइ (आधार ),
पेमट, गेटवे (िबल के भुगतान) आिद म मदद होगी साथ ही सभी कार क े डाटाब ेस और
सूचनाओ ं को इल ेॉिनक मायम स े पहँचाया जाय ेगा |
५) ई-ांित सेवाओ ं क इल ेॉिनक िडिलवरी
ई -एयुकेशन क े तहत सभी क ूल को ॉडब ड से जोड़ने, सभी क ूल को मुत वाइ -फाइ
क स ुिवधा द ेना और िडिजटल िलटर ेसी काय म क योजना ह ै | िकसान के िलए रीयल
टाइम कमत क स ूचना, नकदी , राहत भ ुगतान, मोबाईल ब ँिकंग आिद क ऑनलाईन स ेवा
दान करना | वाय क े े म ऑनलाईन म ेिडकल सलाह रकॉ ड और स ंबंिधत दवाओ ं
क आप ूित समेत मरीज क स ूचना स े जुडे एसच ज .क थापना करत े हए लोग को इ-
हेथकेयर क स ुिवधा द ेना | याय क े े म इ-कोट, इ-पुिलस, इ-जेल, इ-ोिसय ुशन क
सुिवधा | िवीय इंतजाम क े तहत मोबाइल जैसी बँिकंग माइो -एटीएम ोाम |
६) सभी क े िलए स ूचना
इस काय म क े अंतगत सूचना और दताव ेजो तक ऑनलाईन पह ँच कायम क जाय ेगी |
इसके िलए ओपन डाटा ल ेटफॉम तैयार िकया जाय ेगा, िजसक े मायम स े नागरक स ूचना
तक आसानी स े पहँच सक गे | नागरक तक स ूचनाओ ं को पह ँचने के िलए सरकार सोशल
िमिडया और व ेब आधारत म ंच पर सय रह ेगी | साथ ही, नागरक और सरकार क े बीच
दोतरफा स ंवाद क यवथा कायम क जाय ेगी |


७) इलेॉिनस े म आमिनभ रता : munotes.in

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भारत म िडिजलायज ेशन और िहदी
सूचना ौोिगक क े े म िहदी
आधारत रोजगार क स ंभावना
85 इलेॉिनस े से जुडी तमाम चीज का िनमा ण देश म ही िकया जाएगा | इसके तहत
मेटी जीर े इंपोट्स’ का लय रखा गया ह ै | इसके िलए आिथक नीितय म संबंिधत बदलाव
भी िकय े जाय गे | फ़ैब-लेस िडझाईन , सेट-टॉप बॉस , वीसेट, मोबाइल उपभोा और
माइो -एटीएम आिद को ब ढ़ावा िदया जाए गा |
८) रोजगारपरक स ूचना ौोिगक :
देशभर म सूचना ौोिगक क े सार स े रोजगार क े अिधका ंश ाप म इसका इत ेमाल
बढ़ रहा ह ै | इसिलए इस ौोिगक क े अनुप काय बल क े मौज ुदा काय म को इस
ौोगीक स े जोड़ा जायेगा | संचार स ेवाएँ मुहैया करान ेवाली क ंपिनया ँ ामीण काय बल को
उनक अपनी जरत के मुतािबक िशित कर ेगी | गाँव छोट े शहर म लोग को आइटी स े
जुड़े नौकरीय के िलए िशित िकया जाय ेगा | आइटी स ेवाओं से जुड़े कारोबार क े िलए
दूरसंचार िवभाग को ना ड़ेल एज सी बनाया गया ह ै |
९) अल हावट ो ाम :
िडिजटल इ ंिडया काय म को लाग ू करन े के िलए पहल े कुछ बुिनयादी ढा ँचा बनाना होगा
यानी इसक प ृभूमी भी तैयार कर नी होगी |
 संदेश के िलए आईटी ल ेटफॉम :
डीईआईटीवाई ारा यापक तर पर स ंदेश भेजने के िलए एक एिलक ेशन तैयार िकया
गया ह ै | िजसक े दायर े म सभी च ुने ितिनधी व सभी सरकारी कम चारी आय गे | १.३६
करोड़ मोबाईल तथा लाख ई मेल इस डाटाब ेस िहट ्स म हगे |
 सरकारी श ुभकामनाओ ं के िलए ई -िटस -
ई-िटस का ग ुलदता त ैयार िकया गया ह ै | माईगोव पोट ल के जरय े ई-िटस का
ाऊड सोिस ग सुिनित िकया गया ह ै |
 बायोम ैिक उपिथती :
िदली म क सरकार क े सभी काया लय और डीईआईटीवाई म पहल े से इसका स ंचालन
शु हो च ुका है और शहरी िवका स िवभाग म भी ऐसी पहल क जा रही ह ै | दूसरे िवभाग म
भी ऐसी काय वाही ारंभ हो रही ह ै |
सभी िविवालय म वाईफाई :
नेशनल नॉल ेज नेटवक के तहत सभी िविवालय को इस योजना म शािमल िकया
जाएगा | मानव स ंसाधन िवकास म ंालय इस योजना को लाग ू करने के िलए मॉड ेल मंालय
होगा |

सरकारी ई -मेल क स ुरा : munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

86 ई-मेल संचार का ाथिमक तरीका होगा |
१० लाख कमा चारय का पहल े चरण म उनतीकरण हो च ुका है |
सरकारी ई -मेल िडझाईन का मानककरण
सरकारी ईम ेल के टेपल ेस का मानककरण हो रहा ह ै |
सावजिनक वाई -फाई हॉ टपॉट्स
िडिजटल शहर को बढ़ावा देने के िलए एक लाख से अिधक आबादी वाल े शहर और
पयटक क पर साव जिनक वाई -फाई हॉटपॉट त ैयार कराया जाएगा | इस योजना को
दूरसंचार िवभाग और शहरी िवकास म ंालय ारा लाग ू िकया जाएगा |
कूली िकताब को इब ुस म तदील िकया जाय ेगा |
एसएमएस आधारत मौसम स ूचना, आपदा चैताविनया ँ :
मौसम क स ूचनाएँ तथा आपदा क चेताविनया ँ एसएमएस क े जरय े दी जाए ँगी |
िडिजटल ोाम वातव म भारत सरकार क एक अ ेला योजना ह ै | कोिवड -१९
महामारी के दौर म िडिजटल इ ंिडया ोाम क े कारण ही घर स े काम करन े, िडिजटल प ेमट
पाने, छा टीवी , मोबाइल , लैपटॉप से िशा पान े, मरीज ट ेली का ंसटेशन स े डॉटर क
सलाह ल ेने और ामीण इलाक े के िकसान सीध े अपन े बँक खात े म पीएम िकसान ज ैसी
योजना का लाभ पा रह े है |
८.३ सूचना ौोिगक क े े म िहंदी आधारत रोजगार क स ंभावनाए ँ
संचार िमिडया करयर जनता को िविभन प म सूचनाओ ं को सारत करन े म शािमल
है | इसम बोली जान ेवाली और िलिखत शद और विन , िच कॉल ेज क िडी इस े म
अिधका ंश यवसाय म नौकरी पान े क स ंभावना ब ढ़ा सकती है |
 सारण तकनीिशयन –
सारण तकनीिशयन हम टीवी और र ेिडयो शो , संगीत काय म और समाचार रपोट के
लाइव सारण लात े है | वे उपकरण स ेट अप करत े है, संचािलत करत े है और बनाए रखत े
है जो िसनल क ताकत , पता और विनय , रंग क ेणी को िनय ंित करता ह ै |
यिद इस े म काम करना ह ै तो ॉडकाट ट ेनोलॉजी , इलेॉिनस या क ंयुटर
नेट्विकग म सहयोगी क िडी क आवयकता होगी |
 समाचार ए ंकर
समाचार ए ंकर मौज ूद है और असर िव ेषण करत े ह, टीवी समाचार सारण पर रपोट
करता ह ै वे े पकार से कहािनया ँ पेश करता ह ै वे कभी-कभी िविभन थान पर वय ं
भी जात े है | समाचार ए ंकर असर एक सोशल िमिडया उपिथ ित होती ह ै | munotes.in

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भारत म िडिजलायज ेशन और िहदी
सूचना ौोिगक क े े म िहदी
आधारत रोजगार क स ंभावना
87 इसके िलए पकारता या साम ुिहक स ंचार म नातक क िडी अिज त करनी होगी , लेिकन
कुछ िनयोा नौकरी क े उमीदवार को भत करन े पर िवचार कर गे िजह न अय िवषय म
काम िकया ह ै | सबसे अिधक स ंभावना ह ै, आप एक रपोट र के प म अपनी टीवी य ूज
करयर श ु कर सकत े है |
 फोटोाफर :
कहािनय को बतान े के िलए िच का उपयोग करना , फोटोाफर को िडिजटल या िफम
पर लोगो , थानो , घटनाओ ं और ऑज ेट क छिबय को कैचर करता ह ै | यादातर एक
िवशेष कार क फोटोाफ म िवशेष ह ै, उदाहरण क े िलए – फोटोजन िलजम या िच ,
वािणियक मनोर ंजन या व ैािनक फोटोाफ |
फोटोाफर क े िलए फोटोाफ क े कार क े आधार पर नातक क िडी क आवयकता
हो सकती ह ै | आमतौर पर फोटोजन िलट और यावसाियक और व ैािनक फोटोास के
कॉलेज म जाना चािहए | अय े के िलए तकनीक वीणता पया हो सकती ह ै |
 जनस ंपक िवशेष :
जनसंपक िवशेष या स ंचार या िमिडया िव शेष भी कहा जाता ह ै | कंपिनयो , संगठन या
सरकार से जनता को स ूचना द ेना | वे असर अपन े संदेशो को सारत करन े के िलए
िमिडया का उपयोग करत े है |
सावजिनक स ंबंध िवश ेष क े प म काम करन े के िलए कोई मानक आवयकताए ँ नह ह ै |
कई िनयोा नौकरी क े उमीद वार को िकराए पर ल ेना पस ंद करत े है |
इसके िलए कॉल ेज म जनस ंपक, पकारता , संचार िवापन म मुखता से िवचार करना
चािहए |
 रपोट र –
रपोटर समाचार क कहािनय क जा ँच करता ह ै और िफर जनता को िलिखत प म या
टेलीिवजन या र ेिडयो पर िमलती -जुलती रपोट क रपोट देता है | एक रपोट र को पहली
बार एक कहानी क े बारे म खबर िमलती ह ै और िफर लोग के सााकार घटनाओ ं को
देखरेख और अन ुसंधान करन े से भी तय को ा करन े क कोिशश करता ह ै |
इसके िलए पकारता या ज नसंचार म नातक क िडी आवयक ह ै |


 ांसलेटर या इ ंटरेटर - munotes.in

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िहदी म सूचना ौोिगक

88 अनुवािदक िलिखत शद को एक भाषा स े दूसरी भाषा म बदलत े है | दुभािषय को बोलन े
वाले शद के साथ ऐसा ही करत े है, कुछ लोग दोन करते है लेिकन या दातर एक े म
िवशेष होते है |
अनुवादक या द ुभािषया क े प म काम करन े के िलए दो भाषाओ ं म ान होना चािहए ,
कॉलेज म िकसी एक िवषय म पढ़ना आवयक ह ै | इसके साथ ही संकृित का ान होना
चािहए |
८.४ सारांश
िडिजटलाइज ेशन ने समाज , राजनीित , िशण णाली , आिथक परिथ ित आिद सभी े
म एक म ुकाम हा िसल िकया ह ै | यिद भाषायी स ंदभ क बात क जाए तो स ूचना ौोिगक
इसम े म भी पीछ े नह रही ह ै | सभी े क तरह इस े म भी टायिप ंग से लेकर,
पयवहार , सािहियक सामी आिद अन ेक काय को आसान बना िदया ह ै |
८.५ दीघरी
१) िडिजटलाइज ेशन के दौर म िहदी भाषा का िवकास िकस कार हआ ह ै, सोदाहरण
प किजए |
२) समय क े साथ िडिजटलाइज ेशन और िहदी एक द ुसरे के पयाय बन गए ह ै िववरण
दीिजए |
३) सूचना ौोिगक क े े म िहदी पर आधारत रोजगार क े अवसर कौन कौन स े है,
िवेषण किजए |
४) सूचना ौ ोिगक ने िहदी म नये रोजगार क स ंिध िनमा ण क ह ै | सोदाहरण प
किजए |
८.६ लघुरीय
१) िडिजटल इ ंिडया क े मुख घटक िकतन े माने जाते है ?
उर - तीन
२) मोदी शासन क शीष ाथिमक परयोजना म कौन-सी योजना सिमिलत है ?
उर - राीय सूचना क े क प ुनिनमाण योजना
३) ई- ीिटंस तैयार करन े के िलए कौन स पोट ल तैयार िकया गया है ?
उर - माइगोव पोट ल
४) जनसंपक िवशेष को और या कह सकत े है ?
उर - िमिडया िवश ेष munotes.in

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भारत म िडिजलायज ेशन और िहदी
सूचना ौोिगक क े े म िहदी
आधारत रोजगार क स ंभावना
89 ८.७ संदभ पुतक
1. भूमंडलीकरण और िहंदी - कपना ,
2. जनसंचार और मीिडया लेखन - डॉ. दाय मुमकर ,
3. सूचना ौोिगक और जन-मायम - ो. हरमोहन ,
4. संचार भाषा िहंदी - डॉ. सूयकाश दीित


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